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                            <item>
                <title>नए साल पर एसबीआई का तोहफा, होम लोन पर ब्याज दर घटाई</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को नए साल पर बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने सोमवार को होम लोन बाहरी बेंचमार्क दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><h1>बैंक भारतीय स्टेट बैंक <strong> की</strong> नई दरें 1 जनवरी 2020 से होंगी लागू | Home Loan</h1>
<ul>
<li>8.15 से अब 7.90 फीसदी की दर से ब्याज दर देना होगा।</li>
</ul>
<h5>Edited By Vijay Sharma</h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी) । </strong>भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को नए साल पर बड़ा तोहफा दिया है। बैंक ने सोमवार को होम लोन <strong>(Home Loan)</strong> बाहरी बेंचमार्क दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की घोषणा की। इस कटौती के बाद एसबीआई की होम लोन की दरें 7.90 फीसदी हो जाएंगी। यह नई दरें 1 जनवरी 2020 से लागू होंगी।एसबीआई हर तिमाही में अपने रेट को रिवाइज करता है।</p>
<h2>अभी एसबीआई का न्यूनतम होम लोन रेट 8.15 फीसदी है | Home Loan</h2>
<p style="text-align:justify;">अभी एसबीआई का न्यूनतम होम लोन रेट 8.15 फीसदी है। इस ताजा कटौती के बाद एक जनवरी से बैंक का न्यूनतम होम लोन रेट घटकर 7.90 फीसदी पर आ जाएगा। यानी 1 जनवरी 2020 से जो भी ग्राहक एसबीआई से होम लोन लेंगे। उन्हें 7.90 फीसदी की दर से ब्याज दर देना होगा। एसबीआई इस साल में अब तक एक साल की मार्जिनल कॉस्ट लैंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 65 आधार अंकों की कटौती कर चुका है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">एसबीआई ने घटाई ब्याज दर</h2>
<h2 style="text-align:justify;">| Home Loan</h2>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>दिसंबर में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए होम लोन पर ब्याज दरों में कटौती की है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने का बाद भी ब्याज दरों में कटौती करने वाला एसबीआई पहला बैंक बन गया है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>आरबीआई इस साल में 135 आधार अंकों तक की कटौती कर चुका है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> जबकि बैंकों ने नए लोन के मामले में अधिकतम 44 आधार अंकों तक की कटौती की है।</strong></li>
</ul>
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<p>SBI, Reduced, Interest, Rate, Home, Loan</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/sbi-reduced-interest-rate-on-home-loan/article-12094</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Dec 2019 12:21:51 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>HDFC बैंक ने घटाई ब्याज दरें, सस्ते हुए होम, ऑटो और पर्सनल लोन</title>
                                    <description><![CDATA[एचडीएफसी बैंक की इस घोषणा के बाद ग्राहकों का ईएमआई का बोझ घटेगा |HDFC Edited By Vijay  Sharma नई दिल्ली (सच कहूँ बिजनेस डेस्क)। SBI के बाद अब देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी (HDFC) ने भी ब्याज दरें घटाने की घोषणा की है। बैंक ने सभी अवधियों के लिए एमसीएलआर (Marginal Cost of […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/hdfc-bank-reduced-interest-rates/article-11720"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-12/hdfc.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;"><strong>एचडीएफसी बैंक की इस घोषणा के बाद ग्राहकों का ईएमआई का बोझ घटेगा |HDFC </strong></h2>
<h5><strong>Edited By Vijay  Sharma</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ बिजनेस डेस्क)।</strong> SBI के बाद अब देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी<strong> (HDFC)</strong> ने भी ब्याज दरें घटाने की घोषणा की है। बैंक ने सभी अवधियों के लिए एमसीएलआर (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) दरें घटाने की घोषणा की है। बैंक ने MCLR दरें 0.15 फीसद तक घटाई हैं। इससे बैंक के ग्राहकों के लिए अब होम, ऑटो और पर्सनल लोन सस्ते हो गए हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>एचडीएफसी बैंक की इस घोषणा से ग्राहकों को काफी फायदा हुआ है। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>इससे पहले नवंबर में बैंक ने सभी अवधियों की एमसीएलआर में 0.10 फीसद तक की कटौती की थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बैंक की वेबसाइट के अनुसार नई ब्याज दरें सात दिसंबर 2019 से प्रभावी हो गई हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> इससे पहले एसबीआई ने एक साल के एमसीएलआर को 0.10 फीसद कम करने की घोषणा की थी। </strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>बैंक की इस घोषणा के अनुसार, अब 10 दिसंबर यानी आज से SBI का एक साल का MCLR 7.90 फीसद रह गया है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> पहले यह 8 फीसदी था।</strong></li>
