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                <title>Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <description>Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan RSS Feed</description>
                
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                <title>Saint MSG के 40 दिन: नहीं गया कोई पल मानवता की सेवा के बिन</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे संत जब भी धरती पर अवतरित हुए, हर परिस्थिति में उनका उद्देश्य एक ही रहा है ”मानवता का भला, इंसानियत की सेवा”। सच्चे संत खुद भी हक़ हलाल की कमाई करने के साथ-साथ इंसानियत की सेवा में अपना पूरा समय लगाते हैं और दूसरों को भी ऐसी ही प्रेरणा देते हैं। बता दें कि […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/40-days-of-saint-msg-not-a-moment-passed-without-serving-humanity/article-81375"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-02/humanity-40-days-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे संत जब भी धरती पर अवतरित हुए, हर परिस्थिति में उनका उद्देश्य एक ही रहा है ”मानवता का भला, इंसानियत की सेवा”। सच्चे संत खुद भी हक़ हलाल की कमाई करने के साथ-साथ इंसानियत की सेवा में अपना पूरा समय लगाते हैं और दूसरों को भी ऐसी ही प्रेरणा देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कभी-कभी इतिहास तारीखों से नहीं बनता बल्कि तपस्या और मानवता की निस्वार्थ सेवा करके भी लिखा जाता है। ऐसा ही नजारा देखा गया पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) के सरसा निवास के दौरान 40 दिन का। जिनका हर दिन, हर पल इंसानियत-सृष्टि के कल्याण को समर्पित रहा।</p>
<h3>सरसा की पावन धरा पर सेवा का महाकुंभ दिन रात चला</h3>
<p style="text-align:justify;">गत 40 दिनों के दौरान सरसा की पावन धरा पर न केवल सेवा का महाकुंभ दिन रात चला बल्कि न जाने कितनी तड़पती रूहों को सुकून भी मिला। डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने 40 दिनों के रूहानी सफर के दौरान बिना विश्राम, बिना थकान की परवाह किए, सेवा का ऐसा महाकुंभ चलाया जोकि अध्यात्म और करुणा का जीवंत संगम बन गया। इन 40 दिनों में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहाँ हर सुबह मानवता के नाम और हर शाम समाज के उत्थान के संकल्प के साथ ढली। ये सेवा का महाकुंभ केवल कार्यक्रमों की श्रृंखला नहीं थी, बल्कि संवेदनाओं का प्रवाह था… दर्द को राहत देने का, निराशा को आशा में बदलने का और नशों में डूबे घर के चिरागों को फिर से रौशन करने का।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी के इन 40 दिनों का सबसे मार्मिक दृश्य वे चेहरे थे, जो कभी नशे की गिरफ्त में अपनी पहचान खो चुके थे। किसी मां की आंखों में बेटे को बचाने की अंतिम आस थी, किसी पत्नी ने वर्षों बाद पति को सुधरते देखा और किसी बच्चे ने पहली बार अपने पिता को होश में मुस्कुराते देखा।</p>
<h3>ऐसे-ऐसे युवक-युवतियों ने नशा छोड़ दिया जो जिंदा लाश की तरह थे</h3>
<p style="text-align:justify;">नशे की गहरी खाई में गिर चुके इन लाखों लोगों को केवल पूज्य गुरु की पावन शिक्षा ही नहीं मिली बल्कि सहारा भी मिला। डेप्थ कैंपेन के तहत ऐसे-ऐसे युवक-युवतियों ने नशा छोड़ दिया जो जिंदा लाश की तरह थे। जिनके ठीक होने की उम्मीद परिवार छोड़ चुका था। लेकिन पूज्य गुरु जी के मार्गदर्शन और पावन वचनों के साथ राम नाम से जुड़कर लाखों घर इन 40 दिनों में नशों की गिरफ्त से आजाद हो गए। और इतना ही नहीं इस सेवा के महाकुंभ के दौरान लगातार आयोजित नि:शुल्क मेडिकल कैंपों में एलोपैथी, नेचुरोपैथी और आयुर्वेद के माध्यम से 10 हजार से अधिक गरीब मरीजों को बड़ी राहत मिली। देशभर से 100 से अधिक स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली, चंडीगढ़, जयपुर और शिमला सहित विभिन्न महानगरों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पूज्य गुरु जी द्वारा आयोजित इन शिविरों को देश के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए इसकी सराहना की। विशेष बात यह रही कि इन कैंपों का समस्त खर्चां पूज्य गुरु जी ने अपनी मेहनत और हक-हलाल की कमाई से वहन किया। इन कैंपों में गरीब मरीजों की नि:शुल्क जांच के साथ-साथ सी टी स्कैन और एमआरआई जैसे महंगे परीक्षण भी मुफ्त किए गए। महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए हजारों महिलाओं को स्वयं जांच (सेल्फ एग्जामिनेशन) का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव हो सके।</p>
<h3>अपनी नेक कमाई में से किसान के खेत में डूयूबलेब लगवाकर भी दिया</h3>
<p style="text-align:justify;">वहीं दूसरी ओर पूज्य गुरु जी ने इस दौरान मानवता भलाई कार्यों की श्रृंखला को भी गति दी। गरीब किसानों के दर्द को महसूस करते हुए पूज्य गुरु जी ने गरीब किसानों के लिए ट्यूबवेल लगाने की मुहिम का आगाज ही नहीं किया बल्कि सबसे पहले स्वयं अपनी नेक कमाई में से किसान के खेत में डूयूबलेब लगवाकर भी दिया। पूज्य गुरु जी की इस मदद से किसान की सूखी धरती को पानी मिला तो उम्मीद भी हरी हुई। यह सहायता केवल आर्थिक नहीं थी—यह आत्मनिर्भरता का संकल्प थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके साथ ही आप जी ने जरूरतमंद पत्रकारों, पुलिस कर्मचारियों और अन्य वर्गों को हर संभव सहायता देने का जो बीड़ा उठाया वो सराहनीय रहा। आप जी के आह्वान पर करोड़ों की साध संगत से इस मुहिम को सार्थक करने का सकंल्प भी लिया। इतना ही नहीं आप जी ने गरीब कन्याओं के विवाह करवाकर अपनी नेक कमाई से कन्यादान किया। और इन 40 दिनों में जो सबसे अलग दिखाई दिया, वह था कि एक संत, पीर फकीर ने अपनी सेहत की प्रवाह किये बिना दिन रात सृष्टि, समाज व हर वर्ग का उद्धार किया।</p>
