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                <title>Cyclone - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Cyclone RSS Feed</description>
                
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                <title>Cyclone Fengal News: सावधान! तबाही मचाने आ रहा है &amp;#8216;फेंगल&amp;#8217;! मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट!</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली, (एजेंसी)। तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में समुद्र में काफी उथल-पुथल के साथ ही तेज हवाओं का दौर जारी है, क्योंकि चक्रवात फेंगल का संकट नजदीक आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए चक्रवात फेंगल के शनिवार शाम तक तमिलनाडु तट पर पहुंचने के साथ-साथ पुडुचेरी पहुंचने की संभावना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/beware-fengal-is-coming-to-wreak-havoc-meteorological-department-has-issued-a-red-alert/article-64841"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-11/cyclone-fengal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नई दिल्ली, (एजेंसी)। तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में समुद्र में काफी उथल-पुथल के साथ ही तेज हवाओं का दौर जारी है, क्योंकि चक्रवात फेंगल का संकट नजदीक आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए चक्रवात फेंगल के शनिवार शाम तक तमिलनाडु तट पर पहुंचने के साथ-साथ पुडुचेरी पहुंचने की संभावना जताई है। Cyclone Fengal News</p>
<h3>मौसम की खराबी के मद्देनजर करीब 20 उड़ानें रद्द | Cyclone Fengal News</h3>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव क्षेत्र शुक्रवार की दोपहर बाद ही देखते-देखते चक्रवाती तूफान में बदल गया, जिसके कारण तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा, तेज आंधी और बाढ़ आने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए निचले और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने सुरक्षा एहतिहात बरतते हुए पूरे तमिलनाडु में रेड अलर्ट भी घोषित किया गया है। आईएमडी ने तमिलनाडु के मछुआरों के लिए भी एक एडवाइजरी जारी करके उनसे 30 नवंबर तक समुद्र में जाने से बचने की अपील की गई है। Tamil Nadu Weather</p>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी की मानें तो चक्रवाती तूफान फेंगल के शनिवार दोपहर तक पुडुचेरी पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिसके मद्देनजर स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि जब तक जरूरी न हो घरों से बाहर ना निकलें। भारी तबाही को देखते हुए सभी स्कूल और कॉलेजों की शनिवार को छुट्टी कर दी गई है। भारतीय मौसम विभाग की मानें तो उसने शुक्रवार को चक्रवाती तूफान के पुडुचेरी के निकट पहुंचने की संभावना जताई है और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। चेन्नई एयरपोर्ट ने मौसम की खराबी के मद्देनजर करीब 20 उड़ानें रद्द कर दी हैं। Cyclone Fengal News</p>
<p><a title="Gold Price Today: फिर सस्ता हुआ सोना, शादी के सीजन में खरीदारी करने का सुनहरा मौका!" href="http://10.0.0.122:1245/gold-becomes-cheap-again-golden-opportunity-to-shop-in-the-wedding-season/">Gold Price Today: फिर सस्ता हुआ सोना, शादी के सीजन में खरीदारी करने का सुनहरा मौका!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 12:15:15 +0530</pubDate>
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                <title>Cyclonic Storm: आज हो सकती है रेयर मौसमी घटना, चक्रवाती तूफान मचा सकता है तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[किस तट से टकराएगा समुंद्री तूफान, क्या उत्तरभारत में भी दिखाई देगा असर? मौसम डेस्क, संदीप सिंहमार। Cyclonic Storm: भारत के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मई महीने में शुरू होने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान बारिश के साथ-साथ मौसमी घटनाएं भी होती रहती है। इस दौरान कभी समुद्री चक्रवातों का सामना करना पड़ता है […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/cyclonic-storm-can-cause-devastation/article-61658"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-08/death-toll-in-cyclonic-storm-in-philippines-is-21.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;">किस तट से टकराएगा समुंद्री तूफान, क्या उत्तरभारत में भी दिखाई देगा असर?</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>मौसम डेस्क, संदीप सिंहमार।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">Cyclonic Storm: भारत के अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मई महीने में शुरू होने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान बारिश के साथ-साथ मौसमी घटनाएं भी होती रहती है। इस दौरान कभी समुद्री चक्रवातों का सामना करना पड़ता है तो कभी तूफान के साथ भारी बारिश के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर अक्सर सावन का महीना बीत जाने के बाद समुद्री चक्रवातों से छुटकारा मिल जाता है। ऐसा पहली बार होने जा रहा है की भादो के महीने में इस समुद्री चक्रवात तबाही मचाने आ रहा है। इस बात की पुष्टि खुद भारत मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दिनों में चक्रवात आने को मौसम वैज्ञानिक एक कुदरटी घटना मान रहे हैं। यह चक्रवात अरब सागर में सक्रिय भी हो चुका है। आसना चक्रवात आज यानी शुक्रवार को गुजरात के कच्छ व साथ लगते पाकिस्तान के तट से टकरा सकता है। इन दिनों पहले से ही देश के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय है। इस वजह से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार से लेकर दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र तक में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">मूसलाधार बारिश की वजह से गुजरात में हालात बेहद खराब हो चुके हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से नए संकट की चेतावनी दी गई है। आईएमडी ने अरब सागर में चक्रवाती तूफान’आसना’ के एक्टिव होने की आशंका जताई है। मौसम वैज्ञानिक अरब सागर में इस समय चक्रवाती तूफान के सक्रिय होने पर हैरानी जताते हुए इसे रेयर मौसमी घटना बता रहे हैं,क्योंकि इन दिनों में कभी भी चक्रवाती तूफान नहीं आते। चक्रवात की आशंका के बीच गुजरात को अलर्ट मोड पर रखा गया है। Cyclonic Storm</p>
<h3 style="text-align:justify;">टकराने के बाद कोस्टल एरिया से दूर हो जाएगा तूफान | Cyclonic Storm</h3>