</ul>
<h2 style="text-align:justify;">कम हो जाएगा EMI का बोझ</h2>
<p style="text-align:justify;">एचडीएफसी बैंक की इस घोषणा के बाद ग्राहकों का ईएमआई का बोझ घट जाएगा।इस फैसले से ईएमआई 0.15 फीसद तक सस्ती हो गई है। अब छह महीने की एमसीएलआर 0.10 फीसद की कमी के साथ 8 फीसद, एक साल की एमसीएलआर 0.15 फीसद की कटौती के साथ 8.15 फीसद, दो साल की एमसीएलआर 0.15 फीसद की कटौती के साथ 8.25 फीसद और तीन साल की एमसीएलआर भी 0.15 फीसद की ही कमी के साथ 8.35 फीसद पर आ गई है।</p>
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<p>HDFC, Bank, Reduced, Interest, Rates</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/business/hdfc-bank-reduced-interest-rates/article-11720</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Dec 2019 11:18:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक अप्रैल से नए मानकों पर तय होंगी होम लोन और ऑटो लोन की ब्याज दरें</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने प्रस्तावित किया है कि (April  new  interest rates of home loans and auto loans.) अगले साल एक अप्रैल से पर्सनल, होम, ऑटो और सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों (एमएसई) के कर्जों पर फ्लोटिंग ब्याज दरें रेपो दर या ट्रेजरी यील्ड जैसे बाहरी मानकों से […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/april-new-interest-rates-of-home-loans-and-auto-loans/article-6844"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/home-lone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)।</strong> अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने प्रस्तावित किया है कि<strong> (April  new  interest rates of home loans and auto loans.)</strong> अगले साल एक अप्रैल से पर्सनल, होम, ऑटो और सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों (एमएसई) के कर्जों पर फ्लोटिंग ब्याज दरें रेपो दर या ट्रेजरी यील्ड जैसे बाहरी मानकों से जोड़ी जाएंगी। गौरतलब है कि आरबीआई ने बीते दिन हुई अपनी समीक्षा बैठक में नीतिगत ब्याज दरों को यथावत रखा है।जानकारी के लिए आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने एमसीएलआर प्रणाली की समीक्षा के लिए एक आंतरिक अध्ययन समूह का गठन किया था और इसी समूह ने फ्लोटिंग ब्याज दरों को बाह्य मानकों से जोड़ने का सुझाव दिया है।</p>
<h3>अंतिम दिशानिर्देश को इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा</h3>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान समय में बैंक अपने कर्ज पर दरों को प्राइम लेंडिंग रेट (पीएलआर), बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (बीपीएलआर), बेस रेट तथा अपने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) जैसे आंतरिक मानकों के आधार पर तय करते हैं। केंद्रीय बैंक के ‘विकासात्मक और नियामकीय नीतियों पर बयान’ में कहा गया है कि बाहरी मानकों से ब्याज दर को जोड़े जाने को लेकर अंतिम दिशानिर्देश को इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आरबीआई की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “यह प्रस्तावित किया जाता है कि पर्सनल या होम एवं ऑटो लोन तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए सभी नई फ्लोटिंग ब्याज दरें एक अप्रैल से (रिजर्व बैंक की ओर से तय) रेपो दर या 91/182 (91 दिन/182 दिन) के ट्रेजरी बिल (सरकारी बॉण्डों) पर यील्ड (निवेश-प्रतिफल) या फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एफबीआईएल) की ओर से तय की जाने वाली किसी अन्य मानक बाजार ब्याज दर से संबद्ध होंगी।”