<p><iframe title="Ram Rahim ने 40 दिनों में बदल दी लाखों जिन्दगियां | Dera Sacha Sauda | Saint MSG | Drug  Free India" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/1B6UAv6pgJI?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                            <category>मानवता भलाई कार्य</category>
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                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 11:52:27 +0530</pubDate>
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                <title>खुशियों से मालामाल होना है तो पूज्य गुरु जी के ये वचन पढ़ लो&amp;#8230;</title>
                                    <description><![CDATA[सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर उन्हें कहा जाता है जो इन्सान को सच से जोड़ देते हैं, मालिक का पैगाम जन-जन तक पहुंचाते हैं, उस प्रभु के संदेश की चर्चा करते रहते हैं, जिससे आत्मा, परमपिता परमात्मा से मिल जाए। गुरु, मुर्शिद-कामिल, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/if-you-want-to-be-filled-with-happiness-then-read-these-words-of-the-revered-guru-ji/article-79612"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-12/baba-ram-rahim1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर उन्हें कहा जाता है जो इन्सान को सच से जोड़ देते हैं, मालिक का पैगाम जन-जन तक पहुंचाते हैं, उस प्रभु के संदेश की चर्चा करते रहते हैं, जिससे आत्मा, परमपिता परमात्मा से मिल जाए। गुरु, मुर्शिद-कामिल, संत वो गाईड होते हैं, जो जीते-जी गम, दु:ख, दर्द, चिंता, परेशानियों से मुक्ति का रास्ता बताते हैं और मरणोपरांत आवागमन से कैसे आत्मा मुक्त हो, ये तरीका समझाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि संतों का काम कोई मेला, तमाशा करना नहीं होता, बल्कि उनके हर कार्य में हर किसी का भला छुपा होता है। उनका कोई निजी मकसद नहीं होता कि वो खुद के लिए कुछ बनाएं। ‘तरूवर फल नहीं खात है, सरवर पीव न नीर। परमार्थ के कारणे संतन भयो शरीर।।’ जिस तरह पेड़-पौधों पर जितने भी फल लग जाएं, वो फल खुद नहीं खाते। समुद्र, नदियां कभी अपना पानी आप नहीं पीते। इसलिए संत, पीर-फकीर दुनिया के लिए आते हैं। उनका अपना निजी मकसद नहीं होता। उनका हर कर्म, हर किसी के भले के लिए होता है। दुआ के लिए हाथ उठते हैं, दुआ के लिए अंदर सोच चलती है और दुआ के लिए ही वो बने होते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जिस तरह आप घर के मुखिया हैं, तो आपको घर का फिक्र होता है, बाल-बच्चे, परिवार का फिक्र होता है। उसके लिए आप कितना कुछ करते रहते हैं। उसी तरह संत, पीर-फकीर पूरी सृष्टि के लिए आते हैं। उनको सारे समाज का, सारी सृष्टि का फिक्र रहता है, क्योंकि भगवान की तरफ से उनकी यह ड्यूटी होती है कि पूरी सृष्टि में तालमेल बना रहे और इन्सान के रूप में जो आत्मा इस धरती पे है, वो परमपिता परमात्मा से मिल जाए। इसके लिए संत सत्संग करते हैं, हर कर्म करते हैं, जिससे इन्सान बुराई छोड़कर मालिक की तरफ लग जाए और खुशियों से मालामाल हो जाए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अनमोल वचन</category>
                                            <category>अध्यात्म</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 11:09:26 +0530</pubDate>
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                <title>असम में मिसाल बनी Saint MSG की ‘Care’ मुहिम</title>
                                    <description><![CDATA[डॉक्टरों ने बांटा अपनों के सताए बुजुर्गों का दर्द | (Care Campaign) गुवाहाटी, असम (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षा अनुसार ‘अपना हर त्यौहार मानवता भलाई के कार्य करके मनाना चाहिए’, के तहत गुवाहाटी स्थित प्रमोद तालुकदार मैमोरियल ओल्ड ऐज होम में रह रहे अपनों द्वारा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/sant-msgs-care-campaign-becomes-an-example-in-assam/article-48652"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/asam2.jpg" alt=""></a><br /><h3>डॉक्टरों ने बांटा अपनों के सताए बुजुर्गों का दर्द | (Care Campaign)</h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी, असम (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षा अनुसार ‘अपना हर त्यौहार मानवता भलाई के कार्य करके मनाना चाहिए’, के तहत गुवाहाटी स्थित प्रमोद तालुकदार मैमोरियल ओल्ड ऐज होम में रह रहे अपनों द्वारा छोड़े गए बुजर्गों के साथ ‘Care Campaign’ के अनुसार डॉ. पायल इन्सां ने अपना बर्थडे सेलीब्रेट किया और उन्हें फलादि भेंट किए। इस अवसर पर उनके साथ डॉ. सोनम इन्सां भी मौजूद थी।(Care Campaign)</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:– <a title="रो रहे सतगुर तेरे विरह में नयन" href="http://10.0.0.122:1245/poem-for-saint-dr-msg-insan-sirsa/">रो रहे सतगुर तेरे विरह में नयन</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. पायल इन्सां ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरूवार 8 जून को उनका जन्मदिवस था और उन्होंने गत रात्रि प्रमोद तालुकदार मैमोरियल ओल्ड ऐज होम में जाकर बुजुर्गों के साथ उनकी बेटियां बनकर काफी समय व्यतीत किया, उनसे खूब सारी बातें की, उनका हालचाल जाना और उनकी दुख-परेशानियों के बारे में पूछा। इससे उन बुजुर्गों को अपनापन महसूस हुआ जिसका उन्होंने उनके सामने जिक्र भी किया। इस अवसर पर डॉ. पायल इन्सां और डॉ. सोनम ने उन्हें फलादि भी सप्रेम भेंट किए। वहीं बुजुर्गों ने भी इस अपनेपन के लिए उन दोनों की काफी प्रशंसा की और कहा-धन्य हैं आपके गुरू जो आपको ऐसी अच्छी-अच्छी शिक्षाएं देते हैं।</p>