<p style="text-align:justify;">पहले से ही भारी बारिश का सामना कर रहे गुजरात पर अब नया खतरा मंडराने लगा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अरब सागर में कच्छ और पाकिस्तान से लगते तटवर्ती इलाकों चक्रवात डेवलप हो रहा है, जो शुक्रवार को तटवर्ती इलाकों से टकराएगा। हालांकि एक बार पूरी तरह से डेवलप होने के बाद यह कमजोर हो जाएगा और कोस्टल एरिया से दूर होता जाएगा। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि अरब सागर में उठने वाला चक्रवात उतना मजबूत या विनाशकारी नहीं है, लेकिन इसका असर गुजरात के कुछ हिस्सों में तबाही का कारण बन सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">इस मौसम में चक्रवात सामान्य नहीं</h3>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम विभाग व निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार इस महीने में अरब सागर में चक्रवात उठने की घटना सामान्य नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि इस महीने में चक्रवात नहीं आते हैं, लेकिन ऐसे बहुत ही कम मामले हैं। यह सामान्य मौसमी घटना नहीं है। आमतौर पर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मानसून से पहले मार्च, अप्रैल, मई या फिर मानसून के बाद अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में चक्रवाती तूफान आते हैं। लेकिन इस बार अगस्त के अंतिम दिनों में चक्रवाती तूफान आने की संभावना बढ़ गई है। इस बेमौसमी चक्रवात को लेकर मौसम विभाग ने हैरानी जताते हुए अलर्ट भी किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चिंता में गुजरेगा आज का दिन | Cyclonic Storm</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर में सबसे पहले 24 अगस्त को चक्रवाती तूफान की पहली झलक दिखाई दी थी। चक्रवात कम रफ्तार के साथ तट की तरफ लगातार बढ़ रहा है और इसके 30 अगस्त को पूरी तरह से चक्रवाती तूफान में बदल जाने की संभावना है। यह दक्षिण-पश्चिम से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इससे कच्छ के साथ ही सौराष्ट्र का इलाका प्रभावित होगा। चक्रवात की वजह से गुजरात में मूसलाधार बारिश होने की आशंका और बढ़ गई है। ऐसे में प्रदेश में अभी और तबाही मच सकती है। आज का दिन गुजरात व साथ लगते तटीय इलाकों पर भारी पड़ सकता है। इस चक्रवात का थोड़ा असर उत्तर भारत विशेषकर साथ लगते राजस्थान में भी देखा जा सकता है। Cyclonic Storm</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="Tips To Get Rid Of Lizard: बरसात में छिपकलियों से हैं परेशान, तो एक बार आजमा लें ये तरकीब, दूर तक भी नहीं दिखाई देंगी छिपकली" href="http://10.0.0.122:1245/if-you-are-troubled-by-lizards-in-the-rainy-season-then-try-this-trick-once-you-will-not-see-lizards-even-from-a-distance/">Tips To Get Rid Of Lizard: बरसात में छिपकलियों से हैं परेशान, तो एक बार आजमा लें ये तरकीब, दूर तक भी नहीं दिखाई देंगी छिपकली</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 Aug 2024 15:16:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>Cyclone Remal: भयानक हो सकता है चक्रवाती तूफान, आईएमडी ने किया अलर्ट!</title>
                                    <description><![CDATA[Cyclone Remal: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक चेतावनी जारी करते हुए लोगों को आगाह किया कि बंगाल की खाड़ी में आने वाला चक्रवाती तूफान के 26 मई तक भयानक रूप धारण करने की पूरी संभावना है जोकि पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के तटों तबाह कर सकता है। IMD Alert आईएमडी ने एक्स […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cyclonic-storm-can-be-terrible-imd-alerts/article-57897"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/cyclone-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cyclone Remal: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक चेतावनी जारी करते हुए लोगों को आगाह किया कि बंगाल की खाड़ी में आने वाला चक्रवाती तूफान के 26 मई तक भयानक रूप धारण करने की पूरी संभावना है जोकि पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के तटों तबाह कर सकता है। IMD Alert</p>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘पश्चिम मध्य और उससे सटे दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र पिछले 12 घंटों के दौरान उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया और 23 मई को 1730 आईएसटी पर उसी क्षेत्र में स्थित था। 24 मई की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर भयानक रूप धारण कर सकता है।’’ ‘‘इसके बाद, उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते रहने के लिए, 25 मई की सुबह तक पूर्व-मध्य बीओबी पर चक्रवाती तूफान के रूप में और तेज हो जाएगा। इसके बाद, यह लगभग उत्तर की ओर बढ़ेगा और 26 मई की शाम तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों के पास पहुंच जाएगा।” Cyclone Remal Alert</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा आईएमडी ने यह भी चेतावनी जारी की कि पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों, उत्तरी ओडिशा के निकटवर्ती जिलों और उत्तर पूर्व भारत में तेज बारिश हो सकती है। आईएमडी के अनुसार, अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है, 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर के तटीय जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय जिलों में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने मछुआरों को भी आगाह किया, ‘‘मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 24 मई तक दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में, 26 मई तक मध्य बंगाल की खाड़ी में और 24 मई से सुबह तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में नजर न आएं। समुद्र में गए मछुआरों को भी जल्द से जल्द तट पर लौटने की सलाह दी जाती है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">भारी बारिश के साथ-साथ आईएमडी ने तेज आंधी और तेज तूफानी एवं समुद्री तूफान की चेतावनी जारी की है। 25 मई को, उत्तरी बंगाल की खाड़ी में सुबह से 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 80 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार तक भयंकर तूफानी आने की संभावना है। आईएमडी ने कहा, ‘‘26 तारीख की सुबह से अगले 24 घंटों के दौरान इस तूफान के बढ़कर उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 100-110 किमी प्रति घंटे या 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार तक आने की संभावना हो जाएगी।’’ IMD Alert</p>