</p>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Dec 2018 10:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने ब्याज दरें 0.25% बढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[इसका असर : बढ़ सकती है आपकी ईएमआई | RBI News नई दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद महंगाई बढ़ने की चिंता के मद्देनजर आरबीआई ने नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। मौद्रिक नीति समिति की दूसरी द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद रीपो रेट […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/rbi-increase-interest-rate/article-4000"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-06/rbi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">इसका असर : बढ़ सकती है आपकी ईएमआई | RBI News</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद महंगाई बढ़ने की चिंता के मद्देनजर आरबीआई ने नीतिगत दरों में 0.25 फीसदी की वृद्धि कर दी है। मौद्रिक नीति समिति की दूसरी द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद रीपो रेट में और रीवर्स रीपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की गई, जबकि सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिवर्स रीपो रेट अब 6 फीसदी हो गया है। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;">तो रीपो रोट बढ़कर 6.25 फीसदी हो गया है। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है जब नीतिगत दरों में वृद्धि की गई है। आरबीआई के इस कदम से कर्ज महंगे हो जाएंगे और आपकी ईएमआई बढ़ जाएगी। आरबीआई ने 2018-19 की पहली छमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8-4.9 प्रतिशत और दूसरी छमाही के लिए 4.7 प्रतिशत किया। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। सभी एमपीसी सदस्यों ने दरों में वृद्धि के पक्ष में वोट किया। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बैठक के बाद कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की क्षमता बढ़ी है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में खपत बढ़ रही है। मॉनसून अच्छा रहने का अनुमान है, इसलिए पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है। आरबीआई को पता है कि अगर कच्चे तेल के दाम नई ऊंचाई तक पहुंचे तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ना तय है। आरबीआई के पास मार्केट में मनी फ्लो रोकने और डिमांड कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने यानी लोन को महंगा करने के अलावा चारा नहीं था। (RBI News)</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रेपो रेट क्या है ?</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li style="text-align:justify;">जिस दर पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है।</li>
<li style="text-align:justify;">बैंक इस कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं</li>
<li style="text-align:justify;">रेपो रेट घटने से लोन सस्ता होने की उम्मीद बढ़ती है।</li>
</ul>
<h3 style="text-align:justify;">रिवर्स रीपो रेट का होता | RBI News</h3>
<h3 style="text-align:justify;">है यह मतलब | RBI News</h3>
<p style="text-align:justify;">नाम के ही मुताबिक रिवर्स रीपो दर ऊपर बताए गए रीपो दर से उलटा होता है। बैंकों के पास दिन भर के कामकाज के बाद बहुत बार एक बड़ी रकम शेष बच जाती है। बैंक वह रकम अपने पास रखने के बजाय रिजर्व बैंक में रख सकते हैं, जिस पर उन्हें रिजर्व बैंक से ब्याज भी मिलता है। जिस दर पर यह ब्याज मिलता है, उसे रिवर्स रीपो दर कहते हैं। रेपो रेट बढ़ने से आपकी ईएमआई में भी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। बैंक अब कार लोन, होम लोन जैसे कर्ज पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। (RBI News)</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्रेडिट पॉलिसी की खास बातें | RBI News</h3>
<ol>
<li style="text-align:justify;">आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 का जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है।</li>
<li style="text-align:justify;">रिटेल महंगाई दर का अनुमान बढ़ा दिया गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">अप्रैल-सितंबर के बीच 7.5-7.6 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान दिया है।</li>
<li style="text-align:justify;">अक्टूबर-मार्च के दौरान 7.3-7.4 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान आरबीआई ने दिया है।</li>
<li style="text-align:justify;">पहले आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018-19 की पहली तिमाही में ग्रोथ का अनुमान 7.3-7.4 फीसदी रहने का अनुमान दिया था और अब कहा कि पहली छमाही बेहतर होगी और दूसरी छमाही में थोड़ी गिरावट देखी जा सकती है।</li>
