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                <title>Commonwealth - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Commonwealth खेलों से बाहर हुई कुश्ती, शूटिंग खेल शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[commonwealth राष्ट्रमंडल खेल महासंघ से दोबारा शामिल करने की अपील खिलाड़ियों में नाराजगी, सरकार हस्तक्षेप कर सख्ती से कानूनी लड़ाई लड़े भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। वर्ष 2026 में आॅस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में होने वाले कॉमनवेल्थ (commonwealth) खेलों में निशानेबाजों की वापसी होगी तो वहीं कुश्ती और तीरंदाजी को इस आयोजन से बाहर रखा गया है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/commonwealth/article-38795"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-10/commonwealth.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>commonwealth</strong></li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>राष्ट्रमंडल खेल महासंघ से दोबारा शामिल करने की अपील</strong></h4>
</li>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong>खिलाड़ियों में नाराजगी, सरकार हस्तक्षेप कर सख्ती से कानूनी लड़ाई लड़े</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)।</strong> वर्ष 2026 में आॅस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में होने वाले कॉमनवेल्थ <strong>(commonwealth)</strong> खेलों में निशानेबाजों की वापसी होगी तो वहीं कुश्ती और तीरंदाजी को इस आयोजन से बाहर रखा गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ और राष्ट्रमंडल खेल आॅस्ट्रेलिया ने संयुक्त रूप से 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेलों की सूची की घोषणा कर दी है। इसमें 20 से 26 खेल शामिल हैं। खेल नगरी के नाम से विख्यात भिवानी के खिलाड़ियों ने कुश्ती को राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुश्ती के राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर होने पर उनके जीवन भर की मेहनत व्यर्थ हो जाएगी, इसीलिए कुश्ती को कॉमनवेल्थ खेलों में शामिल किया जाना चाहिए।</p>
<p><em>ये भी पढ़े: </em><a href="http://10.0.0.122:1245/mountaineer-nitish-dahiya/"><em>हरियाणा के पर्वतरोही नीतिश दहिया का उत्तराखंड में मिला शव</em></a></p>
<h3>राष्ट्रमडल खेल महासंघ को पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की</h3>
<p>बता दें कि कुछ माह पहले वर्ष 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खेलों की शुरूआती सूची की घोषणा की गई थी और इसमें निशानेबाजी, कुश्ती और तीरंदाजी को शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद भारतीय ओलंपिक संगठन ने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इन तीनों खेलों का बहिष्कार चौंकाने वाला था, तब शूटिंग को अंतिम सूची में शामिल किया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भारत ने इस बार जीते थे 12 पदक</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कॉमनवेल्थ गेम्स से कुश्ती का बाहर होना भारत के पहलवानों के लिए बहुत बड़ा झटका है। इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला पहलवानों का दबदबा रहा। उन्होंने सभी 12 भार वर्गों में पदक जीते। वर्ष 2010 के बाद से लगातार इन खेलों में कुश्ती शामिल है, लेकिन आॅस्ट्रेलिया में कुश्ती लोकप्रिय खेल नहीं है तथा कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खेलों का चयन मेजबान देश द्वारा ही किया जाता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">तीरंदाजी केवल दो बार राष्ट्रमंडल खेलों में खेली गई है</h3>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ तीरंदाजी केवल दो बार राष्ट्रमंडल खेलों में खेली गई है। भारत इस खेलों की पदक तालिका में दूसरे स्थान पर है। इसलिए वर्ष 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में तीरंदाजी को शामिल न करने का असर भारत पर भी पड़ेगा। वही कुश्ती को राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर करने से भिवानी के कुश्ती खिलाड़ी काफी नाराज है।</p>