<p><a title="China Military Drills: चीनी सेना कर रही हरकत, थोपा जा सकता है एक और युद्ध!" href="http://10.0.0.122:1245/chinese-army-is-acting-war-may-happen/">China Military Drills: चीनी सेना कर रही हरकत, थोपा जा सकता है एक और युद्ध!</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 May 2024 11:25:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>Cyclone Alert: खबरदार! इन राज्यों में तबाही मचाने आ रहा है ‘चक्रवाती तूफान’!</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई (एजेंसी)। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला एक तीव्र चक्रवात 23 मई से 27 मई के बीच ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात को प्रभावित कर सकता है। मौसम कार्यालय ने 28 मई, 2024 के आसपास गुजरात और मुंबई में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है। Cyclone Alert मुंबई नाउकास्ट ने एक्स पर लिखा, […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cyclonic-storm-will-hit-these-states-from-may-23/article-57620"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/cyclone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई (एजेंसी)।</strong> बंगाल की खाड़ी में बनने वाला एक तीव्र चक्रवात 23 मई से 27 मई के बीच ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात को प्रभावित कर सकता है। मौसम कार्यालय ने 28 मई, 2024 के आसपास गुजरात और मुंबई में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है। Cyclone Alert</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई नाउकास्ट ने एक्स पर लिखा, ‘‘चक्रवात चेतावनी: 23 मई तक बंगाल की खाड़ी में तीव्र चक्रवात आने की आशंका है, जिसका 23-27 के बीच ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। मॉडल 28 मई के आसपास गुजरात और मुंबई में भारी बारिश की भविष्यवाणी कर रहे हैं।’’ वर्तमान में, चक्रवात तीव्र हो रहा है और पश्चिम की ओर बढ़ने से पहले पूर्वी तट पर भूस्खलन की आशंका है, जिससे देश का एक विस्तृत क्षेत्र प्रभावित होगा। हालाँकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक चक्रवात पर कोई घोषणा नहीं की है।</p>
<h3>40-50 किमी प्रति घंटे के साथ बारिश होने की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, मौसम कार्यालय ने 23 मई तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के ताजा अपडेट में ‘‘अगले 7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।’’ Cyclone Alert</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम कार्यालय ने 23 मई तक तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के लिए हल्की से मध्यम बारिश, तूफान, बिजली और तेज हवाओं का अनुमान लगाया है। ये मौसम की स्थिति कोमोरिन क्षेत्र पर एक चक्रवाती परिसंचरण से उत्पन्न होती है और दक्षिण तमिलनाडु तट से सटा हुआ।</p>
<h3>पश्चिमी विक्षोभ 17 मई से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना</h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के अनुसार, ‘‘एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 17 मई से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।’’ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 मई तक हल्की बारिश की गतिविधि होने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने 20 मई तक तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के लिए भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। आईएमडी द्वारा 20 मई को तमिलनाडु और केरल के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। Cyclone Alert</p>
<p><a title="Air India flight Collides: एयर इंडिया की फ्लाइट टग ट्रैक्टर से टकराई! सवार थे 180 यात्री" href="http://10.0.0.122:1245/air-india-flights-tug-collides-with-tractor/">Air India flight Collides: एयर इंडिया की फ्लाइट टग ट्रैक्टर से टकराई! सवार थे 180 यात्री</a></p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 17 May 2024 14:42:34 +0530</pubDate>
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                <title>Cyclone Biparjoy: आखिर क्यों आते हैं चक्रवाती तूफान, कैसे रखे जाते हैं इनके नाम?</title>
                                    <description><![CDATA[Cyclone Biparjoy:अरब सागर में उठे इस साल के पहले प्री-मानसून चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का डर देश के कई राज्यों में बना हुआ है और इसीलिए समुद्र तट वाले जिलों को हाई अलर्ट घोषित करते हुए वहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना मोर्चा संभाल चुके हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ सुनिश्चित […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/after-all-why-do-cyclonic-storms-come-how-are-they-named/article-48854"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/cyclone-biparjoy-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Cyclone Biparjoy:अरब सागर में उठे इस साल के पहले प्री-मानसून चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का डर देश के कई राज्यों में बना हुआ है और इसीलिए समुद्र तट वाले जिलों को हाई अलर्ट घोषित करते हुए वहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सेना मोर्चा संभाल चुके हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ सुनिश्चित करना और इस चक्रवाती तूफान से होने वाले संभावित नुकसान को न्यूनतम करना है लेकिन माना जा रहा है कि यह तूफान कई इलाकों में काफी तबाही मचा सकता है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/cyclone-biparjoy-tracking/">Cyclone Biparjoy: चक्रवाती तूफान बिपरजॉय को लेकर अब तक की बड़ी खबर! जानिए क्या है ताजा अपडेट</a></p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को यह तूफान गंभीर चक्रवात से बेहद गंभीर चक्रवात में बदल गया था। ईस्ट सेंट्रल अरब सागर की खाड़ी में बना हुआ यह तूफान धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है और 15 जून की शाम गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ से इसके टकराने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक भारत के कई राज्यों में इस तूफान के कारण तेज हवाएं चलने के साथ बारिश हो सकती हैं। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान अधिकतम 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चलने के आसार हैं। इसी कारण गुजरात में इस तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। आशंका है कि यह तूफान अति प्रचंड रूप ले सकता है, जिसका अलर्ट मौसम विभाग लगातार दे रहा है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा के मुताबिक बिपरजॉय से काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है, गुजरात में कच्छ, देवभूमि द्वारका, जामनगर जिलों में तो 15 जून तक 20 सेंटीमीटर से भी ज्यादा बारिश हो सकती है। आमतौर पर इस समय इतनी तेज बारिश नहीं होती है, इसलिए निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा होने की संभावना है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">चक्रवाती तूफान बिपरजॉय अरब सागर में केन्द्रित है और मौसम विज्ञान के महानिदेशक के मुताबिक 15 जून को इससे सर्वाधिक खतरा है, उत्तरी गुजरात में 15 और 16 जून को इसका असर रहेगा। इसलिए प्रभावित स्थानों पर लोगों को घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है क्योंकि इसके आने से पेड़, बिजली के खंभे, सेलफोन टावर उखड़ सकते हैं, जिससे बिजली और दूरसंचार में व्यवधान आ सकता है और इस भीषण तूफान की वजह से खड़ी फसलों को भी नुकसान होगा। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग द्वारा 8 राज्यों लक्षद्वीप, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में इस तूफान के कारण तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी जा चुकी है। भारत के तटवर्ती राज्य अक्सर ऐसे चक्रवाती तूफानों से प्रभावित होते रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह के चक्रवाती तूफान अपने पीछे केवल बर्बादी छोड़ जाते हैं। इससे पहले आए अम्फान, निसर्ग, निवार जैसे चक्रवाती तूफान भी भारी तबाही मचा चुके हैं। भीषण तबाही मचाकर गुजर जाने वाले ऐसे तूफानों के बाद भी तूफान प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को लंबे समय तक अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बहरहाल, बिपरजॉय के कहर से निपटने के लिए की गई तमाम तैयारियों के बाद भी तबाही होनी तो तय है ही, इसलिए जरूरी है कि इसके गुजर जाने के बाद लोगों को भावी मुसीबतों से निजात दिलाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">वैसे भारी तबाही मचाने वाले ऐसे तूफान अपने नामों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। चूंकि यह तूफान बांग्लादेश से उठा है, इसलिए बांग्लादेश ने ही इस तूफान को बिपरजॉय नाम दिया है। बंगाली में ‘बिपरजॉय’ के नाम का अर्थ है आपदा या विपत्ति। दरअसल, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में जो भी चक्रवात आते हैं, उनके नाम बारी-बारी से इस इलाके के देश ही रखते हैं। ये सिस्टम पहले से ही तय होता है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">हिंद महासागर में आने वाले तूफानों के नामकरण की वर्ष 2004 से यही प्रक्रिया चली आ रही है। इससे पहले ऐसे ही चक्रवाती तूफानों को बुलबुल, लीजा, हुदहुद, कटरीना, निवार जैसे अलग-अलग नाम दिए जा चुके हैं। हिंद महासागर में आने वाले तूफानों को नाम देने के लिए भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड ने मिलकर एक फामूर्ला बनाया था। सभी देशों द्वारा अपने नामों की एक सूची वर्ल्ड मीटियोरोलॉजिकल आॅर्गनाइजेशन को दी हुई है। इस सूची में भारत की ओर से अग्नि, आकाश, बिजली, मेघ, सागर जैसे नाम शामिल हैं जबकि पाकिस्तान की सूची में नीलोफर, तितली और बुलबुल जैसे नाम हैं। नाम देने लायक चक्रवात आने पर उपरोक्त 8 देशों के भेजे नामों में से बारी-बारी से एक नाम चुना जाता है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">भयंकर तूफानों का नामकरण किए जाने के पीछे भी अहम कारण हैं। साइक्लोन या चक्रवात ग्रीक शब्द ‘साइक्लोज’ से बना है, जिसका अर्थ है, वैसा सांप, जिसने कुंडली मार रखी हो और हमले के लिए तैयार बैठा हो। इसमें कम दबाव के क्षेत्र में हवा अंदर की ओर चक्कर काटती रहती है। कोई भी तूफानी हवा चक्रवात तभी कहलाती है, जब वह कम से कम 74 मील प्रतिघंटा (करीब 119 किलोमीटर प्रतिघंटा) की रफ्तार पकड़ ले।</p>
<p style="text-align:justify;">जब तूफान चक्रवात का रूप धारण कर लेता है, तब उसका एक नाम दिए जाने की परम्परा है। किसी तूफान को नाम इसलिए दिया जाता है ताकि उसका कोई नाम होने से लोगों को उसकी भयावहता को लेकर समय रहते चेतावनी दी जा सके और प्रभावित होने वाले क्षेत्र में लोग उसे गंभीरता से ले सकें। नामकरण के बाद ऐसे तूफानों से निपटने के लिए तैयारी करने में भी मदद मिलती है। किसी भी तूफान की श्रेणी हवा की गति के आधार पर ही तय की जाती है। तूफान की श्रेणी हवा की गति बढ़ने के आधार पर 1 से 5 की स्केल पर चली जाती है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">जब हवा 63 किलोमीटर प्रतिघंटा या उससे अधिक रफ्तार से चलती है तो उसे ट्रॉपिकल तूफान कहा जाता है। हवा की गति 119 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी अधिक होने पर उसे ‘ट्रापिकल साइक्लोन’ कहते हैं। किसी चक्रवाती तूफान की रफ्तार प्राय: 62 से 88 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है लेकिन तूफान की रफ्तार 221 किलेमीटर प्रतिघंटा से भी ज्यादा होने पर उसे सुपर साइक्लोन कहा जाता है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">चक्रवाती तूफानों का सिलसिला प्राय: मौसम में गर्मी की शुरूआत से ही शुरू हो जाता है। सूर्य की गर्मी जब समुद्र में भूमध्य रेखा के पास बढ़ती है तो समुद्र का पानी 27 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे भाप बनती है और गर्म हवा तेजी से ऊपर उठती है। जब गर्म हवा ऊपर की ओर उठती है तो ऊपर की नमी वाष्प के साथ मिलकर बादल बनाती है और वहां कम वायु दाब का क्षेत्र बन जाता है। गर्म हवा ऊपर उठने पर नीचे की खाली जगह भरने के लिए ठंडी हवा तेजी से आ जाती है और इस प्रकार हवा चक्कर काटने लगती है तथा नमी से भरे बादल भी घूमने लगते हैं, जिससे समुद्री तूफान पैदा होता है। तूफान की तीव्रता गर्मी और नमी की अधिकता पर निर्भर करती है। Cyclone Biparjoy</p>