<li style="text-align:justify;">अप्रैल-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.8-4.9 फीसदी रहने का अनुमान है।</li>
</ol>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jun 2018 20:42:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत के हित संकट में</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच युद्ध का प्रलाप पिछले कुछ दिनों से कुछ शांत हुआ है। तथापि दोनों पक्षों के बीच युद्ध होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है, जब तब शीघ्रातिशीघ्र कुछ कूटनयिक कदम न उठाए जाएं। जैसा कि सबको मालूम है कि उत्तर कोरिया ने अमेरिका के प्रांत गुआम पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/indias-interest-in-crisis/article-3226"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/us.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच युद्ध का प्रलाप पिछले कुछ दिनों से कुछ शांत हुआ है। तथापि दोनों पक्षों के बीच युद्ध होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है, जब तब शीघ्रातिशीघ्र कुछ कूटनयिक कदम न उठाए जाएं। जैसा कि सबको मालूम है कि उत्तर कोरिया ने अमेरिका के प्रांत गुआम पर बम गिराने की धमकी दी थी और अमेरिका ने इस पर जोरदार पलटवार करने की बात कही थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पूर्ववर्तियों के विपरीत पहले ही युद्ध का बिगुल बजा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा यदि उत्तर कोरिया ने ऐसी कोई हिमाकत की, तो अमेरिका उत्तर कोरिया पर इतनी आग बरसाएगा जैसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की सेना उत्तर कोरिया पर टूट पड़ने के लिए तैयार है। चीन जो उत्तर कोरिया का स्वाभाविक मित्र है, भी इस विवाद में कूदा और उसने दोनों पक्षों से शांति बरतने की अपील की। उत्तर कोरिया ने चीन की सलाह पर ध्यान दिया, क्योंकि उत्तर कोरिया को परमाणु संपन्न सेना बनाने में चीन का ही हाथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि युद्ध होता है, तो चीन के पास उत्तर कोरिया को बचाने का एकमात्र विकल्प होगा। चीन का उत्तर कोरिया में बहुत कुछ दांव पर लगा है। उत्तर कोरिया के कुल व्यापार में से 90 प्रतिशत पर चीन का नियंत्रण है। उत्तर कोरिया का सैन्य और परमाणु शस्त्रागार पूरी तरह चीन द्वारा निर्मित है। चीनियों का मानना है कि चीन और उत्तर कोरिया के संबंध उतने ही नजदीकी हैं, जितने कि होंठ और दांत।</p>
<p style="text-align:justify;">अत: यदि चीन उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच इस विवाद में कूदता है, तो क्या भारत पीछे रह सकता है! भारत और चीन दोनों ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे को अकड़ दिखा रहे हैं अ‍ैर वर्तमान में दोनों के बीच डोकलाम को लेकर पिछले दो महीनों से विवाद चल रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही लद्दाख सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच भिड़ंत हुई थी।<br />
कोरिया प्रायद्वीप पर भारत का बहुत कुछ दांव पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत को उत्तर कोरिया से सजग रहना चाहिए क्योंकि भारत के दक्षिण कोरिया के साथ गहन व्यापारिक संबंध है और दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया की आक्रामकता और परमाणु क्षमता का प्रथम निशाना है। उत्तर कोरिया ने पाकिस्तान के परमाणु प्रक्रिया और कश्मीर पर पाकिस्तान के पक्ष का समर्थन किया है। तथापि वह चीन का सबसे करीबी सहयोगी है। अत: भारत को इस बारे में सजग रहना होगा। हाल ही में अमेरिका के एडमिरल हैरी हैरिस ने भारत से इस संबंध में अपनी भूमिका निभाने का अनुरोध करते हए कहा था ‘‘भारत की आवाज एक ऊंची आवाज है और लोग उसकी आवाज पर ध्यान देते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर कोरिया में युद्ध जैसी स्थिति तब पैदा हुई, जब उत्तर कोरिया ने दो अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया जो परमाणु आयुद्ध ले जाने में सक्षम है और अमेरिका के किसी भी क्षेत्र पर हमला कर सकती है। उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के पीछे चीन का सक्रिय सहयोग रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने इराक और अफगानिस्तान में अमेरिका के आक्रमण को देखते हुए स्वयं की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम उठाए। सभी जानते है कि अमेरिका हमेशा से दक्षिण कोरिया का पक्ष लेता रहा है और उसका प्रयास रहा है कि उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षा कोरिया प्रायद्वीप की शांति के प्रतिकूल न हो। अमेरिका दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करता रहा है और इसके 28000 सैन्य दस्ते दक्षिण कोरिया में तैनात हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन उत्तर कोरिया की सैन्य रूप से सहायता करता रहा है क्योंकि वह अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा संयुक्त रूप से इस क्षेत्र में थाड तंत्र की तैनाती से चिंतित है। इसमें लगा हुआ शक्तिशाली राडार दूर चीन तक निगाह रख सकता है। हालांकि, वर्तमान राष्ट्रपति किम जुंग उन चीन के नियंत्रण में नहीं है अत: चीन भी उन देशों में शामिल हो गया जिन्होनें उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन उत्तर कोरिया को लेकर असमंजस की स्थिति में है। यदि युद्ध होता है तो अमेरिका को तुंरत दक्षिण कोरिया और जापान एवं इसके अन्य सहयोगियों का सहयोग मिलेगा औरे ऐसे में यह युद्ध पूर्वी चीन और उत्तर चीन तक फैल सकता है। शी जिनपिंग सरकार ने उत्तर कोरिया को कोयला, लौह अयस्क और समुद्री भोजन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। परन्तु क्या चीन इन प्रतिबंधों को लागू करने में सक्षम है? क्या चीन अमेरिका की उत्तर कोरिया को तेल और गैस की बिक्री पर रोक, उत्तर कोरिया की चाइनीज बैंक तक पहुंच और सीमा पार उपभोक्ता वस्तुओं के व्यापार को रोकने की इच्छा को पूरा करेगा? निश्चित रूप से नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन का एशिया में उसके सबसे बड़े प्रतिद्विंदी भारत के साथ एक लंबा सीमा विवाद रहा है, ऐसे में वह नहीं चाहेगा कि उतरी कोरिया और अमेरिका के बीच विवाद और उग्र रूप ले। परन्तु ट्रंप के अप्रत्याशित और आक्रामक रवैये से चीन पशोपेश में है। ट्रंप ने डोकलाम मददे पर भारत का समर्थन किया है। डोकलाम पर अमेरिका और ब्रिटेन ने चीन के बजाय भारत का पक्ष लिया है। मेघनाद देसाई के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप इस विवाद पर एक दूसरे से प्रत्यक्ष रूप से संपर्क में हैं। जब ट्रंप ने मोदी को स्वाधीनता दिवस की बधाई दी तो मोदी ने उत्तर कोरिया पर उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर उनकी प्रशंसा की।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत कोरिया प्रायद्वीप मसले पर पूर्व में भी भारत की भूमिका रही है परन्तु यह उतना प्रभावशाली नहीं रही क्योंकि यह सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य नहीं है। दूसरा, एक गुट निरपेक्ष देश के रूप में भारत को तीसरे विश्व के देशों का समर्थन रहा है परन्तु यह इतना प्रभावशाली नहीं रहा। अब भारत को अमेरिका, इज्रराइल, जापान एवं अन्य यूरोपियन देशों के सहयोगी के रूप में देखा जाता है। अत: इससे अधिक ध्यान आकर्षित होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ हमेशा से दादागिरी करता आया है। यह भारत के पड़ोसी देशों को व्यापार, निवेश और आर्थिक सहायता के बल पर खरीद रहा है। जैसा कि कार्ल मार्क्स ने कहा था कि पूंजीवाद साम्राज्यवाद की ओर ले जाता है और चीन खतरनाक रूप से इसी पथ का अनुसरण कर रहा है। भारत को चीन को दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया मुद्दे पर उलझाए रखने की आवश्यकता है और चीन को यह महसूस कराने की आवश्यकता है कि चीन चारों ओर अपना वर्चस्व स्थापित नहीं कर सकता, अपनी आर्थिक सुदृढ़ता पर इतरा नहीं सकता और उत्तर और दक्षिण कोरिया एवं भारत एवं पाकिस्तान के बीच टकराव को भड़का नहीं सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन की नीतियों ने विभिन्न संघर्षरत क्षेत्रों में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है जो कि किसी भी समय विस्फोटक रूप ले सकती है। जहां वह यह जानता है कि कैसे सस्ते श्रम से पैसा कमाया जाए, वहीं दूसरी ओर उसने कूटनयिक कुशलता को सीमित कर दिया है। वह संघर्ष तो पैदा कर सकता है परन्तु उसको शांत नहीं कर सकता। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि जापान और अमेरिका उत्तर कोरिया में एक सीमित सैन्य टकराव की ओर बढ़ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही बात चीन के बारे में दक्षिणी चीन सागर, डोकलाम और भारत के अन्य सीमान्त क्षेत्रों के बारे में कही जा सकती है। उत्तर कोरिया ने भारत को एक अवसर दिया है कि वह चीन के समक्ष इस तथ्य को सिद्ध करे कि अपनी आर्थिक शक्ति के बल पर वह दूसरों के साथ दादागिरी नहीं कर सकता है। सिद्धान्त, कानून, संधियां और समझौते हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को परिचालित करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>-डॉ. डीके गिरी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Aug 2017 22:58:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>सरकार जनहित के कार्यों को लेकर गंभीर : राजे</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने जन संवाद में दिए जवाब बाड़मेर की रिफाइनरी तब लगेगी, जब उसका फायदा राजस्थान को होगा JaiPur, SachKahoon News: राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आकाशवाणी के जरिये जनता से सीधा संवाद किया और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनहित के कार्यों को पूरी गंभीरता से ले रही है और उनकी […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><ul>