<h3>संत एमएसजी का 149 वां कार्य है ‘केयर’ | (Care Campaign)</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाए गए 157 मानवता भलाई कार्यों के तहत शुरू किए गए अभियान पूरी दुनिया में सक्रिय हैं। देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई के कार्य दुनिया के लिए मिसाल साबित हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इन्हीं अभियानों की कड़ी में संत एमएसजी ने 149 वां अभियान ‘केयर’ शुरू कर रखा है जिसके तहत महीने के अंतिम शनिवार को अपने बच्चों के साथ उन अनाथ बुजुर्गों से मिलना और उनकी खान-पान और रहन-सहन से जुड़ी कमियों को भी दूर करना है ताकि उनको अकेलापन महसूस न हो। ये वो बुजुर्ग होते हैं जिनको उनके अपनों द्वारा या तो बोझ समझकर या उनकी बीमारियों-परेशानियों से तंग आकर वृद्धाश्रमों में छोड़ दिया जाता है। (Care Campaign)</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Fri, 09 Jun 2023 18:41:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>दुनिया में बढ़ा भारत का गौरव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री की जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया (Australia) की यात्रा का समापन हो गया है। प्रधानमंत्री ने भारत लौटकर कहा है कि मैं विश्व के महापुरुषों के सामने भारत के सामर्थ्य की बात करता हूँ, भारत के युवाओं के टेलेंट की बात करता हूँ उन्हें बताता हूँ कि भारत के युवा अवसर मिलने पर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/indias-pride-increased-in-the-world/article-48077"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/pm-modi-in-japan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री की जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया (Australia) की यात्रा का समापन हो गया है। प्रधानमंत्री ने भारत लौटकर कहा है कि मैं विश्व के महापुरुषों के सामने भारत के सामर्थ्य की बात करता हूँ, भारत के युवाओं के टेलेंट की बात करता हूँ उन्हें बताता हूँ कि भारत के युवा अवसर मिलने पर पराक्रम दिखाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हिन्दुस्तान की संस्कृति व महान परंपराओं के बारे में आत्मविश्वास से अगर बात करोगे तो दुनिया सुनने को आतुर है। नि:सन्देह हमारी पुरातन व समृद्ध संस्कृति दुनिया का मार्गदर्शन करती रही है, तभी तो भारत दुनिया का गुरु देश कहलाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan भी अपने सत्संगों में फरमाते हैं कि पूरी दुनिया में भारत की संस्कृति महान है। आज के आधुनिक युग में जब नई-नई बीमारियों व समस्याओं का आगाज हो रहा है, ऐसे में इन सबका समाधान हमारी संस्कृति में पहले से ही है। नि:सन्देह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में भारत की संस्कृति और सभ्यता का प्रभाव छोड़ा है और विश्व का ध्यान भारतीय परंपराओं की ओर आकर्षित किया है। संकट की घड़ी में अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर पड़ोसी की मदद करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। कोरोना के दौर में जब विश्व में वैक्सीन के लाले पड़े थे तो भारत ने गरीब मुल्कों को वैक्सीन दी।</p>
<p style="text-align:justify;">बेशक देश में विरोधियों द्वारा प्रधानमंत्री (PM) की आलोचना भी की गई, लेकिन प्रधानमंत्री के इस निर्णय से दुनिया में भारत की सोच को सम्मान मिला और भारत के प्रति उनका नजरिया बदला। विश्व में कोई भी महत्वपूर्ण घटना हो तो दुनिया आज जानना चाहती है कि भारत इस बारे में क्या सोच रहा है। यह एक बड़ी उपलब्धि है जो आज भारत ने अर्जित की है। रूस और यूक्रेन युद्ध में भी विश्व ने भारत के स्टैंड की तारीफ की। विश्व में शाति स्थापित करने के उद्देश्य से भारत का निर्भिक होकर अपना पक्ष रखना आज विश्व में भारत की धाक का परिचायक है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने विदेश वापसी पर भी यही संदेश दिया है कि भारत की सभ्यता, संस्कृति के बारे में जब कहीं बात करें तो कभी गुलामी की मानसिकता में न डूबना बल्कि हिम्मत के साथ बात कीजिये दुनिया आज भारत को सुनने और जानने के लिए भी आतुर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, पक्ष व विपक्ष के सांसदों का आना नि:संदेह भारत के लिए गौरव की बात है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:– </strong><a title="New Parliament House: नई संसद के उद्घाटन का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति से उद्घाटन कराने की मांग" href="http://10.0.0.122:1245/the-dispute-over-the-inauguration-of-the-new-parliament-reached-the-supreme-court/">New Parliament House: नई संसद के उद्घाटन का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, </a></p>
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                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>विचार</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/perspectives/editorial/indias-pride-increased-in-the-world/article-48077</link>