<p style="text-align:justify;">– योगेश कुमार गोयल</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 18:47:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>चक्रवाती तूफान जवाद का कमजोर पड़ने, 5 दिसंबर को पुरी तट से टकराने का अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[भुवनेश्वर (एजेंसी)। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ मामूली तौर पर उत्तर की ओर बढ़ गया है और इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान जवाद लगभग उत्तर दिशा की बढ़ेगा और यह उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर ओडिशा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>भुवनेश्वर (एजेंसी)।</strong> पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ मामूली तौर पर उत्तर की ओर बढ़ गया है और इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान जवाद लगभग उत्तर दिशा की बढ़ेगा और यह उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर ओडिशा तट के साथ गहरे दबाव के रूप में 05 दिसंबर को दोपहर तक पुरी के तट से टकरायेगा। इसके बाद, इसके और कमजोर पड़ने के आसार हैं और ओडिशा तट के साथ-साथ पश्चिम बंगाल तट की ओर उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके असर से तटीय ओडिशा के जिलों में अधिकांश स्थानों पर और ओडिशा के आंतरिक जिलों में कई स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। रिर्पोेटों में यहां बताया गया है कि ओडिशा के कई हिस्सों में कल शाम से लगातार बारिश हो रही है और कुछ जगहों पर सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा का वेग 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने गंजम, पुरी और जगतसिंहौर जिलों में रेड अलर्ट, कंधामल, क्योझार, रायगढ़ ओर मयूरभंज जिलों में येलो और मयूरभंज, बालासौर, भद्रक, केन्द्रपाडा, जगतसिंहपुर, जाजपुर, कटक और पुरी जिलों में आॅरेंज अलर्ट जारी किया है। सूत्रों ने कहा कि आंधी के साथ हवा का वेग 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में तेज है। इसके बाद इसका वेग धीरे-धीरे कम हो जाएगा, आज मध्यरात्रि तक उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में हवा का वेग 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार जाएगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>क्या है मामला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद यह 05 दिसंबर की सुबह से बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी के ऊपर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कम होकर 50-60 किमी प्रति घंटे रह जाएगा। पश्चिम मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अशांत हो सकती है। शनिवार मध्यरात्रि से 05 दिसंबर की शाम तक उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में इसके बहुत उथल-पुथल हो सकती है और उसके बाद स्थित में सुधार होगा। मौसम विभाग ने मछुआरों को 05 दिसंबर तक पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर आंध्र प्रदेश-ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से दूर रहने की सलाह दी है। इस बीच अधिकारियों ने ओडिशा के सभी प्रमुख बंदरगाहों को चेतावनी जारी की है।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/weakening-of-cyclonic-storm-jawad/article-28876</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Dec 2021 13:27:36 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चक्रवात ‘जवाद’ आंध्र प्रदेश, ओडिशा तट को छू सकता है आधी रात तक : मौसम विभाग</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठे चक्रवाती तूफान जवाद की दिशा और गति बदल रही है और इसके आज आधी रात तक उत्तरी आंध प्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा के तट पर टकराने और उत्तर एवं उत्तर-पूर्व की दिशा में पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cyclone-jawad-may-touch-andhra-pradesh-odisha-coast-by-midnight/article-28850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/stormy-waves1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठे चक्रवाती तूफान जवाद की दिशा और गति बदल रही है और इसके आज आधी रात तक उत्तरी आंध प्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा के तट पर टकराने और उत्तर एवं उत्तर-पूर्व की दिशा में पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार इसके जवाद के असर से उत्तरी आंध प्रदेश, दक्षिणी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों तथा पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ इलाकों में चार और पांच दिसंबर तक 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती और भारी वर्षा हो सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग का यह भी कहना है कि इस चक्रवात में हवाओं की रफ्तार हाल के अधिक गंभीर तूफानों की तुलना में कम है। इसमें हवाओं के वेग की बजाय भारी वर्षा और जल भराव से घरों और फसला का नुकसान हो सकता है। तूफान में पेड़ और बिजली और दूरसंचार के कमजोर खंभों के टूटने की भी आशंका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>‘गंभीर’ श्रेणी का चक्रवात: मौसम विभाग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि चक्रवात जवाद के अगले 12 घंटे में इसके इसके पूर्वी तट से टकराने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि यह ‘गंभीर’ श्रेणी का चक्रवात है। इसमें हवा का वेग अधिकतम 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा या किसी समय इसके कुछ अधिक रहेगी। संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ उपस्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक अतुल करवाल भी थे। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती क्षेत्रों में 46 टीमें पहले से तैनात कर दी हैं तथा आस पास के राज्यों में 18 टीमों को तैनात रखा गया है। करवाल ने बताया कि जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ अतिरिक्त टीमें विमानों से भी पहुंचाने की तैयारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग के प्रमुख डॉ महापात्र ने कहा कि चक्रवात जवाद तितली (140 किमी/घंटा) से काफी कम और गुलाब (50 किलोमीटर/घंटा) से कुछ अधिक तीव्रता का है। उन्होंने कहा कि इस समय तूफान के तट पर पहुंचने के समय इसकी तीव्रता 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। इसके चार दिसंबर सुबह तक और तेज होने तथा उत्तर-उत्तर पूर्व की दिशा में बढ़ने तथा तूफानी हवाओं की रफ्तार 90 से 100 या 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बागवानी की फसलों को नुकसान हो सकता है</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">डॉ महापात्र ने बताया कि तूफान की रफ्तार पांच दिसंबर दोपहर तक कम पड़ जाएगी। इसके, खास कर इसमें भारी वर्षा और जल जमा होने के प्रभाव में कच्चे मकानों और तैयार धान तथा बागवानी की फसलों को नुकसान हो सकता है। तेज हवा में पेड़ों के टूटने और टेलीफोन तथा बिजली के खंभों के गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने इन तीनों राज्यों में तटीय क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियों को पूरी तरह स्थगित रखने की सलाह दी है। मछुआरों, मोटरबोट आदि को अगले तीन दिन तक समुद्र में न जाने या इस समय समुद्र में गयी नौकाओं को वापस आने की सलाह दी गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">समुद्री जहाजों और पर्यटकों को भी खतरे से सावधान किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में चार और पांच तारीख को वर्षा और तूफान से रोशनी भी बहुत कम होगी। ऐसे में वाहन चालकों को वाहन न निकालने की सलाह दी गयी है।</p>
