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                <title>Trinamool Congress - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Mahua Moitra: फोन हैकिंग का बाजार फिर गरम</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) समेत विपक्ष के 8 से ज्यादा नेताओं ने 31 अक्टूबर को केंद्र सरकार पर फोन हैकिंग का आरोप लगाया है। मामले में आईटी मंत्रालय की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी एपल को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। 31 अक्टूबर को महुआ मोइत्रा के अलावा कांग्रेस सांसद शशि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/opinion-and-analysis/phone-hacking-market-hot-again/article-54712"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-11/43-mobile-apps-banned.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) समेत विपक्ष के 8 से ज्यादा नेताओं ने 31 अक्टूबर को केंद्र सरकार पर फोन हैकिंग का आरोप लगाया है। मामले में आईटी मंत्रालय की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी एपल को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। 31 अक्टूबर को महुआ मोइत्रा के अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर, पवन खेड़ा, आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर आईफोन का अलर्ट मैसेज पोस्ट कर लिखा- सरकार उनके फोन और ईमेल को हैक करवाने की कोशिश कर रही है। कुछ घंटे बाद राहुल गांधी भी कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और कहा कि एपल की ओर से जो अलर्ट आया है, वो मेरे ऑफिस में सभी को मिला है।</p>
<h3>कथित तौर पर 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए</h3>
<p style="text-align:justify;">साल 2021 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर स्पाईवेयर पेगासस के जरिए जासूसी करने का आरोप लगाया था। एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडेन स्टोरीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए थे। इनमें राजनेताओं, पत्रकारों और कई पूर्व प्रोफेसरों के फोन शामिल थे। राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने 2006 में यूपीए सरकार और सोनिया गांधी पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था इंटेलीजेंस ब्यूरो उनका फोन टैप कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा ने मामले में जॉर्ज सोरोस फंडेड एक्सेस नाउ और आईफोन नोटिफिकेशन के बीच संबंध का संकेत दिया। बीजेपी आईटी विभाग प्रमुख अमित मालवीय मालवीय ने एक्स पर एक नेटिजन का पोस्ट किया गया थ्रेड भी शेयर किया। कहा कि यह एक दिलचस्प थ्रेड है जो जॉर्ज सोरोस फंडेड एक्सेस नाउ और ऐप्पल नोटिफिकेशन के बीच एक लिंक खींचता है। नोटिफिकेशन केवल विपक्षी नेताओं को मिला है। इसमें एक्सेस नाउ की भूमिका दिखाई देती है। मालवीय ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी सब कुछ छोड़ कर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने दौड़ पड़े। मालवीय ने कहा यहां भयावह साजिश देखें। थ्रेड में एक्सेस नाउ के भारत में बनाए गए नेटवर्क की डिटेल भी है। भाजपा नेता ने एक्स पर लिखा कि यदि आप परियों की कहानियों में भरोसा करते हैं, तो क्या आप सोचेंगे कि यह सब कुछ संयोग है।</p>
<h3>अलर्ट 150 देशों में भी भेजा गया</h3>
<p style="text-align:justify;">असल में, बहुराष्ट्रीय कंपनी एप्पल ने विपक्ष के कुछ नेताओं को अलर्ट भेजा कि आपके आईफोन हैक किए जा सकते हैं। हमलावर आपके फोन के संवेदनशील डाटा, कैमरे और माइक्रोफोन आदि तक पहुंचने की कोशिश भी कर सकते हैं। एप्पल ने यह अलर्ट सिर्फ विपक्षी नेताओं को ही नहीं भेजा, बल्कि ऐसे लोगों तक भी भेजा है, जो सार्वजनिक जीवन में नहीं हैं। कुछ पत्रकारों और स्कॉलर्स तक भी यह अलर्ट पहुंचा है। यह अलर्ट 150 देशों में भी भेजा गया है, जहां एप्पल के आईफोन इस्तेमाल किए जाते हैं। साफ मायने हैं कि यह चेतावनी वैश्विक है, लिहाजा विपक्षी नेताओं की चीखा-चिल्ली महज सियासत है।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद बढ़ने के बाद एपल ने कहा कि स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स को बढ़िया फंड मिलता है और वे बहुत सॉफिस्टिकेटेड तरीके से काम करते हैं। उनके अटैक भी समय के साथ बेहतर होते जाते हैं। ऐसे हमलों का पता लगा पाने के लिए हमें थ्रेट इंटेलिजेंस सिग्नल पर निर्भर रहना पड़ता है, जो कि कई बार परफेक्ट नहीं होते या अधूरे रहते हैं। ये संभव है कि एपल के कुछ थ्रेट नोटिफिकेशन फाल्स अलार्म हों या कुछ अटैक को डिटेक्ट न किया जा सके। हम ये जानकारी दे पाने में अक्षम हैं कि किन कारणों से हम थ्रेट नोटिफिकेशन जारी करते हैं, क्योंकि ऐसा करने से स्टेट स्पॉन्सर्ड अटैकर्स अलर्ट हो जाएंगे और फिर वे अटैक करने के अपने तरीके ऐसे बदल लेंगे कि भविष्य में पकड़ में नहीं आ पाएंगे।</p>
