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                <title>NCERT - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>NCERT Fake Books Recovered: दिल्ली में एनसीईआरटी की नकली किताबों का भंडाफोड़, गोदाम से 5000 से अधिक पुस्तकें बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[NCERT Fake Books Recovered: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीईआरटी की नकली पाठ्य पुस्तकों के अवैध भंडारण का खुलासा किया है। पुलिस ने शाहबाद दौलतपुर क्षेत्र में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर हजारों फर्जी किताबें बरामद कीं और इस मामले में गोदाम संचालक को गिरफ्तार कर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/racket-involving-fake-ncert-books-busted-in-delhi-over-5000-books-recovered-from-warehouse/article-82266"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-03/arrested5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">NCERT Fake Books Recovered: नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीईआरटी की नकली पाठ्य पुस्तकों के अवैध भंडारण का खुलासा किया है। पुलिस ने शाहबाद दौलतपुर क्षेत्र में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर हजारों फर्जी किताबें बरामद कीं और इस मामले में गोदाम संचालक को गिरफ्तार कर लिया। Delhi News</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान कक्षा पहली से बारहवीं तक की कुल 5011 नकली किताबें जब्त की गईं। इन पुस्तकों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में तैयार कर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि 12 मार्च को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहबाद दौलतपुर स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की नकली किताबें रखी गई हैं। सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान एनसीईआरटी से जुड़े अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने पुस्तकों की जांच करने के बाद पुष्टि की कि ये सभी पुस्तकें असली नहीं हैं, बल्कि अवैध रूप से तैयार की गई प्रतियां हैं। इसके बाद पुलिस ने गोदाम के मालिक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। Delhi News</p>
<h3>आरोपी मूल रूप से बिहार का निवासी है</h3>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि आरोपी मूल रूप से बिहार का निवासी है और वर्ष 2003 में दिल्ली आकर रहने लगा था। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और बाद में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता न मिलने के बाद उसने कुछ वर्ष पहले नकली पुस्तकों के अवैध कारोबार की शुरुआत की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी इस प्रकार के मामलों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी कॉपीराइट कानून के उल्लंघन से जुड़े मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इस प्रकरण में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ कॉपीराइट अधिनियम और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्राइम ब्रांच की टीम अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नकली पुस्तकों की छपाई, भंडारण और वितरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Delhi News</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 16:40:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कक्षा-3 से कॉलेज तक के विद्यार्थी कर सकेंगे आवेदन&amp;#8230;.</title>
                                    <description><![CDATA[ई-रक्षा प्रतियोगिता: साइबर सुरक्षा में एनसीईआरटी दे रहा ईनाम जीतने का मौका श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 (E-Raksha Competition) के 5वें संस्करण की शुरुआत की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने ज्ञान […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/ncert-is-giving-chance-to-win-prize-in-cyber-security/article-48442"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/sri-ganganagar-news.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">ई-रक्षा प्रतियोगिता: साइबर सुरक्षा में एनसीईआरटी दे रहा ईनाम जीतने का मौका</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)।