<h4><strong>सर्वाधिक छह इंच बरसात दक्षिण गुजरात के उमरपाड़ा में हुई</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लापता मछुआरों की खोजबीन की जा रही है। इसके लिए तट रक्षक दल की मदद से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ज्ञातव्य है कि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रणाली और निम्न दबाव के क्षेत्र के चलते गुजरात में पिछले 24 घंटे से बेमौसम की बरसात हो रही है। इस दौरान कुल 151 में से 129 तालुका में बरसात हुई है। सर्वाधिक छह इंच बरसात दक्षिण गुजरात के उमरपाड़ा में हुई है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Dec 2021 16:12:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>चक्रवाती तूफान जवाद के कारण पांच ट्रेनें रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवनंतपुरम। चक्रवाती तूफान जवाद के मद्देनजर दक्षिण रेलवे ने गुरुवार को ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीआर) से गुजरने वाली पांच ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दक्षिण रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि दो दिसंबर (गुरुवार) 1655 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से खुलने वाली तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – शालीमार द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/five-trains-canceled-due-to-cyclonic-storm-jawad/article-28809"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-12/investment-railways-will-make-the-best-in-the-world-by-2030.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> चक्रवाती तूफान जवाद के मद्देनजर दक्षिण रेलवे ने गुरुवार को ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीआर) से गुजरने वाली पांच ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दक्षिण रेलवे ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि दो दिसंबर (गुरुवार) 1655 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से खुलने वाली तिरुवनंतपुरम सेंट्रल – शालीमार द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। आज 17.30 बजे कन्याकुमारी से खुलने वाली कन्याकुमारी-डिब्रूगढ़ साप्ताहिक विवेक सुपरफास्ट एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। इसी तरह सिलचर-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वीकली अरोनई सुपरफास्ट एक्सप्रेस, धनबाद जंक्शन – अलाप्पुझा डेली एक्सप्रेस, पटना जंक्शन – एर्नाकुलम जंक्शन द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी आज रद्द कर दिया गया है।</p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Dec 2021 09:51:36 +0530</pubDate>
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                <title>गहरे दबाव में कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान गुलाब</title>
                                    <description><![CDATA[हैदराबाद। चक्रवाती तूफान गुलाब सोमवार को आखिर छह घंटों के दौरान 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तरी आंध्र प्रदेश और उसके सटे दक्षिणी ओडिशा की ओर बढ़ा और आज तड़के 2.30बजे यह गहरे दबाव में कमजोर पड़ गया। यह जानकारी मौसम विभाग ने आज तड़के दी। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान आज […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cyclonic-storm-gulab-weakened-under-deep-pressure/article-27238"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/cyclone-fani.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हैदराबाद।</strong> चक्रवाती तूफान गुलाब सोमवार को आखिर छह घंटों के दौरान 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तरी आंध्र प्रदेश और उसके सटे दक्षिणी ओडिशा की ओर बढ़ा और आज तड़के 2.30बजे यह गहरे दबाव में कमजोर पड़ गया। यह जानकारी मौसम विभाग ने आज तड़के दी। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवाती तूफान आज तड़के 2.30 बजे उत्तरी आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा में 18.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 83.0 डिग्री पूर्वी देशांतर में गोपालपुर (ओडिशा) से लगभग 220 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण, जगदलपुर (छ.ग.) से 130 किमी पूर्व-दक्षिण और कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 120 किमी पश्चिम में स्थित था।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने बताया कि इसके पश्चिमोत्तर की ओर बढ़ने और अगले 6 घंटों के दौरान गहरे दबाव कमजोर पकड़े के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण तेलंगाना में अधिकांश स्थानों पर आज हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने और छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Mon, 27 Sep 2021 06:26:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ग्लोबल वार्मिंग के कारण चक्रवाती तूफानों का आना बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[नयी दिल्ली l ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिंद महासागर के तेजी से गर्म होने की वजह से भारत में अधिक तीव्रता वाले चक्रवाती तूफानों का आना बढ़ गया है। इस बीच, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि अगले पांच वर्षों के दौरान ग्लोबल वार्मिंग के और बढ़ने की आशंका है। डब्ल्यूएमओ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/cyclone-storms-increase-due-to-global-warming/article-23988"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/cyclone-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली l</strong> ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिंद महासागर के तेजी से गर्म होने की वजह से भारत में अधिक तीव्रता वाले चक्रवाती तूफानों का आना बढ़ गया है। इस बीच, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि अगले पांच वर्षों के दौरान ग्लोबल वार्मिंग के और बढ़ने की आशंका है। डब्ल्यूएमओ ने जानकारी दी कि 40 फीसदी आशंका है कि अगले पांच वर्षों में वार्षिक औसत वैश्विक तापमान अस्थायी रूप से पूर्व-औद्योगिक समय से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डब्ल्यूएमओ ने कहा कि अभी भी पूरे अनुमान के साथ यह नहीं कह सकते कि कि अगले पांच वर्षों का वार्षिक तापमान पूर्व-औद्योगिक समय से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो जाएगा लेकिन अब ऐसा होने की आशंका दोगुनी हो गई है। डब्ल्यूएमओ के वार्षिक अपडेट में कहा गया है कि वैश्विक तापमान को पूर्व-औद्योगिक स्तर से अधिक 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित कर देने के पेरिस समझौते के लक्ष्य को अब पाने की संभावना नहीं लग रही है, क्योंकि 19वीं सदी की तुलना में 2020 में वैश्चिक तापमान में 1.2 सेल्सियस की वृद्धि देखी गई।</p>