<h3>एप्पल ने हैकिंग के ऐसे खतरों से निपटने वाले सिस्टम से इंकार किया</h3>
<p style="text-align:justify;">एप्पल ने अपने बयान में यह स्पष्टीकरण भी दिया है कि खुफिया संकेतों के आधार पर ऐसे अलर्ट आते हैं, जो अधूरे और गलत भी साबित हो सकते हैं। कंपनी ने सरकार द्वारा प्रायोजित हमलावरों की बात तो की है, लेकिन किसी ‘विशेष सरकार’ का खुलासा नहीं किया है। एप्पल ने हैकिंग के ऐसे खतरों से निपटने वाले सिस्टम से इंकार किया है। कंपनी यह भी नहीं बता सकती कि अलर्ट किन हालात में देना पड़ा, क्योंकि यह जानकारी देने से हैकर्स उससे बचने के रास्ते खोज सकते हैं। Mahua Moitra</p>
<p style="text-align:justify;">यानी स्पष्ट है कि फोन हैकर्स चीन, पाकिस्तान या किसी अन्य देश के भी हो सकते हैं! एप्पल ने एक ही समय, एक ही साथ, विपक्षी नेताओं और 150 देशों को यह चेतावनी-संदेश भेजा है, लिहाजा संदेहास्पद और सवालिया लगता है। यदि हैकिंग हुई है या की जा रही है, तो वह अलग-अलग स्थान पर, अलग-अलग समय में की जानी चाहिए। फिर भी मान सकते हैं कि मोदी सरकार ने विपक्ष के कुछ नेताओं और प्रवक्ताओं के फोन हैक कराए हैं, लेकिन 150 देशों और अराजनीतिक चेहरों के फोन हैक कराने में सरकार के सरोकार क्या हो सकते हैं? उनसे हासिल क्या होगा?</p>
<h3>सरकार ने इन आरोपों को पूरी गंभीरता से लिया है | Mahua Moitra</h3>
<p style="text-align:justify;">निश्चित ही किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की ओर से विपक्षी नेताओं की निजता भंग करने का कोई भी मामला सामने आता है, तो स्वाभाविक ही सरकार को घेरा जाना चाहिए एवं जबाव मांगा जाना चाहिए। लेकिन बिना बुनियाद के ऐसे विवाद खड़े करना उचित नहीं है। अच्छी बात इस मामले में यह है कि सरकार ने इन आरोपों को पूरी गंभीरता से लिया है और तत्परता से निर्णय लेते हुए न केवल पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं बल्कि आईफोन कंपनी से भी जांच में शामिल होने को कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में 2 करोड़ से अधिक लोग आईफोन का इस्तेमाल करते हैं और दुनिया भर में करीब 146 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। क्या ये सभी मोदी सरकार के निशाने पर हैं अथवा सभी को अलर्ट भेजा गया था? एप्पल को इस संदर्भ में तमाम स्पष्टीकरण देने चाहिए। बहरहाल केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की घोषणानुसार जांच शुरू कर दी गई है। एप्पल भी जांच के दायरे में होगी। एप्पल से कथित ‘राज्य-प्रायोजित हमलों’ पर वास्तविक और सटीक जानकारी मांगी गई है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम इसकी जांच कर तह तक जाने की कोशिश करेगी। मंत्री ने इसे भारत सरकार को बदनाम करने की साजिश और भटकाने वाली विपक्ष की राजनीति करार दिया है। ‘फोन में सेंधमारी’ कोई नया मुद्दा नहीं है। किसी की निजता और गोपनीयता पर हमला भी नहीं है। Mahua Moitra</p>
<h3>इस तरह का कोई भी काम पूर्ण रूप से असंवैधानिक व गैर कानूनी</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र एक जीवित, निष्पक्ष एवं आदर्श तंत्र है, जिसमें सबको समान रूप से अपनी-अपनी मान्यताओं के अनुसार चलने, गतिविधियों को संचालित करने की पूरी स्वतंत्रता है। लोकतंत्र की नींव ही निजता की सुरक्षा करने के सिद्धान्तों पर टिकी है, इस व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक संविधान के दायरे में स्वयंभू होता है। अत: इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं की चिन्ता वाजिब मानी जा सकती है मगर इसके साथ ही सरकार की तरफ से तत्परता से व्यक्त इस मामले में संलिप्त न होने की साफगोई बयान को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि सरकार ने इस मामले में तुरन्त कार्रवाई की है तो उसकी नीयत पर भी शक करने की कोई वजह दृष्टिगोचर नहीं होती। सरकार किसी की भी निजता को भंग करने का आरोप स्वयं कर लगता हुआ देख बिन बुलाये संकट को कैसे आमंत्रित कर सकती है? क्योंकि इस तरह का कोई भी काम पूर्ण रूप से असंवैधानिक व गैर कानूनी होती है। ऐसी अराजकता, अव्यवस्था एवं एकाधिपत्य लोकतंत्र का ही विलुप्त कर सकता है। Mahua Moitra</p>
