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                <title>धर्मों पर रंग का ठप्पा</title>
                                    <description><![CDATA[सूर्योदय का मनमोहक आनंद पूरी दुनिया लेती है। उगते हुए सूर्य का रंग केसरी होता है। यह मनमोहक दृश्य हिंदू, सिक्ख, ईसाई, मुस्लमान सब धर्मों के लोगों को एक जैसा दिखाई पड़ता है। सूर्य सारी दुनिया में उगता है व अस्त होता है, जिसकी लालिमा एवं केसरिया रंग पूरी दुनिया को ऊर्जा एवं जीवन प्रदान […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/mark-of-color-on-religions/article-2974"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2017-08/religions.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सूर्योदय का मनमोहक आनंद पूरी दुनिया लेती है। उगते हुए सूर्य का रंग केसरी होता है। यह मनमोहक दृश्य हिंदू, सिक्ख, ईसाई, मुस्लमान सब धर्मों के लोगों को एक जैसा दिखाई पड़ता है। सूर्य सारी दुनिया में उगता है व अस्त होता है, जिसकी लालिमा एवं केसरिया रंग पूरी दुनिया को ऊर्जा एवं जीवन प्रदान करता है। प्रकृति का अस्तित्व नदियां, वन, पहाड़, मौसम, सागर, मरूस्थल सब सूर्य से ही हैं, फिर भी न जाने क्यों केसरी रंग को हिंदू धर्म से ही जोड़कर देखा जा रहा है। ठीक ऐसे ही पूरी वनस्पति हरीतिमा लिए हुए है, लेकिन हरे रंग को कुछ लोगों ने अपना ठप्पा लगा रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विगत दिनों एक मुस्लमान महिला ने जो कांग्रेस से जुड़ी हैं, ने केसरी रंग के वस्त्र क्या पहन लिए धर्म के ठेकेदारों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। उसके खिलाफ फतवे देने लग गए। फतवा देने वालों ने साफ-साफ धमका दिया कि केसरी रंग पहनना है तो इस्लाम छोड़ दो। किस धर्म ग्रंथ में लिखा है कि इस्लाम, हिंदु, सिक्ख धर्म वाले किस रंग को पहनें किसे नहीं। भारत के हिंदू, सिक्ख, ईसाई हर रंग को पहन लेते है, उन्हें कभी नहीं टोका जाता कि फलां-फलां रंग नहीं पहनना, चूंकि वह जानते है कि रंग से धर्म नहीं बदलता। धर्म के ठेकेदार लोगों को क्यों मिल-जुल कर नहीं रहने देना चाहते। जिस तरह प्रकृति की गोद में हरा-नीला-पीला-लाल सभी रंग रह रहे है।</p>
<p style="text-align:justify;">नदियां, नाले, पहाड़, हरियाली, मिट्टी भी एक-दूसरे के रंग के चलते अपना गुण धर्म नहीं बदलते। रंग कोई बम्ब नहीं कि पहनने से विस्फोट हो जाएगा। धर्म तो गुणों की बात करते है। इस्लाम में ईमान, दया, मुहब्बत की बातें ही इसके असली रंग हैं। फिर 21वीं सदी में पहुंच कर यदि कुछ धर्म के ठेकेदार रंगों की बात करते हैं तो यह अपने-आप में ही बेहद घृणित सोच का परिचय है। अगर किसी को रंगों से नफरत है फिर वह प्रकृति के रंगों का भी बहिष्कार करें सूर्य केसरियां रंग, फूलों का रंग इन सबकों भी बदल दें स्पष्ट है ये बदलें नहीं जा सकते।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां रंगों का विरोध सिर्फ नफरत फैलाने के लिए किया जाता है ताकि धर्म की दुकान चलती रहे। फतवा व धमकी देने वालों को चाहिए कि वह समाज में कुछ बदरंग है उन्हें मिटा दें। गरीबी, नशा,नारी-उत्पीड़न, अनपढ़ता, हिंसा, लूट, चरित्रहीनता, भ्रष्टाचार इन बदरंगों को हटाकर इनकी जगह ईमान, मुहब्बत, सहयोग, शिक्षा, खुशहाली के रंग भरे जाएं। रंग प्रकृति का हिस्सा है इनसे नफरत करने से कुछ हासिल नहीं होगा। रंगों से प्यार करने पर सबके जीवन में रंग भर जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Aug 2017 03:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>&amp;#8230;ताकि हर कोई देखे कुदरत के रंग</title>
                                    <description><![CDATA[मिशन उजियारा। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में नेत्र रोगियों के आॅप्रेशन का सिलसिला जारी 417 आॅप्रेशन हुए दो दिन में 609 मरीजों को किया गया है चयनित देशभर के स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट नेत्र रोग विशेषज्ञ दे रहे सेवाएं Sirsa, SachKahoon News:  कोई आंखों के सफेद मोतिया से पीड़ित तो कोई काला मोतिया से। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/everybody-watch-the-color-of-nature/article-525"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2016-12/05-4.jpg" alt=""></a><br /><ul>
<li><strong>मिशन उजियारा। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में नेत्र रोगियों के आॅप्रेशन का सिलसिला जारी</strong></li>