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                <pubDate>Fri, 26 May 2023 09:49:13 +0530</pubDate>
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                <title>तुम एक की बात करते हो मैंने लाखों बुल्ले शाह देखे</title>
                                    <description><![CDATA[अध्यात्म के इतिहास में जब भी समर्पित गुरुभक्तों की बात होती है तो बुल्ले शाह का नाम पहले नंबर पर लिया जाता है। बुल्ले शाह अपने मुर्शिद इनायत शाह पर जान छिड़कता था। अपने मुर्शिद की दीद पाने के लिए पल पल तड़फता था। उसने मुर्शिद को रिझाने के लिए नाचना सीख लिया, घुँघरू बाँध […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/inspiration/saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-msg/article-46914"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-04/msg-1-22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अध्यात्म के इतिहास में जब भी समर्पित गुरुभक्तों की बात होती है तो बुल्ले शाह का नाम पहले नंबर पर लिया जाता है। बुल्ले शाह अपने मुर्शिद इनायत शाह पर जान छिड़कता था। अपने मुर्शिद की दीद पाने के लिए पल पल तड़फता था। उसने मुर्शिद को रिझाने के लिए नाचना सीख लिया, घुँघरू बाँध लिए, गाना सीख लिया, ऐसी ऐसी शायरी लिखने लगा जो सीधे खुदा तक पंहुचाती है। तब तक पागल हो कर गाता और नाचता रहा जब तक मुर्शिद पिघल नही गए।</p>
<p style="text-align:justify;">आज के दौर में भी बुल्ले शाह जैसे करोड़ों लाखों मुरीद हैं जो अपने मुर्शिद को देखने, उनकी झलक पाने, उनकी आवाज सुनने को दौड़े आते हैं। मुर्शिद से शाबाशी पाने के लिए अपने आप को कुर्बान किए फिरते हैं। जी हाँ दोस्तो मै बात कर रहा हूं मानवता भलाई कार्यों के लिए विश्व विख्यात संस्था डेरा सच्चा सौदा से जुड़े करोड़ों साधकों की, जो अनेकों विपरीत अड़चनों के बावजूद गुरु की राह से जरा सा भी इधर नही हुए। दुनिया ने लाख कोशिश की उनके गुरु उनके मुर्शिद को उल्टा सीधा दिखाकर कुछ और ही दिखाने की, लेकिन उनके लिए उनका गुरु हमेशा गुरु ही रहा। गुरु के लिए नाचते रहे, गाते रहे और गुरु के वचनों को सुनने को बेताब रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को डेरा सच्चा सौदा में उन अनगिनत मुरीदों की भीड़ जुटी जो अपने गुरु को अपना सब कुछ मानते हैं। उनको अपने गुरु के रिकॉर्डिंड वचनों की वीडियो दिखाई गई तो भाव विभोर हो गए। ग्राउंड में लगे संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा के बड़े बड़े होर्डिंग के आगे लम्बलेट होकर सजदा करते देख हर जुबान यह कह उठी कि भक्त तो बहुत देखे मगर डेरा सच्चा सौदा के भक्तों जैसी अटूट भक्ति कहीं नही देखी। मै जब भी डेरा सच्चा सौदा के किसी कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखता हूं तो अनायास ही मुझे मेरा एक शेयर याद आ जाता है कि:-<br />
<strong>हाथी की तरह बेखौफ चलते आशिक बेपरवाह देखे।</strong><br />
<strong>तुम एक की बात करते हो मैंने लाखों बुल्ले शाह देखे।</strong></p>
<p><strong>✍️त्रिदेव दुग्गल</strong></p>
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                                                            <category>प्रेरणास्रोत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Apr 2023 20:56:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Heart to Heart with MSG Part 15 : सोहने सतगुरु जी ने यूटयूब पर Live आकर डेरा श्रद्धालुओं को दिए दर्शन, हर मोबाइल पर मची खलबली</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सोनू)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने यूटयूब चैनल पर लाइव आकर साध-संगत को दर्शन दिए व रूहानी वचनों की सौगात दी। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के बरनावा में पधारने और लाइव दर्शन देने के बाद साध-संगत खुशी से फूले नहीं समा […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/other-news/guru-ji-live-youtube-channel/article-35392"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-07/pita-ji123.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सोनू)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने यूटयूब चैनल पर लाइव आकर साध-संगत को दर्शन दिए व रूहानी वचनों की सौगात दी। वहीं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के बरनावा में पधारने और लाइव दर्शन देने के बाद साध-संगत खुशी से फूले नहीं समा रही। अपने मुर्शिद के आगमन की खुशी को साध-संगत विभिन्न तरीकों से मना रही है। साध-संगत में इस कदर खुशी देखी जा रही है कि साध-संगत बार-बार पूज्य गुरु जी की वीडियो क्लिप देखकर उन्हें सजदा कर रही है। आइये सुनते हैं पूज्य गुरु जी के रूहानी वचनों को ….</p>