<p style="text-align:right;"><strong>रोहित माहेश्वरी, वरिष्ठ लेखक एवं स्वतंत्र टिप्पणीकार </strong><br />
<strong>(यह लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Semi-final World Cup: सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं भारत-पाक! जानें समीकरण" href="http://10.0.0.122:1245/india-pak-can-clash-in-the-semi-finals-learn-the-equation/">Semi-final World Cup: सेमीफाइनल में भिड़ सकते हैं भारत-पाक! जानें समीकरण</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 09 Nov 2023 18:31:25 +0530</pubDate>
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                <title>मेघालय में कांग्रेस को झटका, 12 विधायक तृणमूल में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[शिलांग (एजेंसी)। मेघालय में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत 12 कांग्रेस विधायक बुधवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। मेघालय में कांग्रेस 60 सदस्यीय विधानसभा में 18 विधायकों के साथ प्रमुख विपक्षी दल है। आज के इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मेघालय में अब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल हैं। तृणमूल कांग्रेस में शामिल […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/shock-to-congress-in-meghalaya-12-mla-join-trinamool/article-28616"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/trinamool-congress.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शिलांग (एजेंसी)।</strong> मेघालय में पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा समेत 12 कांग्रेस विधायक बुधवार को तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। मेघालय में कांग्रेस 60 सदस्यीय विधानसभा में 18 विधायकों के साथ प्रमुख विपक्षी दल है। आज के इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मेघालय में अब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख विपक्षी दल हैं। तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वाले कांग्रेस नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकुल संगमा भी शामिल हैं। संगमा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से नाखुश थे। मेघालय में 2023 में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 25 Nov 2021 10:29:22 +0530</pubDate>
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                <title>त्रिपुरा: तृणमूल नेत्री सायानी घोष गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[विरोध में दिल्ली पहुंचे 12 तृणमूल कांग्रेस सांसद कोलकाता (एजेंसी)। त्रिपुरा पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नेता सायानी घोष को गिरफ्तार कर लिया। बीजेपी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि सायानी घोष ने शनिवार रात मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब की एक नुक्कड़ सभा को बाधित किया ओर धमकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/tripura-trinamool-leader-sayani-ghosh-arrested/article-28539"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-11/saayoni-ghosh.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;">विरोध में दिल्ली पहुंचे 12 तृणमूल कांग्रेस सांसद</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता (एजेंसी)।