<h3>सरकार को सख्ती से लड़ाई लड़नी चाहिए</h3>
<p style="text-align:justify;">खिलाड़ियों का कहना है कि सरकार को इसके लिए सख्ती से लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुश्ती के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर तंदुरुस्त भी रहता है। खिलाड़ियों ने कहा कि इसके जरिए आर्मी, पुलिस जैसी भर्ती खिलाड़ी देख सकता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा मैडल देने वाला ये गेम इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल नहीं है, जो कि खिलाड़ियों व देश के साथ अन्याय है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Oct 2022 18:35:25 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रमंडल स्वर्ण विजेता सुमित ने जॉर्जियाई पहलवान को चटाई धूल</title>
                                    <description><![CDATA[हुकम सिंह स्मृति अंतर्राष्ट्रीय दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती जीत ली || Wrestling Game नयी दिल्ली, एजेंसी। गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता (Wrestling game) पहलवान सुमित ने तूफानी प्रदर्शन करते हुए जार्जिया के पहलवान एवानओयदजे टेडो को 6-4 से पीटकर 43वें स्वर्गीय चौधरी हुकम सिंह स्मृति अंतर्राष्ट्रीय दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती जीत ली। […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/sports/commonwealth-gold-winner-sumit-mats-dust-to-georgian-wrestler/article-5836"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-09/sumit-kumar.jpg" alt=""></a><br /><h2>हुकम सिंह स्मृति अंतर्राष्ट्रीय दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती जीत ली || Wrestling Game</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली, एजेंसी</strong>। गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता <strong>(Wrestling game)</strong> पहलवान सुमित ने तूफानी प्रदर्शन करते हुए जार्जिया के पहलवान एवानओयदजे टेडो को 6-4 से पीटकर 43वें स्वर्गीय चौधरी हुकम सिंह स्मृति अंतर्राष्ट्रीय दंगल में सबसे बड़ी कुश्ती जीत ली। पद्मभूषण से सम्मानित महाबली सतपाल हर वर्ष यह दंगल अपने पिता की याद में बवाना में करवाते हैं। दंगल में जार्जिया के पहलवानों सहित देश के 400 पहलवानों ने हिस्सा लिया। सबसे बड़ी कुश्ती में छत्रसाल स्टेडियम अखाड़े के सुमित ने जार्जिया के टेडो को पराजित किया।</p>
<h2>मुकाबलों को देखने के लिए मौजूद थे 10 हजार से ज्यादा दर्शक || Wrestling Game</h2>
<p style="text-align:justify;">दूसरी बड़ी कुश्ती में छत्रसाल स्टेडियम के सतेंद्र ने जार्जिया के अखोबादजे जुराब को 10-3 के बड़े अंतर से हराया। तीसरी बड़ी कुश्ती में छत्रसाल के हितेंद्र ने पंजाब के मंजीत को चित्त किया। सतपाल ने खुद कुश्तियों का संचालन किया और इन मुकाबलों को देखने के लिए 10 हजार से ज्यादा दर्शक मौजूद थे। दंगल में मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक रामचंद्र और दो बार के ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार थे।</p>
<p style="text-align:justify;">महाबली सतपाल ने विजेता पहलवानों को इनामी राशि भेंट की।  दंगल में तीन बड़ी कुश्तियां एक-एक लाख रुपये की थीं जबकि इसके बाद 51 हजार रुपये से लेकर 100 रुपये तक की कुश्तियां भी हुईं। दंगल में 200 जोड़ों का फैसला हुआ। सुमित, सतेंद्र और हितेंद्र को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। दंगल की अन्य कुश्तियों में छत्रसाल के पवन ने नरेश अखाड़ा के अरुण को, नौसेना के संजीत ने रेलवे के नरेश को, रोहित ने दुष्यंत को और मनदीप ने सुनील को हराया। महिलाओं की कुश्ती में अंतर्राष्ट्रीय पहलवान सोनम मलिक ने सरिता को पराजित किया जबकि ईश्वर अखाड़े की सुदेश ने कासंडी की निक्की को हराया।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Sep 2018 15:00:28 +0530</pubDate>
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