<p><iframe title="Saint MSG Speaks on World Population Day 2022 | Heart-to-Heart with MSG Part - 15" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/hFMHJMHTe6g?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>अन्य खबरें</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 22:38:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>माता-पिता की सेवा से मिलता है अनमोल खजाना, हर बच्चे को पढ़ने चाहिए ये पूज्य गुरू जी के ये वचन</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने हार्ट-टू-हार्ट एमएसजी पार्ट-14 में फरमाया कि माँ-बाप ने जरा-सा कुछ कह दिया तो गुस्सा आ जाता है और किसी और परिवार वाले ने कुछ कह दिया तो गुस्सा आना तो नेचुरली है। तो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/a-priceless-treasure-comes-from-the-service-of-parents/article-35368"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-07/msg-21.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां <strong>(Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) </strong>ने हार्ट-टू-हार्ट एमएसजी पार्ट-14 में फरमाया कि माँ-बाप ने जरा-सा कुछ कह दिया तो गुस्सा आ जाता है और किसी और परिवार वाले ने कुछ कह दिया तो गुस्सा आना तो नेचुरली है। तो इसको कंट्रोल करो आप। माँ-बाप ने आपको जन्म दिया है, उनकी बात को इतना बुरा मत माना करो, बुरी मत मनाया करो। क्योंकि आप एक उदाहरण के तौर पर बच्चों ध्यान से सुनना, एक र्इंट ले लो, वो तीन किलो की होगी, ढाई किलो की होगी, चार किलो की, जितनी भी क्या आप उसको पेट पर बांधकर तीन-चार दिन सो सकते हो? नहीं सो सकते ना, क्योंकि करवट बदलोगे, ऐसे करोगे और र्इंट दर्द करेगी। नहीं सो सकते। जरा सोचो माँ ने नौ महीने गर्भ में रखा है, अगर नौ महीने गर्भ में रखती है, वो थोड़ा-सा भी आपको टोक देती है तो आप इतना बुरा कैसे मनाते हैं? आप तीन दिन तक एक र्इंट नहीं रख पाए और उन्होंने आपको नौ महीने गर्भ में रखा है, इतना तो उनका हक बनता है, इतना तो कर्तव्य बनता है। बाप ने आपको रास्ता दिखाया, जिन्दगी जीने की कला सिखाई, पढ़ाई में लगाया, आप जाना भी नहीं चाहया करते थे तो उन्होंने सिखाया, कि नहीं बेटा जरूर जाना है। किसलिए? ताकि आने वाला समय, आने वाली आपकी जिंदगी बहुत ही अच्छी हो।</p>
<p><iframe title="&quot;Discover the True Method of Meditation for Eternal Happiness with Saint Dr. MSG Insan&quot;" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/JoOtP5OOUsM?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/a-priceless-treasure-comes-from-the-service-of-parents/article-35368</link>
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                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 12:46:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>नया दिन नई सोच के साथ शुरू करें, Saint Dr. MSG के ये रूहानी वचन</title>
                                    <description><![CDATA[बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हार्ट-टू-हार्ट एमएसजी पार्ट-14 में फरमाया कि बच्चों किसी भी बात पर एकदम से डिसीजन ना लिया करो। टैंशन ना लिया करो। बल्कि ये सोचा करो कि हमने पॉजीटिव रहना है और उसके लिए सबसे बड़ी ताकत, फिर से वहीं पर आ […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/start-your-day-like-this-you-will-be-successful/article-29848"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/¨f.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बरनावा (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने हार्ट-टू-हार्ट एमएसजी पार्ट-14 में फरमाया कि बच्चों किसी भी बात पर एकदम से डिसीजन ना लिया करो। टैंशन ना लिया करो। बल्कि ये सोचा करो कि हमने पॉजीटिव रहना है और उसके लिए सबसे बड़ी ताकत, फिर से वहीं पर आ जाएंगे, राम का नाम है, प्रभु का नाम है। उसके बिना आपके अंदर आत्मबल नहीं बढ़ेगा और आत्मबल के बिना खुशियां नहीं मिलती। इसलिए हमेशा ध्यान दीजिये, कभी भी चिन्ता ना करो बल्कि जो कार्य है, उसको लग्न से करो, यानि आज में जियो, कल में जो ज्यादा जीने की सोचता है, यानि एक तो गुजर गया, उसको अपने ऊपर हावी ना होने दो। टैंशन आ गई या कोई परेशानी आ गई, आपको लगता है कि ये गलत हो गया तो वो उसको अपने ऊपर हावी ना होने दें। नया दिन नई सोच के साथ शुरू करें। फ्यूचर के प्लान बनाना अच्छी बात है, लेकिन इतने मत बनाओ कि उसमें उलझकर रह जाओ। पूरा एक नहीं हुआ और बना लिए बहुत सारे। तो आज में जियो, आज ये सोचो कि आज मैंने बहुत अच्छे कर्म करने हैं, आज मैंने मेहनत करनी है, कल को भूल जाओ, भूलने की कोशिश करो, पर फिर वहीं पर बात आ जाती है, ये सब करने के लिए अगर एकदम से भूलना चाहते हैं तो ओउम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब का नाम लेना होगा। चलते, बैठके, लेटके, काम धंधा करते आप सुमिरन करते रहिये, जरूर खुशी आएगी और जो सुख चाहते हैं आप, आत्मिक शांति और बाहरी तौर पर सुखी रहना चाहते हैं, इससे आपको जरूर नसीब होगा, इससे आपको जरूर मिल जाएगी।</p>
<p><iframe title="&quot;Discover the True Method of Meditation for Eternal Happiness with Saint Dr. MSG Insan&quot;" width="500" height="281" src="https://www.youtube.com/embed/JoOtP5OOUsM?feature=oembed" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></p>
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]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/national/start-your-day-like-this-you-will-be-successful/article-29848</link>
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                <pubDate>Tue, 11 Jan 2022 10:49:19 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पूज्य गुरु जी की स्वास्थ्य जांच सामान्य, अस्पताल से छुट्टी</title>