</strong> राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और साइबर पीस फाउंडेशन द्वारा ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 (E-Raksha Competition) के 5वें संस्करण की शुरुआत की जा रही है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने ज्ञान और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उल्लेखनीय है कि प्रतियाेगिता में मूल्यांकन के लिए तीन दौर निर्धारित किए गए हैं। जिसमें ग्रैंड जूरी द्वारा प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष विजेताओं का चयन किया जाएगा। साथ ही विजेता प्रतिभागियों को प्रविष्टियों को एनसीईआरटी और साइबरपीस फाउंडेशन पोर्टल्स पर प्रदर्शित भी किया जाएगा। साथ ही प्रमाण पत्र, ईनाम और ट्रॉफी से सम्मानित भी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ई-रक्षा प्रतियोगिता (E-Raksha Competition) का लक्ष्य आवश्यक सुरक्षा मानदंडों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सभी आयु समूहों के युवाओं को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में सक्षम बनाना है। प्रतियोगिता युवा शिक्षार्थियों, शिक्षकों, स्कूल अधिकारियों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा अवधारणाओं का ठोस और व्यापक अनुभव प्रदान करती है, ताकि वे साइबर सुरक्षा शब्दावली, खतरों, चुनौतियों और सुरक्षा तकनीकों को समझ सकें और अपने स्वयं के सबमिशन को डिजाइन कर सकें।</p>
<h3 style="text-align:justify;">अभिभावकों और शिक्षा अधिकारियों में बढ़ेगा कौशल</h3>
<p style="text-align:justify;">यह प्लेटफॉर्म प्रतिभागियों को अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ाने, डोमेन विशेषज्ञों के साथ सहयोग, नेटवर्क बनाने व साइबर पीस फाउंडेशन और एनसीईआरटी द्वारा आयोजित साइबर शिविरों के दौरान जटिल चुनौतियों को हल करके सीखने का अवसर भी देता है। इससे पहले ई-रक्षा 2019, ई-रक्षा 2020 और ई-रक्षा 2021 और 2022 के पिछले चार संस्करणों को भारत के सभी राज्यों के प्रतिभागियों द्वारा बहुत ही विचारोत्तेजक, मूल्यवान और रचनात्मक प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">प्रतियाेगिता में निःशुल्क है भागीदारी | (Sri Ganganagar News)</h3>
<p style="text-align:justify;">कक्षा 3 के छात्राें के बाद स्कूलों की सभी कक्षाओं के शिक्षक और माता-पिता अथवा देखभाल करने वाले भी प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं, प्रतियाेगिता में भागीदारी के लिए काेई शुल्क निर्धारित नहीं है। प्रतिभागियों को विषय के साथ संरेखित एक कलाकृति (पोस्टर, बैनर), पॉडकास्ट, वीडियो, निबंध, ब्लॉग या एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बनाने और अपलोड करने की आवश्यकता है। प्रविष्टियां हिंदी या अंग्रेजी में भेजी जा सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">फैक्ट फाइल</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रेणी -1. कक्षा 3 से कॉलेज तक के विद्यार्थी<br />
श्रेणी -2. स्कूल और कॉलेज शिक्षक<br />
श्रेणी -3. व्यक्ति या संगठन<br />
श्रेणी -4. माता-पिता और अभिभावक</p>
<p style="text-align:justify;">“ई-रक्षा प्रतियोगिता-2023 में आरबीएसई तथा सीबीएसई के अलावा किसी भी बोर्ड के विद्यार्थी आवेदन कर सकतें हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को www.eraksha.net पर अपनी श्रेणी के अनुसार पंजीकरण करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई है। इसमें अन्य स्रोतों से नकल या कॉपी आदि की गई प्रविष्टियों को अस्वीकार कर दिया जाएगा।”<br />
<strong>-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, विद्यार्थी परामर्श केंद्र, श्रीगंगानगर</strong></p>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा और रोजगार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Jun 2023 16:42:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनमर्जी के प्रकाशकों की पुस्तकें नहीं लगा सकेंगे निजी स्कूल</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा विभाग ने जारी किए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही पढ़ाने के आदेश जारी भिवानी (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकें लागू करने के आदेश जारी किए हैं। अब निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को बच्चों पर नहीं थोप पाएंगे और […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/private-schools-will-not-be-able-to-keep-publishers-books-of-their-own-free-will/article-23463"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/private-schools-will-not-be-able-to-keep-publishers-books-of-their-own-free-will.