<li><strong>417 आॅप्रेशन हुए दो दिन में 609 मरीजों को किया गया है चयनित</strong></li>
<li><strong>देशभर के स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट नेत्र रोग विशेषज्ञ दे रहे सेवाएं</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>Sirsa, SachKahoon News:</strong>  कोई आंखों के सफेद मोतिया से पीड़ित तो कोई काला मोतिया से। कोई हादसे में रोशनी गंवा बैठा तो कोई इलाज के अभाव में। कई ऐसे कर्मों के मारे कि जन्म के कुछ समय बाद ही दुनिया विरान हो गई। कोई दार्इं आंख की नजर चली जाने से दु:खी था तो कोई बार्इं आंख से। कई ऐसे बदकिस्मत कि कुदरत ने दोनों आंखें ही छीन ली और उनकी हंसती-खेलती दुनिया में सदा के लिए उजियारा छा गया। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा<br />
‘याद ए मुर्शिद परम पिता शाह सतनाम जी महाराज, नि:शुल्क नेत्र ज्योति स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ऐसे ही अनेक नेत्रहीन व नेत्ररोगियों के लिए वरदान बन गया। दूसरे दिन बुधवार सांय तक देश के स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा 417 नेत्र रोगियों के आॅप्रेशन किए जा चुके थे जिनमें 200 महिला तो 212 पुरूष मरीज हैं। वहीें 609 मरीजों को आॅप्रेशन के लिए चयनित किया जा चुका है।<br />
नि:शुल्क नेत्र ज्योति स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम में उमड़े हजारों नेत्ररोगियों को अपनी अंधेरी दुनिया में रोशनी की किरण लौटने की उम्मीद है। दोनों आंखें गंवा चुके मरीजों को देख हर किसी का दिल पसीज रहा था। उन्हें हर काम के लिए दूसरों पर मोहताज देख मुंह से बरबस ही यही निकल रहा था हे भगवान ! ऐसी जिंदगी किसी को मत देना, इनके जीवन में जरूर उजाला लौटा देना। हालांकि उन्हें संभालने के लिए शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार लगे थे जो उनकी जांच करवाने, खाना खिलाने आदि की तमाम सेवाओं में जुटे थे। पैसे के अभाव में आंखों का इलाज करवाने में असमर्थ सैकड़ों मरीज भी लाभ उठाने पहुंचे हैं। ओपीडी, जांच,दवा, ट्रांस्पोर्ट से लेकर रहने-खाने के तमाम सुविधाएं पूर्णतया नि:शुल्क देख मरीज व उनके साथ आए परिजन कह रहे थे तो बस यही कि धन्य है दाता तू सच में ही धन्य है, हर किसी की फिक्र करता है तू, तेरे उपकार कैसे भूल जाएंगे हम।<br />
उल्लेखनीय है कि इस स्वास्थ्य सेवा प्रोग्राम में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब व दिल्ली समेत देशभर के विभिन्न प्रांतों से आए मरीजों का चयन किया गया है। शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल स्थित अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आॅप्रेशन थियेटर में स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट नेत्र विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं।</p>
<p><strong>‘याद ए मुर्शिद शाह सतनाम जी महाराज 25वां नेत्र जांच शिविर</strong><br />
<strong>चार दिन,11868 नेत्र रोगियों की जांच</strong><br />
शाह सतनाम जी धाम में चल रहे ‘याद ए मुर्शिद शाह सतनाम जी महाराज 25वें नेत्र जांच शिविर में अंधेरी जिंदगीयों में उजाला लाने का कार्य चौथे दिन भी जारी रहा। शाह सतनाम जी रिसर्च एंड डेवल्पमेंट फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस नेत्र जांच शिविर में बुधवार सांय तक 11868 मरीजों का रजिट्रेशन किया जा चुका था, जिनमें 5398 पुरूष तो 6470 महिला मरीज हैं। इस विशाल नेत्र जांच शिविर का लाभ उठाने के लिए जहां विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में मरीज पहुंचे हैं वहीं देश के विभिन्न राज्यों से छह दर्जन से अधिक नेत्र रोग विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ रोगियों के नेत्र जांच के उपरांत नि:शुल्क दवाएं भी दे रहे हैं। यही नहीं कैंप में सेवा कर रहे सेवादार मरीजों की अपने परिजनों से भी बढ़-चढ़कर संभाल कर रहे हैं। सेवादारों की सेवा का जज्बा देखते ही बन रहा है। उल्लेखनीय है किपरमपिता शाह सतनाम जी महाराज की पावन स्मृति में हर वर्ष आयोजित होने वाले नेत्र जांच शिविरों में अब तक 25,494 लोगों के आॅप्रेशन किए जा चुके हैं।</p>
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                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 Dec 2016 05:11:05 +0530</pubDate>
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