                                    <description><![CDATA[रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के स्वास्थ्य की जांच बुधवार सायं रोहतक पीजीआईएमएस में की गई। हॉस्पिटल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि यहां पर पूज्य गुरु जी के स्वास्थ्य संबंधी चैकअप व कुछ टेस्ट हुए। पूज्य गुरु जी की स्वास्थ्य जांच के लिए […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/health-check-up-of-pujya-guru-ji-is-normal-discharge-from-hospital/article-23607"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-05/saint-msg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रोहतक (सच कहूँ न्यूज)</strong>। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के स्वास्थ्य की जांच बुधवार सायं रोहतक पीजीआईएमएस में की गई। हॉस्पिटल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि यहां पर पूज्य गुरु जी के स्वास्थ्य संबंधी चैकअप व कुछ टेस्ट हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी की स्वास्थ्य जांच के लिए सात विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक पैनल बनाया गया, जिनमें डॉ. के.एस. लाल्हड कोर्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष, डॉ. अश्वनी असिस्टेंट प्रोफेसर कार्डियोलॉजी, डॉ. प्रवीण मल्होत्रा गेस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष, डॉ. राजेश राजपूत एंडोक्रिनोलॉजी विभागाध्यक्ष, डॉ. सुरेखा डाबला न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष, डॉ. सुधीर अत्री मेडीसन यूनिट हेड, डॉ. आर.एस. चौहान प्रोफेसर नेत्र रोग विभाग शामिल थे। डॉक्टरों की टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच में सभी रिपोर्ट सामान्य आने पर वीरवार दोपहर बाद पूज्य गुरु जी को पीजीआई रोहतक से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूज्य गुरु जी को सुनारिया ले जा या गया।</p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 May 2021 20:29:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>अनमोल वचन : संतों के वचन सबके लिए सुखदायी: पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है। मालिक का नाम जपना हर इन्सान के लिए जरूरी है, क्योंकि इन्सान सुमिरन नहीं करता तो वह आत्मिक रूप से कमजोर हो जाता है। जरा-जरा सी बात उसके दिलो-दिमाग में असर करती है। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/words-of-saints-are-good-for-everyone/article-21717"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/spirituality-2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सरसा।</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखों की खान है। मालिक का नाम जपना हर इन्सान के लिए जरूरी है, क्योंकि इन्सान सुमिरन नहीं करता तो वह आत्मिक रूप से कमजोर हो जाता है। जरा-जरा सी बात उसके दिलो-दिमाग में असर करती है। नाम के बिना गम, चिंता, टेंशन, परेशानियां जीव को सताती रहती है। अगर जीव सुमिरन करे तो तमाम गम, चिंता, परेशानियों से आजादी हासिल कर ले। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि जिंदगी का कोई भरोसा नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब तक शरीर चलता, हिलता-डुलता है तो जिंदगी है और जैसे ही आत्मा इस शरीर में से चली जाती है तो सब कुछ खत्म हो जाता है। इन्सान के लिए जब तक आत्मा है तो सारा संसार बसता है। जो इन्सान खुद चला जाता है, उसके लिए सारा संसार है या नहीं है, एक बराबर है लेकिन वो इन्सान समय आने से पहले संतों के वचन सुने, अमल करे तो मालिक की दया-मेहर, रहमत के काबिल बनता है। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि वचनों पर अमल करना अति जरूरी है। इस कलियुग में वचनों की ही भक्ति है। इसलिए मनमते नहीं चलना चाहिए और पीर-फकीरों के वचनों पर अमल करना चाहिए। संतों के वचन सबके लिए सुखदायी होते हैं। जो जीव वचन सुनकर अमल करते हैं, वही मालिक की दया-मेहर, रहमत को हासिल करते हैं।</p>
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                <pubDate>Sat, 13 Feb 2021 02:05:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमेशा हक-हलाल की कमाई करके खाओ : पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[नामचर्चा: जरूरतमंद दिव्यांग को साध-संगत ने दी ट्राइसाइकिल  4 युगल डेरा सच्चा सौदा की मर्यादानुसार दिलजोड़ माला पहनाकर विवाह बंध में बंधे सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा। पावन महारहमोकर्म माह के उपलक्ष्य में रविवार को शाह सतनाम जी धाम, सरसा में साप्ताहिक नामचर्चा का आयोजन किया गया। नामचर्चा में पहुंची साध-संगत ने कोरोना के मद्देनजर सरकार […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-5/article-21583"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/spiritual-peace-is-found-in-the-name-of-god.gif" alt=""></a><br /><h4 style="text-align:center;"><strong>नामचर्चा: जरूरतमंद दिव्यांग को साध-संगत ने दी ट्राइसाइकिल</strong></h4>
<ul>
<li style="text-align:justify;">