</strong> त्रिपुरा पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत पर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस नेता सायानी घोष को गिरफ्तार कर लिया। बीजेपी कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि सायानी घोष ने शनिवार रात मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब की एक नुक्कड़ सभा को बाधित किया ओर धमकी दी है। बताया जा रहा है कि तृणमूल नेत्री ने खेला होबे के नारे लगाए थे। सायानी घोष की गिरफ्तारी से नाराज तृणमूल के 12 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंच गया। उन्होंने त्रिपुरा में कथित पुलिस बर्बरता को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांगा है। टीएमसी सूत्रों का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता और सांसद दिल्ली में धरने पर बैठेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्वी अगरतला महिला पुलिस थाने के बाहर उनके कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा समर्थकों ने धक्का-मुक्की की। हालांकि, भाजपा ने आरोप को खारिज किया है। पश्चिम त्रिपुरा के अतिरिक्त एसपी बीजे रेड्डी ने कहा कि टीएमसी नेता सायानी घोष को प्रारंभिक साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। टीएमसी नेता पर आईपीसी की धारा, 307 और 153 के तहत केस दर्ज हुआ है।</p>
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                <pubDate>Mon, 22 Nov 2021 10:16:24 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल में दलबदल</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस लगातार भाजपा को झटके पर झटका दे रही है। कालियागंज से भाजपा विधायक सौमेन राय कोलकाता में राज्य मंत्री और पार्टी नेता पार्थ चटर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हो गए। इससे पहले बागदा से भाजपा विधायक विश्वजीत दास तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/defection-in-west-bengal/article-27539"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-10/trinamool-congress.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस लगातार भाजपा को झटके पर झटका दे रही है। कालियागंज से भाजपा विधायक सौमेन राय कोलकाता में राज्य मंत्री और पार्टी नेता पार्थ चटर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हो गए। इससे पहले बागदा से भाजपा विधायक विश्वजीत दास तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे जबकि विधायक तन्मय घोष ने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। दरअसल पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने टीएमसी में बड़ी सेंधमारी की थी। अब चुनावों के बाद राज्य में ठीक उसके उलट हो रहा है। आलम यह है कि भाजपा के कई विधायक और नेता टीएमसी से गलबहिया करने को बेताब हैं। राज्य में एक जमाने में सत्तारूढ़ रही पार्टी कांग्रेस पूरी तरह हाशिये पर खिसक चुकी है और दूसरी लगातार 34 साल तक शासन में रहने वाली मार्क्सवादी पार्टी भी अपनी विपक्षी पार्टी तक होने का रुतबा खो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य में इस समय भाजपा प्रमुख विपक्षी पार्टी है। यह स्थिति इसने मई चुनावों के बाद ही अर्जित की है। इससे साफ जाहिर होता है कि विधानसभा चुनावों में ममता दी की तृणमूल कांग्रेस ने जो राजनैतिक विमर्श खड़ा किया था, उसके मुकाबले में केवल भाजपा ही टिक सकी। यह राज्य साम्यवादी विचारधारा से लेकर समाजवादी और गांधीवादी विचारों की प्रयोगशाला के रूप में जाना जाता रहा है। इतना ही नहीं, राज्य के विद्वान राजनैतिक विचारकों में विशिष्ट स्थान रखने वाले स्व. एम.एन. राय बंगाल के ऐसे सपूत रहे जिन्होंने केवल भारत में ही कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना में प्रमुख भूमिका नहीं निभाई बल्कि मैक्सिको की कम्युनिस्ट पार्टी की भी स्थापना की। वहीं दूसरी तरफ इसके ठीक विपरीत विचार रखने वाले एक समय तक हिन्दू महासभा के नेता रहे डा. श्यामप्रसाद मुखर्जी ने आजाद भारत में 1951 में घनघोर राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना की।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बंगाल की धरती वैचारिक रूप से भी उतनी हरी-भरी रही जितनी कि भौतिक रूप से। इसी से अन्दाजा लगाया जा सकता है कि इस राज्य के लोगों का मानसिक रूप से राजनैतिक स्तर क्या हो सकता है? राज्य विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या तीन से बढ़ कर 77 हो गई परन्तु इसके बाद भाजपा नेताओं का पार्टी छोड़ कर तृणमूल में शामिल होना बता रहा है कि उन्हें लोगों की राजनैतिक मानसिकता में परिवर्तन की उम्मीद नहीं है। बाबुल सुप्रियो हालांकि जमीन से जुड़े कोई कद्दावर नेता नहीं हैं क्योंकि सांसद होने के बावजूद वह पिछला विधानसभा चुनाव तक हार गये मगर इतना जरूर है कि वह बंगाल में बहती हवा के साथ चलना चाहते हैं। उनके दल-बदल की कैफियत बस इतनी सी है। वैसे नए चलन पर भाजपा का आरोप है कि चुनाव के बाद जो हिंसा हुई है, उससे डरकर, बाध्य होकर भाजपा कार्यकर्ता टीएमसी में शामिल हो रहे हैं।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Oct 2021 08:38:34 +0530</pubDate>