<li><strong>मुख्यमंत्री ने जन संवाद में दिए जवाब </strong></li>
<li><strong>बाड़मेर की रिफाइनरी तब लगेगी, जब उसका फायदा राजस्थान को होगा</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>JaiPur, SachKahoon News:</strong> राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आकाशवाणी के जरिये जनता से सीधा संवाद किया और लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जनहित के कार्यों को पूरी गंभीरता से ले रही है और उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित तौर पर करेगी।<br />
श्रीमती राजे आकाशवाणी के माध्यम से प्रदेश की जनता से रूबरू हुई और लोगों के प्रश्नों के बेबाकी से उत्तर दिए। इस कार्यक्रम को आकाशवाणी के सभी 19 केन्द्रों के साथ एफएम रेडियो और विविध भारती के साथ-सभी प्राइमरी सेंटर्स पर प्रसारित किया गया। जनता से संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि देश की तीन राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 15 साल दिए इसी वजह से वहां बहुत अच्छे विकास हुआ। उन्होंने कहा कि ठीक उसी तरह राजस्थान में भी हमें यदि 15 वर्ष दिए जाएं तो बेहतर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें पहले पांच और अब तीन साल दिए हैं जिसमें हमने जो वादे किए वो पूरे किए हैं और आगे भी करेंगे। फोन इन कार्यक्रम में मुख्यत भू कन्वर्सन, पानी, बिजली और सड़क की समस्याओं के बारे में ही सवाल किए गए जिनका मुख्यमंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया। कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत पांच रुपये में नाश्ता और आठ रुपए में भोजन व्यवस्था प्रदेश के सभी स्थानों पर लागू करने के सवाल पर श्रीमती राजे ने कहा कि हमारी कोशिश सभी जगह लागू करने की है। इसी तरह जोधपुर से एक व्यक्ति ने बाड़मेर में रिफाइनरी में हो रहे विलंब एवं जोधपुर के विकास के संबंध में पूछे गये सवाल पर श्रीमती राजे ने कहा कि राजस्थान के फायदे के लिए हम बाड़मेर रिफाइनरी के समझौते में सुधार कराने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि आप भी नहीं चाहेंगे कि आपको और प्रदेश को नुकसान हो। बाड़मेर की रिफाइनरी तब लगेगी, जब उसका फायदा राजस्थान को होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जोधपुर सहित सभी संभागों में विकास के काम हो रहे है।<br />
%%%%%%<br />
सरकार टूरिज्म को बनाएगी मिशन<br />
श्रीमती राजे ने जयपुर के संजय कौशिक द्वारा पर्यटन नहीं बढ़ने संबंधी प्रश्न पर कहा कि टूरिज्म यूनिट पॉलिसी बेहतर पॉलिसी है। उन्होंने कहा कि सरकार टूरिज्म को मिशन बनाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि संग्रहालय ,जवाहर कला केन्द्र जैसे स्थान, रंगमंच को नया जीवन देने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार भी मानती हैं कि यह राजस्थान की लाइफ लाइन है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की चॉइस बढ़ गई है ऐसे में मैं यह विश्वास दिलाती हूं कि टूरिज्म को प्रमोट करने का काम करेंगे और अगले छह माह में बदलाव देखने को मिलेगा।<br />
%%%%%%%%</p>
<p>जनता ने पूछे ये सवाल<br />
प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर और पाल्युशन फ्री बनाने के संबंध में उन्होंने कहा कि शहरों में महापौर और विकास प्राधिकरणों से बात कर इस व्याप्त दुविधा को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में भामाशाह कार्ड बनने के बावजूद चिकित्सालयों में स्वास्थ्य योजना से नहीं जुड़ा होने , सरकार की तबादला नीति आदि विषयों पर भी सवाल किए गए जिसका मुख्यमंत्री ने बेबाकी से जवाब दिया।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/rajasthan/government-keen-public-interest-tas-raje/article-516</link>
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                <pubDate>Wed, 14 Dec 2016 23:10:04 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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