<h4><strong> 4 युगल डेरा सच्चा सौदा की मर्यादानुसार दिलजोड़ माला पहनाकर विवाह बंध में बंधे</strong></h4>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/सुनील वर्मा सरसा</strong>। पावन महारहमोकर्म माह के उपलक्ष्य में रविवार को शाह सतनाम जी धाम, सरसा में साप्ताहिक नामचर्चा का आयोजन किया गया। नामचर्चा में पहुंची साध-संगत ने कोरोना के मद्देनजर सरकार द्वारा निर्धारित सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और सेनेटाइजेंशन सहित सभी नियमों का पूर्णत: पालन किया। इस अवसर ‘कुल का क्राउन’ मुहिम के तहत एक शादी हुई। इसके अलावा 4 युगल डेरा सच्चा सौदा की मर्यादानुसार दिलजोड़ माला पहनाकर विवाह बंधन में बंधे। वहीं एक दिव्यांग को साध-संगत की ओर से ट्राइसाइकिल दी गई। इस अवसर पर बड़ी स्क्रीन पर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रिकॉर्डिड अनमोल वचन चलाए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">रिकॉर्डिड वचनों में पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि सत्संग में जब इन्सान चलकर आता है तो काफी रूकावटें आती हैं, कई बार कुछ परेशानियां भी आ जाती हैं। रूकावटें मन की हैं और मनमते लोगों की हैं। मन कहता है कि क्या मिल जाएगा तुझे? आज तो तेरा फलां काम बाकी है, आज तो तेरा फलां कार्य करने वाला है। छुट्टी का दिन है, फलां-फलां काम करेंगे, इन्जॉय करेंगे इत्यादि-इत्यादि। फलां जगह पर नहीं गए तो यार, दोस्त उलाहना देंगे। फलां जगह पर नहीं गए तो लोग कहेंगे यार तूं आया क्यों नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">सत्संग में नहीं जाएंगे तो कौन-सा किसी ने पूछना है। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि भाई कहीं भी जाओ, कोई रोक टोक नहीं होती। लेकिन वहां सिवाय बर्बादी के कुछ हासिल नहीं होता। इन्जॉयमेंट कोई रोकता नहीं है। लेकिन चुगली करना, निंदा करना, दूसरों की बुराई गाना, नशे करना। ये समय की बर्बादी के साथ-साथ शरीर की भी बर्बादी है।</p>
<p style="text-align:justify;">और दूसरी तरफ सत्संग हैं, यहां पर आकर जब आप प्यार से सुनते हो, मालिक की चर्चा होती है, अपने ओम, अल्लाह, वाहेगुरू, गॉड, खुदा, रब्ब से आपकी मोहब्बत, आपका प्यार बढ़ता है और ज्यों-ज्यों प्यार मोहब्बत बढ़ती जाती है, त्यों-त्यों आपकी बीमारियां, परेशानियां, मुश्किलें पल में हल होती चली जाती हैं। जिन्दंगी जीने का मजा आने लगता है। सत्संग सबके भले के लिए होता है। सत्संग में आने से दिलो दिमाग पवित्र होता है और इन्सांन का एनर्जी लेवल बढ़ जाता है। सत्संग में आने से विल पावर (आत्मबल) बढ़ता है। अक्सर देखा जाता है कि विल पावर बढ़ाने के लिए लोग पूरी दुनिया का चक्कर लगाते रहते हैं कि हमें आत्मबल मिल जाए, विल पावर मिले, यहां से मिले, वहां से मिले, कहां से मिले।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि लोगों के पास धन-दौलत, जमीन-जायदाद, एशो आराम के सब साधन होते हैं। लेकिन एक चीज नहीं होती है और वो है आत्मिक शांति। जब आत्मि शांति नहीं होती, बाकी सब चीजें फिजूल की लगती हैं। कहते हैं ना बरसात सुहानी होती है, लेकिन अगर अंदर गम चिंता हो तो बरसात रूलाती भी है। वही मौसम जो बहार का होता है, जब अंदर गम चिंता हो तो वहीं पतझड़ बन जाया करता है। सबसे जरूरी है आत्मिक शांति। दिलो दिमाग में शांति हो। सत्संग में ऐसा टॉनिक मिलता है, जो आपको रिचार्ज कर देता है। वो राम, अल्लाह, वाहेगुरू, गॉड के नाम का, जिससे आपकी शक्ति आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि कौन इन्सान नहीं चाहता कि तरक्की हो, कौन इन्सान नहीं चाहता कि वो सफलता की सीढ़िया चढ़ता चला जाए, कौन इन्सान नहीं चाहता कि उसका परिवार सुखी रहे, तन्दुरूस्त रहे। हर इन्सान की इच्छा होती है कि खुद तन्दुरूस्त रहे और परिवार तन्दुरूस्त रहे। खुद को कोई कमी ना हो और परिवार को भी कोई कमी ना आए। इसलिए तो दौड़ते रहते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि राजस्थान में जब गर्मी का मौसम होता था, बरसात आने वाली होती थी तो धरती का तापमान बढ़ जाता था, या यूं कहें चीटियों के पर (पंख) निकल आते थे, धरती में छोटा सा बिल होता था उनका और उसमें से वो बहुत तेज प्रेशर से बाहर निकलती थी। तो उसे देखते रहते कि ये कितने प्रेशर से बाहर जा रही हैं। अब अगर धरती में रहने वाले के पर (पंख) निकल आएं तो फिर पूछिए मत। शायद इसलिए उनको जल्दबाजी रहती होगी। लेकिन कहते हैं कि चींटी के पर (पंख) निकलते हैं और उसकी मौत हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज इन्सान का भी यही तो हाल है। कहीं भी देख लो सुबह के टाइम में हर जगह जाम लगे होते हैं, क्योंकि चीटियां दाना चुगने जा रही होती हैं। क्यों? खुद तन्दुरूस्त रहूं, परिवार तन्दुरूस्त रहे, खुद को कमी न रहे, परिवार को कमी ना रहे। तो कमाना तो पड़ता है ना। दफ्तरों में जाना गलत नहीं है। पर हम दोनों के नजरिए से देखते हैं वैसा ही कुछ नजर आता है। अपना काम-धंधा करना गलत नहीं है, लेकिन जब इन्सान उड़ने लगता है। ठग्गी, बेईमानी पाप, जल्मों सितम ये आदमी के पर (पंख) निकलने की निशानी होती है। और जब ये वाले पर (पंख) निकलते हैं तो समझ लिजिए उसका खात्मा नजदीक है। उसके सुखों का खात्मा और दु:खों का शुरू हो जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि जब इन्सान के पास धन-दौलत होता है, जमीन-जायदाद होती है, मखमल के गद्दे होते हैं, लेकिन उस पर नींद ना आए तो क्या फायदा। सब कुछ होते हुए भी अब कोई सोने की रोटी तो कोई नहीं खा सकता ना। खाएंगे तो गेहूं, ज्वार, बाजरे, जौं की रोटी ही। वो रोटी फिर स्वाद नहीं लगती, हज़म नहीं होती। दूसरी ओर दिहाड़ी-मजदूरी करके गुजारा करने वाले पेट भर खाते हैं और सुबह तक पता ही नहीं चलता कि किधर गया। तुलना करके देखो कि सुखी कौन है। एक ओर मखमल के गद्दों पर करवटें बदलते-बदलते सारी रात निकल जाती है, करवटें बदलते-बदलते मस्सल पूल हो जाते हैं, किसी की बाजू में दर्द, किसी को कहीं दर्द, किसी की गर्दन अकड़ गई, क्योंकि मस्सल को जितना रिलेक्स रखोगे वो उतनी ही नरम हो जाती है, जितना पावर फुल बनाओगे उतना पावरफुल हो जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आपजी ने फरमाया कि हमने दोनों जिदंगी देखी हैं बिल्कुल नजदीक से। पूरी मेहनत से काम करके खेतों में कहीं भी लेट गए, मखमल छोड़िए, यूं