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                <title>Floods In Kerala - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Floods In Kerala RSS Feed</description>
                
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                <title>केरल में बाढ़ का कहर, दीर्घकालीन योजना की कमी का परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[केरल में इस बार बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है। बरसात की इतनी अधिक मार का किसी का भी अंदाजा नहीं था। अब तक 300 से अधिक जिंदगीयां मौत के मुंह समा चुकी हैं। माली नुक्सान बड़े स्तर पर हुआ है। नुक्सान का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि केन्द्र सरकार […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/floods-in-kerala/article-5448"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/floods-in-kerala1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केरल में इस बार बाढ़ ने भयानक तबाही मचाई है। बरसात की इतनी अधिक मार का किसी का भी अंदाजा नहीं था। अब तक 300 से अधिक जिंदगीयां मौत के मुंह समा चुकी हैं। माली नुक्सान बड़े स्तर पर हुआ है। नुक्सान का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि केन्द्र सरकार ने पहले राज्य के लिए 100 करोड़ रूपये की राहत की घोषणा की फिर इसमें 500 करोड़ रूपये की बढ़ोत्तरी की गई। पंजाब सहित अन्य राज्य भी बाढ़ प्रभावित केरल की मदद के लिए आगे आएं हैं। यह तबाही इस बात को फिर से साबित करती है कि प्रकृति का रौद्र रूप बहुत ही भयानक है। केरल में पिछले 100 वर्षांे में यह सबसे भयानक बाढ़ है। दरअसल बरसात के पानी के प्राकृतिक प्रवाह में मानवीय दखल ने अनेक रूकावटें पैदा कर दी हैं, जिससे बाढ़ की समस्या में बढ़ी है। जहां तक बाढ़ की रोकथाम का संबंध है, नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करना होगा। दरअसल बाढ़ दौरान बचाव कार्य ही समस्या का मुकम्मल हल नहीं बल्कि प्रकृति के सभी रूपों जंगलों, पहाड़ों, नदियों व झीलों की महत्तता को भी समझना होगा। जंगल कम होने से बाढ़ की समस्या बढ़ी है। इसलिए पहाड़ी प्रदेशों में वृक्ष लगाने पर जोर देना होगा। नदियों में हो रही अंधाधुंध अवैध खनन रोकनी होगी। पिछले सालों में बाढ़ की समस्या के नए-नए रूप सामने आ रहे हैं। तीन वर्ष पहले पहाड़ी क्षेत्र श्रीनगर समुन्द्र का नजारा बन गया था। मौसम के बदल रहे रंगों के मद्देनजर सरकार बचाओ व राहत प्रबंधों सहित ढ़ांचे का नए सिरे से निर्माण करना होगा। महानगरों में योजनाबंदी पर विशेष ध्यान देना होगा। पिछले वर्षाें में भारी बरसात के कारण महानगर चैन्नई कई दिनों तक पानी से घिरा रहा। इसी वर्ष में मुम्बई भी भारी बरसात का सामना नहीं कर सकी। देश की राजधानी नई दिल्ली भी भारी बरसात के सामने बेबस हो जाती है। दरअसल शहरों में निर्माण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिस कारण पानी की निकासी की कोई दीर्घकालीन योजना नहीं बनाई जा सकी। हमारे देश में हालात यह हैं कि नदियों के बारे में सिर्फ मानसून के नजदीक आकर विचार किया जाता है, लम्बे समय के योजना बनानी तो दूर की बात। विकसित देशों ने प्राकृतिक आपदाओं संबंधी बड़ी योजनाबंदी की है। हमारी सरकारों को इस संबंधी गंभीरता के साथ सोचना होगा।</p>
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                <pubDate>Sat, 18 Aug 2018 21:10:12 +0530</pubDate>
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                <title>केरल में बाढ़ से भारी तबाही अब तक 164 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[कोच्चि (एजेंसी)। केरल में लगातार बारिश के कारण आई प्रलंयकारी बाढ़ (Floods In Kerala) में आठ अगस्त से अब तक 164 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 2875 लोग बेघर हो गये हैं। बाढ़ के कारण राज्य को 68़ 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इडुक्की, वायनाड और मल्लापुरम जिले इस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/floods-in-kerala-164-dead/article-5424"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/floods-in-kerala.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोच्चि (एजेंसी)।</strong> केरल में लगातार बारिश के कारण आई प्रलंयकारी बाढ़ <strong>(Floods In Kerala)</strong> में आठ अगस्त से अब तक 164 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 2875 लोग बेघर हो गये हैं। बाढ़ के कारण राज्य को 68़ 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इडुक्की, वायनाड और मल्लापुरम जिले इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं जहां भूस्खलन की सबसे अधिक घटनाएं हुयी हैं और सर्वाधिक संख्या में लोगों की मौत हुयी है।</p>
<p>राजस्व विभाग की ओर से जारी आंकड़े के अनुसार राज्य को कुल 68.27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। मकानों के ध्वस्त होने से 13.09 करोड़ रुपए और फसलों के बरबाद होने से 55.18करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सूत्रों ने बताया कि राज्य के अलग -अलग हिस्सों में गुरुवार की शाम तक करीब 331 मकान पूरी तरह और 2526 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये जबकि 3393.3200 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल नष्ट हो गयी।</p>
<p>बाढ़ <strong>(Floods In Kerala)</strong> प्रभावित क्षेत्रों से कम से कम 52,856 परिवारों के 2.23 लाख लोगों को सुरक्षित 1568 शिविरों में पहुंचाया गया है। इस प्राकृतिक आपदा <strong>(Floods In Kerala)</strong> के कारण लोगों का जीवन बेहाल है। ग्यारह लोग लापता हैं और 41 लोग घायल हो चुके हैं। सरकार ने भारी बारिश और कई इलाकों के पानी में डूबे होने के कारण सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश की घोषणा कर दी है। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और उसके आसपास के क्षेत्रों में पानी भरे होने के कारण विमानों का परिचालन 26 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।</p>
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                <pubDate>Fri, 17 Aug 2018 17:09:59 +0530</pubDate>
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