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                <pubDate>Sat, 29 May 2021 09:48:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के साथ बैठक में देर से पहुंची, सौंपी नुक्सान की रिपोर्ट,  और चली गईं</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने चक्रवात ‘यास’ से हुए नुक्सान की समीक्षा बैठक की। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समीक्षा बैठक में करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता ने चक्रवात से हुए नुक्सान से संबंधित कागजात सौंपे और इसके बाद उन्होंने कहा कि अन्य […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/modi-visits-aerial-survey-of-yaas-affected-areas/article-23970"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/yaas-cyclone-modi-visit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने चक्रवात ‘यास’ से हुए नुक्सान की समीक्षा बैठक की। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समीक्षा बैठक में करीब 30 मिनट की देरी से पहुंची। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता ने चक्रवात से हुए नुक्सान से संबंधित कागजात सौंपे और इसके बाद उन्होंने कहा कि अन्य बैठक सूचीबद्ध है। इसके बाद ममता बनर्जी वहां से चली गई। उधर ममता बनर्जी ने ट्वीट करते हुए कहा कि हिंगलगंज और सागर में समीक्षा बैठक के बाद मैं प्रधानमंत्री से कलाईकुंडा में मिलीं और तूफान के बाद पश्चिम बंगाल की स्थिति से उन्हें अवगत कराया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">PM had called meeting. We didn't know I had meeting in Digha. I went to Kalaikunda &amp; gave PM report, asking for Rs 20,000 Cr- Rs 10,000 cr each for Digha Development &amp; Sundarban Development. I told him you (state's officials) wanted to meet me. I took his permission &amp; left: WB CM <a href="https://t.co/06roJuKVNN">pic.twitter.com/06roJuKVNN</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1398224927052886025?ref_src=twsrc%5Etfw">May 28, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<h4>‘यास’ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने पहुंचे मोदी</h4>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवाती तूफान ‘यास’ से प्रभावित इलाकों में हुई क्षति का आकलन , प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण तथा स्थिति की समीक्षा करने शुक्रवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के दौरे पर यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर पहुंचे। मोदी की हवाई अड्डे पर ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और प्रताप सारंगी, मुख्य सचिव एस सी महापात्र, पुलिस महानिदेशक अभय तथा विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने अगुवानी की।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने पहुंचने के तुरंत बाद ही उक्त गणमान्य लोगों के अलावा राज्य के अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने मोदी के समक्ष चक्रवात ‘यास’ प्रभावित क्षेत्रों में निकासी, राहत और बचाव अभियान की विस्तृत तस्वीर पेश की है। सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक एक घंटे तक चलेगी जिसके बाद प्रधानमंत्री 26 मई को आए भीषण चक्रवाती तूफान यास से सबसे ज्यादा प्रभावित बालासोर और भद्रक जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। तूफान 26 मई को बालासोर तट के पास टकराया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">पटनायक ने मोदी से चक्रवात से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान की मांग की</h4>
<p style="text-align:justify;">ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चक्रवात से निपटने के लिए राज्य के तटीय क्षेत्रों में एक स्थायी बुनियादी ढांचा शमन, तटीय तूफान संरक्षण योजना और एक आपदा प्रतिरोध शक्ति प्रणाली के लिए सहायता प्रदान करने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">पटनायक ने यह मांग आज यहां प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनके पहुंचने पर हुई समीक्षा बैठक में की। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) प्रदीप जेना ने समीक्षा बैठक के बाद संवाददताओं से कहा कि राज्य सरकार ने चक्रवाती तूफान यास से प्रभावित इलाकों में बहाली के कार्य के लिए किसी तरह की विशेष सहायता की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के चक्रवात पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन देने से पहले आठ मिनट का वीडियो प्रेजेंटेशन दिया गया। जेना ने कहा कि चक्रवाती तूफान यास ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया है और मुख्यमंत्री ने चक्रवात को कम करने के लिए एक दीर्घकालिक समाधान और तटीय तूफान सुरक्षा योजना की मांग की।</p>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 May 2021 16:50:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वी भारत में तूफान यास का कहर, हजारों घर जमींदोज</title>
                                    <description><![CDATA[भुवनेश्वर (एजेंसी)।भीषण चक्रवाती तूफान यास ने पूर्वी भारत में कहर बरपाते हुए बुधवार को हजारों कच्चे मकानों को नष्ट कर दिया तथा तूफान के असर को देखते हुए शहर के क्षेत्रीय व्यस्त हवाई अड्डे को भी बंद करना पड़ा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तूफान के कहर को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/landfall-begins-in-odisha-and-bengal-due-to-cyclone-yaas/article-23905"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/cyclone-yaas-3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भुवनेश्वर (एजेंसी)।</strong>भीषण चक्रवाती तूफान यास ने पूर्वी भारत में कहर बरपाते हुए बुधवार को हजारों कच्चे मकानों को नष्ट कर दिया तथा तूफान के असर को देखते हुए शहर के क्षेत्रीय व्यस्त हवाई अड्डे को भी बंद करना पड़ा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तूफान के कहर को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सुबह साढेÞ आठ बजे से रात पौने आठ बजे तक बंद कर दिया गया है और यहां आने जाने वाली सभी उड़ानें बंद हैं। राज्य सरकार ने तूफान की तीव्रता को देखते हुए स्थिति पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया है जो लगातार काम कर रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार रात राज्य सचिवालय नबन्ना में ही रही और स्थिति पर नजर रखी तथा इससे निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। वह सभी 20 जिलों के जिलाधिकारियोें से भी लगातार जानकारी ले रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों की मदद करने के लिए एनडीआरएफ, पुलिस और सेना को राहत तथा बचाव कार्यों में लगाया गया है। उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना जिले , पश्चिमी मिदनापुर, झारग्राम, बीरभूम, पुरूलिया, बर्दवान, हावड़ा , हुगली तथा नादिया जिलों में लगभग 17 कंपनियों को तैनात किया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">15 क्षेत्रों में समुद्र का पानी भरा</h3>
