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                <title>Satyapal Malik - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>चुनाव में अखिलेश और जयंत की मदद करूंगा: सत्यपाल मलिक</title>
                                    <description><![CDATA[बागपत (सच कहूँ न्यूज)। मेघालय के राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने मोदी सरकार के विरुद्ध राजनीतिक हमला तेज करते हुए दो टूक कहा है कि अगले चुनाव में वह समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की मदद करेंगे, हालांकि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/satyapal-malik-support-samajwadi-party/article-38674"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/governor-satyapal-malik.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बागपत (सच कहूँ न्यूज)।</strong> मेघालय के राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने मोदी सरकार के विरुद्ध राजनीतिक हमला तेज करते हुए दो टूक कहा है कि अगले चुनाव में वह समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की मदद करेंगे, हालांकि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे। राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद मलिक बागपत स्थित अपने पैतृक गांव हिसावदा में पहुंचे थे। गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने उनका सम्मान किया और उन्होंने सभी के साथ सहभोज किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार पर पहले से ज्यादा हमलावर होते हुए मलिक ने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है। भावी योजना के बारे में मलिक ने कहा,‘मैं कोई राजनीतिक पार्टी ज्वाइन नहीं करूंगा, न चुनाव लडूंगा, लेकिन किसानों की लड़ाई जरूर लडूंगा। इस लड़ाई में चौधरी चरण सिंह का पोता होने के कारण जयंत सिंह और मुलायम सिंह का बेटा होने के कारण अखिलेश यादव की मदद करूंगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>किसानों के बेटों के लिए रोजगार का संकट</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूर्व राज्यपाल मलिक ने बतौर राज्यपाल अपने अनुभव को बेहतर बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से काम किया। जब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म किया, तो महबूबा मुफ्ती कहती थी कि यहां खून की नदियां बह जाएंगी। एक गोली भी नहीं चलानी पड़ी। हालांकि, उन्होंने सेवानिवृत्त होने के बाद मोदी सरकार द्वारा उनके खिलाफ भी कोई कार्रवाई करने की आशंका से इंकार नहीं किया। मलिक ने कहा, ‘मुझ पर भी ये लोग कुछ जरूर करेंगे। जम्मू-कश्मीर की सभी फाइलों की जांच करा लो या तलाशी ले लो, लेकिन मेरा कुछ होगा ही नहीं। मैं फकीर आदमी हूं, मेरे यहां धेला नहीं मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">देश की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से लोग पहले ही परेशान हैं। किसानों को गन्ने की बकाया भुगतान नहीं मिल रहा और उसके दाम भी नहीं बढ़ रहे। अब अग्निवीर योजना लाकर किसानों के बच्चों का भविष्य भी खराब कर दिया। मलिक ने कहा कि किसानों के बेटों के लिए रोजगार का संकट है। नौकरी भी केवल तीन साल की कर दी गई और कोई पेंशन नहीं है। इस वक्त पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। मुजफ्फरनगर में अभी अग्निवीर की भर्ती चल रही है। युवक सड़कों पर सोते हैं और उनको खाना तक नहीं मिलता है। अग्निवीर योजना लाकर किसानों के बच्चों का भविष्य भी खराब कर दिया।</p>
<p>यह भी पढ़ें – <a title="रावण के पुतले में 7 बार आग लगाने पर भी नहीं जला, पुतला नीचे गिरा और लोगों ने पटाखे लूटे" href="http://10.0.0.122:1245/ravana-effigy-didnt-burn-in-kota-city/">रावण के पुतले में 7 बार आग लगाने पर भी नहीं जला, पुतला नीचे गिरा और लोगों ने पटाखे लूटे</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Oct 2022 10:48:29 +0530</pubDate>