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>शिक्षा विभाग ने जारी किए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही पढ़ाने के आदेश जारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ न्यूज)</strong>। हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकें लागू करने के आदेश जारी किए हैं। अब निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से निजी प्रकाशकों की पुस्तकों को बच्चों पर नहीं थोप पाएंगे और मोटा मुनाफा नहीं कमा पाएंगे। इसी को लेकर वर्ष 2016 से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी मामला विचाराधीन चल रहा है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने हाई कोर्ट में यह दलील दी थी कि अधिकांश निजी स्कूल अपने मुनाफे व स्वार्थ के लिए निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि 2016 में कुछ निजी स्कूल संगठन ने उनके स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशकों की पुस्तकें लागू किए जाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसी मामले में संगठन की तरफ से भी निजी प्रकाशकों की इस मांग को गलत ठहराया गया था। फिलहाल ये मामला अभी भी हाई कोर्ट में विचाराधीन चल रहा है। लेकिन अब हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें लागू किए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। सैकेंडरी निदेशालय ने ये आदेश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश सचिव भारत भूषण बंसल ने बताया कि हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू करने के आदेश अभिभावकों की लंबी लड़ाई की जीत है। सरकार ने अभिभावकों के लिए ये बेहतर कदम उठाया हैं, अब शिक्षा निदेशालय निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से जुड़ी पुस्तकों को सख्ती से लागू कराए, ताकि अभिभावकों को राहत मिले।</p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 May 2021 19:06:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यार्थियों के लिए सिर्फ बोर्ड की ओर से लगाई गई टेक्स्ट किताबें ही जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[चंडीगढ़(अश्वनी चावला)। पंजाब के सरकारी स्कूलों के सिर पर चल रही प्राईवेट पब्लिशरों की दुकानदारी अब बंद होगी, क्योंकि पंजाब के सरकारी स्कूलों में धड़ल्ले के साथ हो रही गाइडों के प्रयोग को लेकर शिक्षा विभाग (Shiksha Vibhag) ने अब सख़्ती करने की घोषणा कर दी है। स्कूलों में अध्यापक तो दूर की बात, यदि […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/punjab/only-textbooks-put-on-by-the-board-for-students-are-required-shiksha-vibhag/article-5443"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/01-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंडीगढ़(अश्वनी चावला)।</strong> पंजाब के सरकारी स्कूलों के सिर पर चल रही प्राईवेट पब्लिशरों की दुकानदारी अब बंद होगी, क्योंकि पंजाब के सरकारी स्कूलों में धड़ल्ले के साथ हो रही गाइडों के प्रयोग को लेकर शिक्षा विभाग<strong> (Shiksha Vibhag)</strong> ने अब सख़्ती करने की घोषणा कर दी है। स्कूलों में अध्यापक तो दूर की बात, यदि किसी विद्यार्थी ने भी स्कूल में बैठ कर गाईड के द्वारा पढ़ाई करने की कोशिश की तो स्कूल प्रिंसीपल पर इसकी गाज गिरनी तय होगी।</p>
<p>पंजाब के सभी अध्यापकों को अपने अपने स्कूलों में सिर्फ बोर्ड की ओर से तय की गई किताबों के द्वारा ही पढ़ाई करवाई जाएगी, यदि इसके अलावा किसी भी किताब या फिर गाईड का प्रयोग किया गया तो स्कूल प्रिंसीपल इसका जिम्मेदार होगा।</p>
<p>शिक्षा विभाग <strong> (Shiksha Vibhag)</strong> की ओर से बीते दिन जारी किए पत्र में पंजाब के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी व स्कूल प्रिंसीपलों को हिदायत की गई है कि आज के बाद किसी भी सरकारी स्कूल में किसी भी तरह के प्राईवेट पब्लिशर की प्रविष्टि नहीं होगी व कोई भी अध्यापक उनसे सैंपल के तौर पर किसी भी तरह की हेल्प किताब या फिर गिफ्ट नहीं लेगा।</p>
<p>इस तरह प्राईवेट पब्लिशर की सरकारी स्कूलों में का मुकम्मल दाखिल होने पर ही पाबंदी होगी व इसे लागू करवाने संबंधी सारी जिम्मेदारी खुद स्कूल प्रिंसीपल की होगी। पत्र में यह भी लिखा हुआ है कि विद्यार्थियों के लिए सिर्फ बोर्ड की ओर से लगाई गई टेक्स्ट किताबें ही जरूरी हैं और इसके अलावा कोई भी गाईड का प्रयोग करना जरूरी नहीं है परंतु स्कूलों में विद्यार्थियों सहित खुद अध्यापक किताबों का प्रयोग करने में लगे हुए हैं। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त त नहीं किया जाएगा।</p>
<h2>विद्यार्थियों को तो क्या रोकना था अध्यापक खुद करते हैं प्रयोग: डॉयरैक्टर</h2>
<p>एनसीईआरटी के डायरैक्टर इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि गाईड का प्रयोग करने के लिए विद्यार्थियों को तो क्या रोकना था, अध्यापक खुद स्कूलों में इसका प्रयोग करने में लगे हुए हैं। यह बहुत ही अधिक बुरी बात है। इस संंबंधी पहले भी पत्र भेज कर रोका गया था परन्तु अध्यापकों की तरफ से आदेश नहीं माने गए थे परन्तु अब उस सख़्ती के साथ अध्यापकों के साथ ही स्कूल प्रिंसीपल के खिलाफ भी कार्रवाई करने जा रहे हैं।</p>
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                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Aug 2018 19:07:51 +0530</pubDate>
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