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                <title>बीजेपी छोड़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो</title>
                                    <description><![CDATA[कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। दो महीने पहले राजनीति छोड़ने का ऐलान कर चुके भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टीएमसी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन भी मौजूद […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/former-union-minister-babul-supriyo-joins-trinamool-congress-leaving-bjp/article-26954"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/babul-supriyo.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता।</strong> पश्चिम बंगाल में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। दो महीने पहले राजनीति छोड़ने का ऐलान कर चुके भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। अभिषेक बनर्जी ने उन्हें टीएमसी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान डेरेक ओ ब्रायन भी मौजूद रहे। प्लेबैक सिंगर के बाद राजनेता बने बाबुल सुप्रियो ने नरेंद्र मोदी सरकार से इस्‍तीफा देने के बाद फेसबुक पोस्‍ट लिखकर अपने दिल का दर्द जाहिर किया था। उन्‍होंने कहा था कि उनसे इस्‍तीफा मांगा गया तो उन्‍होंने दे दिया। उस वक्‍त किसी ने नहीं सोचा होगा कि मन ही मन वह एक बड़ा फैसला ले चुके हैं। चुनाव के बाद वह बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे।</p>
<p> </p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Sep 2021 15:39:16 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल: तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या</title>
                                    <description><![CDATA[इटाहार (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में शुक्रवार रात सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) (Trinamool Congress) के कार्यकर्ता विकास मजूमदार की गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि टीएमसी कार्यकर्ता विकास मजूूूमदार मोटरसाइकिल पर घर लौट रहा था और इसी दौरान अज्ञात लोगों ने बहुत ही […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/bengal-trinamool-congress-worker-killed/article-5648"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/trinamool-congress.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>इटाहार (एजेंसी)।</strong> पश्चिम बंगाल में उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में शुक्रवार रात सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) <strong>(Trinamool Congress)</strong> के कार्यकर्ता विकास मजूमदार की गोली मार कर हत्या कर दी गई।</p>
<p>पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि टीएमसी कार्यकर्ता विकास मजूूूमदार मोटरसाइकिल पर घर लौट रहा था और इसी दौरान अज्ञात लोगों ने बहुत ही नजदीकी से उसे गोली मार दी। विकास की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।</p>
<p>टीएमसी युवा मोर्चा के कार्यकतार्ओं ने इस हमले के विरोध में इटाहार शहर में शनिवार सुबह छह बजे से 12 घंटे के लिए बंद का आह्वान किया है। बंद के कारण दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और सड़कों पर वाहनों का आवागमन बहुत कम है। विकास मजूूमदार की पत्नी टीएमसी की पूर्व पंचायत नेता रह चुकी हैं।</p>
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                <pubDate>Sat, 01 Sep 2018 15:38:26 +0530</pubDate>
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