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                <title>Expenses - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अब शादी में जरा सोच कर करें खर्च, देना पड़ सकता है हिसाब</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने कहा, शादी में हुए खर्च का हिसाब देना अनिवार्य करे सरकार नई दिल्ली (एजेंसी)। यदि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सलाह मानी तो जल्द ही आपको शादी में हुए कुल खर्चे का हिसाब-किताब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह परिवारों के लिए शादी में हुए […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/government-mandate-to-account-for-expenses-incurred-on-marriage/article-4816"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-07/marriagec2a0.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा, शादी में हुए खर्च का हिसाब देना अनिवार्य करे सरकार</h2>
<p style="text-align:justify;">
<strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यदि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सलाह मानी तो जल्द ही आपको शादी में हुए कुल खर्चे का हिसाब-किताब देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह परिवारों के लिए शादी में हुए खर्चों का खुलासा करना अनिवार्य करने पर विचार करे। कोर्ट के मुताबिक वर और वधू दोनों पक्षों के लिए शादी से जुड़े खर्चों को संबंधित मैरिज ऑफिसर को लिखित रूप से बताना अनिवार्य कर देना चाहिए। सरकार को इस बारे में नियम-कानून की जांच-परख कर संशोधन पर भी विचार करना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस कदम से दहेज के लेन-देन पर भी लगाम लगेगी। साथ ही दहेज कानूनों के तहत दर्ज होने वाली फर्जी शिकायतें भी कम होंगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि शादी के लिए तयशुदा खर्च में से एक हिस्सा पत्नी के बैंक अकाऊंट में जमा करवाया जा सकता है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि इसे अनिवार्य करने पर भी सरकार विचार कर सकती है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">किस संदर्भ में कोर्ट ने दिया सुझाव</h2>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कोर्ट शादी से जुड़े एक विवाद पर सुनवाई कर रहा था जब उसने केंद्र सरकार को यह सलाह दी। इस मामले में पीड़ित पत्नी ने पति और उसके परिवार पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। जबकि पति पक्ष ने पूरी तरह से दहेज लेने या ऐसी कोई मांग करने की बात से इंकार किया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि विवाह संबंधी विवादों में दहेज मांगे जाने के आरोप-प्रत्यारोप सामने आते हैं। ऐसे में इस तरह की कोई व्यवस्था होनी चाहिए जिसके जरिए सच-झूठ का पता लगाने में मदद मिले।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Jul 2018 04:37:31 +0530</pubDate>
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                <title>गीता जयंती में हुए खर्च पर कांग्रेस ने उठाई अंगुली</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप ChandiGarh, Anil Kakkar: कांग्रेस के नेता एवं मौजूदा विधायक कुलदीप शर्मा तथा करण दलाल ने आज हरियाणा की भाजपा सरकार की नीतियों तथा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बुधवार को वे चंडीगढ़ स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/gita-jayanti-expenses-pointed-finger-by-congress/article-519"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/geeta-jynti.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप </strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>ChandiGarh, Anil Kakkar: </strong>कांग्रेस के नेता एवं मौजूदा विधायक कुलदीप शर्मा तथा करण दलाल ने आज हरियाणा की भाजपा सरकार की नीतियों तथा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बुधवार को वे चंडीगढ़ स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि सरकार ने गीता जयंती समारोह पर करीबन 134 करोड़ रुपए खर्च किए जिसका आम जनता को कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो बहुत थोड़े पैसों में प्रदेश के हर पढेÞ-लिखे इंसान को गीता मुफ्त में मुहैया करवा सकती थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों तथा सीपीएस द्वारा भिवानी यज्ञ के दौरान पंडितों को पुरानी करंसी के नोट दक्षिणा के रूप में दिए गए जो कि पंडितों का अपमान है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के मंत्रियों द्वारा क्रमश: 21, 7 एवं 5 लाख रुपए भिवानी में देने का ऐलान किया गया जो कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग है। वहीं उन्होंने नोटबंदी पर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार का यह फैसला आमजन के लिए पीड़ादायक साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला 2016 के साल का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण फैसला था।</p>
<p><strong>मौलाना ने अगर सवाल उठाया है तो कुछ कारण होगा</strong><br />
वहीं कांग्रेस में आपसी फूट से बढ़ते विवाद के बीच पूर्व हरियाणा कांग्रेस कमेटी के प्रधान फूल चंद मुलाना द्वारा पार्टी फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाए जाने के सवाल पर शर्मा ने कहा कि मौजूदा प्रदेश पार्टी प्रधान अशोक तंवर हैं और मौलाना पार्टी के सीनियर नेता हैं अगर मौलाना कोई सवाल कर रहे हैं तो उसके पीछे कोई न कोई वजह जरूर होगी। बता दें कि मौलाना ने कहा था कि जब वे पार्टी प्रधान के पद से गए थे तो पार्टी फंड में 7 करोड़ रुपए का फंड था लेकिन अब 40-45 लाख रुपए ही बचे हैं। कुछ रोज़ पहले खबरें छपीं थी कि चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस के हैडक्वार्टर में काम कर रहे वर्करों को सैलेरी देने तक के पैसे नहीं हैं। इस पर काफी बवाल हुआ था कांग्रेस की किरकिरी भी हुई। हालांकि इस दौरान भी कांग्रेसी नेता आपस में दोषारोपण करते ही नज़र आए।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2016 00:05:50 +0530</pubDate>
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