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                <title>गोवा के राज्यपाल मलिक का मेघालय तबादला, कोश्यारी को गोवा का प्रभार</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली l गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का तबादला मेघालय किया गया है, जबकि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। राष्ट्रपति भवन से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्री मलिक को गोवा से हटाकर मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके परिणामस्वरूप गोवा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/goa-governor-malik-transferred-to-meghalaya-koshyari-transferred-to-goa/article-17647"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-08/goa-governor-malik-transferred-to-meghalaya-koshyari-transferred-to-goa.gif" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली</strong> l गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का तबादला मेघालय किया गया है, जबकि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। राष्ट्रपति भवन से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्री मलिक को गोवा से हटाकर मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया है। इसके परिणामस्वरूप गोवा के राज्यपाल की खाली सीट का अतिरिक्त प्रभार कोश्यारी को सौंपा गया है। ये दोनों नियुक्तियां उनके कार्यभार संभालने के दिन से प्रभावी होंगी।</h6>
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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2020 13:07:09 +0530</pubDate>
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                <title>असली चेहरा सामने आ गया</title>
                                    <description><![CDATA[नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का खतरा है। अगर दिल्ली की तरफ देखता तो लोन की सरकार बनती और मंैं इतिहास में एक बेईमान आदमी के तौर पर जाना जाता। इसलिए मैंने ये कदम उठाया। अब ये गाली देंगे लेकिन मैं कन्विंस हूं मैंने सही किया।’ ये शब्द जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Jammu […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/jammu-and-kashmir-governor-satyapal-malik/article-6802"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/governor-satyapal-malik.jpg" alt=""></a><br /><h2>नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का खतरा है।</h2>
<p>अगर दिल्ली की तरफ देखता तो लोन की सरकार बनती और मंैं इतिहास में एक बेईमान आदमी के तौर पर जाना जाता। इसलिए मैंने ये कदम उठाया। अब ये गाली देंगे लेकिन मैं कन्विंस हूं मैंने सही किया।’ ये शब्द जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Jammu and Kashmir Governor Satyapal Malik) के हैं। यही नहीं अगले दिन उन्होंने कहा ‘अपने आपमें पता नहीं कब तबादला हो जाए। नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का खतरा है।’ वस्तुत: ये बयान देकर उन्होने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया है और इस तरह से उन्होंने भारत की राजनीति के एक रहस्य को उजागर कर दिया है।</p>
<h2>भाजपा के 26 और 18 अन्य विधायकों का समर्थन प्राप्त है</h2>
<p>अपनी बात स्पष्टत: कहकर मलिक ने नि:संदेह इस बात का खुलासा कर दिया कि केन्द्र चाहता था कि वे दो विधायकों वाली सज्जाद लोन की पीपुल्स कांफ्रेंस की सरकार बनाए जो दावा कर रहे थे कि उन्हें भाजपा के 26 और 18 अन्य विधायकों का समर्थन प्राप्त है। दूसरी ओर महबूबा मुफ्ती की पीडीपी ने अपने 28 विधायकों, अब्दुला की नेशनल कांफ्रेस के 15 और राहुल की कांग्रेस के 12 विधायकों के साथ गठबंधन कर 87 सदस्यीय विधान सभा में 56 सदस्यों के समर्थन का दावा कर अपनी सरकार बनाने का दावा रखा था। यह एक तरह से मई में कर्नाटक, मार्च में मेघालय, और पिछले वर्ष गोवा और मणिपुर की पुनरावृति होती जब राज्यपालों ने उन राज्यों में भाजपा की सरकार बनाई।</p>
<h2>1971 के दौरान राज्यपाल के पद का दुरूपयोग करते हुए 27 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया</h2>
<p>हालांकि पार्टी को उन रज्यों में बहुमत प्राप्त नहीं था। राज्यपालों द्वारा नियमों की गलत व्याख्या और अपनी मर्जी से व्याख्या करना आम बात हो गयी है। वे अक्सर अपने निष्कर्ष निकालते हैं और केन्द्र में अपने माई-बाप की मर्जी के अनुसार निर्णय देते हैं। 2008 में मेघालय, 2007 और 2011 में कर्नाटक, 2005 में गोवा, बिहार और झारखंड इसके उदाहरण हैं। 1971-81 के दौरान राज्यपाल के पद का दुरूपयोग करते हुए 27 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया थ और 1983 आते आते 70 बार राज्यों में राष्ट्रपति शसन लगा दिया गया था।</p>