<p style="text-align:justify;">सुश्री बनर्जी ने पत्रकारों को बताया कि राज्य में लगभग बीस हजार कच्चे मकान तथा अस्थायी आवास इस तूफान की चपेट में आकर नष्ट हो गए हैं। मिदनापुर जिले में 70 किलोमीटर के क्षेत्र तथा दक्षिण 24 परगना जिले में कम से कम 15 क्षेत्रों में समुद्र का पानी भर गया है। उन्होंने बताया कि नंदीग्राम के लोगों ने कुछ समय पहले उनसे बातचीत की है और सोनाचुरा तथा केंदामारी में काफी बड़े क्षेत्र में पानी भर गया है। उन्होंने बताया,‘काफी तेज लहरों तथा चक्रवाती तूफान के कारण चलते तटीय क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है और हमने पहले ही 11.5 लाख लोगों को वहां से निकाल लिया था तथा उन लोगों से वहां नहीं जाने की अपील की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">चूंकि स्थिति काफी गंभीर होती जा रही है तो ऐसे में हमने उन्हें कहा है कि प्रशासन की तरफ से सुरक्षा की पुष्टि किए जाने के बाद ही उन क्षेत्रों में जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा आपदा राहत प्रबंधन विभाग, नगर निकाय, पंचायत, लोक निर्माण विभाग, बिजली , सिंचाई और कृषि विभागों के लगभग 64हजार कर्मचारियों को पिछले 24 घंटों से उन क्षेत्रों में तैनात किया गया है। सरकार का मकसद लोगों की जानमाल की रक्षा करना है।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">चक्रवात ‘यास’ भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है।</li>
<li style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई जिला में भारी बारिश हो रही है।</li>
<li style="text-align:justify;">दोनों ही राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया हुआ है।</li>
<li style="text-align:justify;">ओडिशा के भद्रक जिले के तट से टकराया है ‘यास’। यहां समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही है। कई कालॉनियों में समुद्र का पानी भर गया है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।</li>
</ul>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Some fishermen seen near the sea, even as it turns turbulent in Gopalpur of Ganjam district in wake of <a href="https://twitter.com/hashtag/CycloneYaas?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CycloneYaas</a>. Meteorological Department, Gopalpur has announced a Yellow alert in the district. <a href="https://t.co/Tp5ButvwjX">pic.twitter.com/Tp5ButvwjX</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1397390581131739136?ref_src=twsrc%5Etfw">May 26, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>अपडेट</strong></h3>
<ul>
<li style="text-align:justify;"><strong>चक्रवात तूफान ओडिशा के भद्रक जिले में धामरा बंदरगाह के निकट पहुंच गया है। ये जानकारी एक अधिकारी ने दी है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>तूफान ययास बालासोर (ओडिशा) से लगभग 50 किमी दक्षिण पूर्व में केंद्रित है</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>भुवनेश्वर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट और झारसुगुड़ा एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>चक्रवात के कारण सभी उड़ाने रद्द कर दी गई है।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>ओडिशा के पारादीप में तेज हवाएं और बारिश से सड़कों पर गिरे हुए पेड़ देख गए हैं।</strong></li>
<li style="text-align:justify;"><strong>पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना में तेज हवाएं और बारिश हो रही है।</strong></li>
</ul>
<h4 style="text-align:justify;">एनडीआरएफ तैनात, लोगों को निकालने का काम जारी</h4>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">VERY SEVERE CYCLONIC STORM YAAS CENTRED ABOUT 50 KM SOUTH-SOUTHEAST OF BALASORE.LANDFALL PROCESS HAS COMMENCED AROUND 0900 HRS IST. <a href="https://t.co/esPuoaECL0">pic.twitter.com/esPuoaECL0</a></p>
<p>— India Meteorological Department (@Indiametdept) <a href="https://twitter.com/Indiametdept/status/1397395893750403075?ref_src=twsrc%5Etfw">May 26, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
<p style="text-align:justify;">चक्रवती तूफान यास के आने से पहले ही एजेंसियां ने मोर्चा संभाल रखा है। एनडीआरएफ की कई टीमों को बंगाल, ओडिशा में तैनात किया गया है। बीते दिन ईस्ट मिदनापुर में एनडीआरएफ की टीमों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। एनडीआरएफ के अलावा भारतीय नेवी को भी अलर्ट पर रखा गया है। समुद्री इलाके के आसपास मछुआरों को वापस लाने की प्रक्रिया चालू थी, वहीं अन्य नावों को भी वापस तट पर लाया गया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | West Bengal: Water from the sea enters residential areas along New Digha Sea Beach in East Midnapore.</p>
<p>Very Severe Cyclonic Storm Yaas centred about 50 km South-Southeast of Balasore (Odisha). Landfall process has commenced around 9 am, says IMD. <a href="https://twitter.com/hashtag/CycloneYaas?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#CycloneYaas</a> <a href="https://t.co/8m667Py8Ec">pic.twitter.com/8m667Py8Ec</a></p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1397401395267915776?ref_src=twsrc%5Etfw">May 26, 2021</a></p></blockquote>
<p></p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/landfall-begins-in-odisha-and-bengal-due-to-cyclone-yaas/article-23905</link>
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                <pubDate>Wed, 26 May 2021 11:04:28 +0530</pubDate>
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