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                <title>ChidiyaGaadi - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>यह है 5 हजार साल पुरानी हड़प्पाकालीन चिड़िया गाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[अद्भुत नूंह के गांव कलवाडी स्थित देश के पहले ट्रांसपोर्ट म्यूजियम(परिवहन संग्राहलय) की बढ़ा रही शोभा विदेशी पर्यटकों की बनी पहली पसंद  अब तक दो लाख सैलानी कर चुके भ्रमण नूंह(पारूल दुआ )। प्रदेश के सर्वाधिक पिछड़ा जिला नूंह(मेवात) के तावडू तहसील के गांव कलवाडी स्थित देश का पहला ट्रांसपोर्ट म्यूजियम(परिवहन संग्राहलय) देश-विदेश के सैलानियों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/indias-first-transport-museum-museum-of-transport-of-the-driving-suit/article-517"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/03-17.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>अद्भुत नूंह के गांव कलवाडी स्थित देश के पहले ट्रांसपोर्ट म्यूजियम(परिवहन संग्राहलय) की बढ़ा रही शोभा</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>विदेशी पर्यटकों की बनी पहली पसंद</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong> अब तक दो लाख सैलानी कर चुके भ्रमण</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>नूंह(पारूल दुआ )।</strong> प्रदेश के सर्वाधिक पिछड़ा जिला नूंह(मेवात) के तावडू तहसील के गांव कलवाडी स्थित देश का पहला ट्रांसपोर्ट म्यूजियम(परिवहन संग्राहलय) देश-विदेश के सैलानियों की पहली पसंद बना है। दुनियाभर के पर्यटकों द्वारा इसकी जमकर सराहना की जा रही है। मोहनजोदड़ो व हड़प्पाकालीन प्राचीन काल की गाड़ी के विदेश में मिलने के बाद यहां से विदेश गये संग्राहलय के प्रबंधक व ट्रस्टी तरूण ठकराल की अथक पहल से उसे यहां लाकर रखा गया है यह चिड़िया गाड़ी सिंधु घाटी सभ्यता 1000-800 ई०पु० की है। इस काल में मिटटी के बनाए खिलौनों का प्रचलन था और यह चिड़िया गाड़ी यह दशार्ती है कि उस समय भी पहिए का उपयोग होता था। इसके अलावा काफी समय पूर्व अपोलो मिशन 15 में चन्द्रमा अंतरिक्ष यान इण्डेवर में ले जाया गया था तथा जिस राष्ट्रीय ध्वज को लहराय गया था वह राष्ट्रीय ध्वज भी इस संग्राहलय की शोभा बढ़ा रहा है। अब तक देशी-विदेशी 2 लाख सैलानी यहां दस्तक दे चुके हैं। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज व तकनीकी शिक्षण संस्थान द्वारा इसकी काफी सराहना की गई है।<br />
वहीं, इस संग्राहलय ने 10-12 दिसम्बर को अपनी तीसरी वर्ष गांठ हाल ही मनाई है इस मौके पर एक क्रिसमिस ट्री को सजाया गया तथा उसमें टै्रफिक नियमों के सभी चिहन दशार्ये गये थे इसके अलावा 1980 मॉडल के चेतक स्कूटर, 1976 की रोयल इन्फिल्ड को क्रिसटल से सजाया गया। इस मौके पर देशी-विदेशी सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा। उन्होंने बताया कि इस संग्राहलय में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, फां्रस, जर्मनी ,दुबई आदि के अलावा देश की बॉलीवुड फिल्मों में इस्तेमाल की गई फार्ड फेयरलैन स्काईलाईंडर, जनरल मोटर्स, हिन्दुस्तान मोटर्स, ऐबेसडर , शेवरलेट, इंपाला, हार्ड सीडजन, वॉक्सवैगन बस, फार्ड सुपर डीलेक्स स्टान वैगन लैड रोवर के अलावा अन्य कीमती नई-पुरानी करीब 900 गाडिंÞयों के अलावा वाहनों के औजार, कल पुर्जे इस म्यूजियम की शोभा बढा रहे है।</p>
<p><strong>वेंटेज कारें भी मोह रही मन</strong><br />
ट्रांसपोर्ट म्यूजियम में वेंटेज कारें भी उपस्थित हैं। यह संग्राहलय इन तीन सालों में ऊंचाईयों को छू चुका है तथा यह शासन-प्रशासन व सामाजिक लोगों के लिए पहली पसंद बना हुआ है। इसके अलावा यह कुछ समय पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन व केन्द्रीय मंत्री डा० महेश शर्मा ने इसको नेशनल अवार्ड से नवाजा है तथा एक अमेरिकी कम्पनी ने इसको ट्रिप एडवाईजर अवार्ड से सम्मानित किया है। इसके अलावा यह हरियाणा के टूरिस्ट पत्रिका में अभी अपना स्थान बना चुका है।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Dec 2016 23:31:28 +0530</pubDate>
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