<p>क्षेत्रीय पार्टियों की सरकारों जैसे संयुक्त मोर्चा, जनता पार्टी और तीसरे मोर्चे की सरकारों ने राज्यपाल को अपना पिछलग्गू बनाकर इस पद का उपयोग, दुरूपयोग और कुप्रयोग किया तथा विपक्ष शासित राज्यों की सरकारें गिराने के लिए इस पद का दुरूपयोग किया गया। केन्द्र की मर्जी के चलते विभिन्न राज्यों में 120 बार अनुच्छेद 356 लागू किया गया और जब इसे लागू किया गया तो इसकी बहुत आलोचना हुई किंतु उसका उपयोग सभी दलों ने किया। इसलिए इस संविधान निमार्ताओं ने कभी इस बात की कल्पना भी नहीं की होगी।</p>
<h2>वर्तमान में 60 प्रतिशत राज्यपाल सक्रिय राजनेता हैं</h2>
<p>आज राज्यपाल की नियुक्ति का मानदंड यह नहीं रह गया कि वह प्रतिष्ठित व्यक्ति होे और उसकी सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता संदेह से परे हो अपितु वह केन्द्र का यस मैन हो। इससे स्थिति ऐसी बन गयी है कि वर्तमान में 60 प्रतिशत राज्यपाल सक्रिय राजनेता हैं और बाकी आज्ञाकारी नौकरशाह, पुलिस अधिकारी और सैन्य अधिकारी हैं। वस्तुत: यह पद आज्ञाकारी अधिकारियों के लिए सेवानिवृति के बाद का विदाई उपहार बन गया है। जिससे स्पष्ट होता है कि विशेषकर विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपाल केन्द्र का एक औजार बन गया है।</p>
<p>शासन आज नौटंकी बन गयी है और इसके नियमों को बदला जा रहा है, लोकतंत्र को पलटा जा रहा है, नियमों को तोडा-मरोडा जा रहा है। मोदी का राजग भी वीपी सिंह के राष्ट्रीय मोर्चा, वाजपेयी के राजग या 2004 के संप्रग से अलग नहंी है। जिन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा नियुक्त राज्यपालों से त्यागपत्र दिलाया। 2014 के बाद नौ राज्यपालों ने त्यागपत्र दिया है। केरल की शीला दीक्षित, महाराष्ट्र के शंकर नारायण, पश्चिम बंगाल के नारायणन, उत्तर प्रदेश में जोशी, पुडुचेरी में कटारिया, गोवा में वांचू, नागालैंड में अश्विनी कुमार, छत्तीसगढ मे शेखर दत्त और मिजोरम में पुरूषोत्तमन ने त्यागपत्र दिया। हालांकि इस संबंध में 2010 में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया था कि सरकार बदलना राज्यपाल बदलने का मानदंड नहीं है भले ही वे नीतियों और राजनीतिक विचारधारा में केन्द्र से अलग रूख क्यों न अपनाते हों।</p>
<p style="text-align:right;"><strong>पूनम आई कौशिश</strong></p>
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                <pubDate>Tue, 04 Dec 2018 10:02:01 +0530</pubDate>
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                <title>मलिक ने ली जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर (एजेंसी)। सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने वीरवार को यहां राजभवन में जम्मू-कश्मीर के 13वें राज्यपाल के पद की शपथ ली। बिहार के पूर्व राज्यपाल मलिक (70) को उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। एक विशेष विमान से बुधवार को यहां पहुंचे मलिक ने अंग्रेजी में शपथ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/satyapal-malik-sworn-in-as-governor-of-jammu-and-kashmir/article-5528"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-08/satyapal-malik.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर (एजेंसी)।</strong> सत्यपाल मलिक <strong>(Satyapal Malik)</strong> ने वीरवार को यहां राजभवन में जम्मू-कश्मीर के 13वें राज्यपाल के पद की शपथ ली। बिहार के पूर्व राज्यपाल मलिक (70) को उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी।</p>
<p>एक विशेष विमान से बुधवार को यहां पहुंचे मलिक ने अंग्रेजी में शपथ ली। इस अवसर पर राज्यपाल के सलाहकार, मुख्य सचिव और बड़ी संख्या में नेता, प्रशासन, सेना एवं पुलिस के आला अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p>मलिक ने एन एन वोहरा का स्थान लिया है जिनका पिछले महीने दो बार का कार्यकाल पूरा हो गया। मलिक राज्य में सुरक्षा स्थिति और विकास गतिविधियों की समीक्षा के लिए आज उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंध सरकार से भाजपा के समर्थन वापस लेने के कारण मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के इस्तीफा देने के बाद 20 जून से राज्यपाल का शासन है।</p>
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<p> </p>
<p> </p>
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                <pubDate>Thu, 23 Aug 2018 17:00:07 +0530</pubDate>
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