लगता है जैसे आसमां में किसी ने झूला बांध दिया हो, सुबह होने पर पता चलता कि अच्छा इतना टाइम हो भी गया। कहते हैं ना कि घोड़े बेचकर सो गए। अब आप बताइए जिन्दगी किसकी अच्छी है। गाड़ियां हैं, जहाज हैं, सोना चारों तरफ पड़ा है, सबकुछ है। लेकिन नींद नहीं आ रही, खाना अच्छा नहीं लग रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि दूसरी तरफ मेहनतकश इन्सान ऐसी परेशानियों से बचा रहता है। इसलिए मेहनत (हार्डवर्क) करने में जो मजा आता है और बॉडी जितनी तन्दुरूस्त रहती है, आराम परस्ती में उतना ही दुखदायी हो जाता है सब कुछ। हम ये नहीं कहते कि आराम ना करो। हाँ, लेकिन इतना आराम भी ना करो कि वो हराम बन जाए। कमाई करो, लेकिन इतनी ठग्गी बेईमानी ना करो कि उसकी वजह से बीमार हो जाओ, परेशानियां इकट्ठी हो जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि कबीर जी ने कहा है कि ‘‘माया होई नागनी, जगत रही ढहकाय, जो इसकी सेवा करे, उसको ही ये खाय।’’ कितना पहले कबीर जी ने लिख दिया था कि ये नागनी है, डस लेगी, लोगों के समझ नहीं आया था, लेकिन अब आ रहा है ना सबको सटाक से। तो कमाई करो। जीने के लिए कमाना गलत नहीं, कमाने के लिए जीना गलत है। अपने परिवार, बाल-बच्चों के लिए आपका फर्ज है, उनके लिए बनाओ, पर उनको खिलाते-खिलाते कहीं ऐसा ना हो कि दूसरों के मुँह का निवाला छीनकर अपने बच्चों को खिलाओ, वो जहर बन जाएगा। इसलिए ठगी, बेईमानी, भ्रष्टाचार से मत कमाओ। मेहनत की करके खाओ। नामचर्चा के बाद आई हुई साध-संगत को कुछ ही मिनटों में लंगर भोजन खिला दिया गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>एक और बेटी बनी ‘कुल का क्राऊन’</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा बेटी से वंश चलाने के लिए शुरू की गई मुहिम ‘कुल का क्राऊन’ के तहत पावन महा रहमोकर्म माह की नामचर्चा में कुल का क्राऊन जसप्रीत कौर इन्सां पुत्री सुखदेव कौर व नायब सिंह इन्सां निवासी कोटफत्ता (भटिंडा), भक्त मर्द गाजी शमशेर सिंह इन्सां पुत्र अमनजीत कौर इन्सां व जगजीत सिंह निवासी फूल (भटिंडा) के साथ विवाह बंधन में बंधी। बता दें कि यह मुहिम पूज्य गुरु जी ने उन परिवारों की व्यथा को समझते हुए शुरू की थी, जिनके परिवार में सिर्फ एक बेटी ही है। इसके तहत बेटी यानि कुल का क्राऊन, दूल्हे यानि भक्त मर्द गाजी को ब्याह कर अपने घर ले जाती हैं। यानि लड़की दूल्हे को ब्याह कर घर ले जाती है और इस तरह बेटी से परिवार का वंश चलता है। वहीं दूल्हा अपने माता-पिता की तरह अपने सास-ससुर की सेवा करता है। बता दें कि इस मुहिम के तहत ये 25वीं शादी है।</p>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/spiritual/saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-5/article-21583</link>
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                <pubDate>Sun, 07 Feb 2021 21:17:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनमोल वचन : मालिक से मिलाने वाले कर्म करो : पूज्य गुरु जी</title>
                                    <description><![CDATA[सरसा (सकब)। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान इस दुनिया में आता है, अल्लाह, वाहेगुरु, राम ने इन्सान को बनाया कि यह दुनिया में आकर अच्छे-नेक कर्म करे, अल्लाह, वाहेगुरु, राम को याद करे ताकि जन्म-मरण का चक्कर हमेशा के लिए खत्म हो जाए। जीते-जी परमानन्द […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/spiritual/holy-sermons/saint-dr-gurmeet-ram-rahim-singh-ji-insan-4/article-21400"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-02/anmol-vachan-by-saint-msg.jpeg" alt=""></a><br /><h6 style="text-align:justify;"><strong>सरसा (सकब)।</strong> पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान इस दुनिया में आता है, अल्लाह, वाहेगुरु, राम ने इन्सान को बनाया कि यह दुनिया में आकर अच्छे-नेक कर्म करे, अल्लाह, वाहेगुरु, राम को याद करे ताकि जन्म-मरण का चक्कर हमेशा के लिए खत्म हो जाए। जीते-जी परमानन्द की प्राप्ति हो, तमाम लज्जतें, खुशियां, मनुष्य की झोली में पड़ें। इन्सान मन-माया के जाल से बचा रह सके और काल के दायरे को तोड़ता हुआ दयाल के दायरे में आ पहुंचे।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि भगवान ने इन्सान को बनाया और जब यह देखा कि इतना सुंदर शरीर बनाने के बावजूद भी आदमी, आदमी नहीं बन रहा। पशुओं से भी बदत्तर कर्म करता है। राक्षस भी शरमा जाए, ऐसे कर्म करता है, तो फिर भगवान ने संत, पीर-पैगम्बरों को इस दुनिया में भेजा। उन्होंने शिक्षा दी कि भाई, मालिक के नाम का जाप करो। अच्छे कर्म करो ताकि आवागमन से मुक्ति मिले और आप मालिक की दया-मेहर, रहमत के काबिल बन जाओ।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि बेपरवाह जी ने भजनों में लिखा कि भगवान ने इन्सान को बनाया लेकिन इन्सान ने यहां आकर कौन सी कमाई की, जो साथ जाएगी? अगर धन-दौलत, जमीन-जायदाद, तो यहां लाखों आए, चले गए क्या वो धन-दौलत साथ ले जा सके? बाल-बच्चे भी यहीं रह गए।</h6>
<h6 style="text-align:justify;">ठगी, बेईमानी, भ्रष्टाचार करने वाले साथ जाते हैं? भगवान से छल-कपट किया, क्या वो साथ जाता है? इसलिए बताओ तो सही कि आपने कौन सी ऐसी कमाई की है जो साथ जाती है? क्या मालिक का नाम जपा है, किसी तड़पते हुए को चुप करवाया है, क्या गिरे हुए को उठाया है? सृष्टि की कितनी सेवा की है? जिस पैसे को जोड़ते-जोड़ते तू पागल हो रहा है, क्या चंद पैसे लगाकर किसी भूखे को खाना खिलाया है? सबसे ज्यादा जरूरी बात, जिसके लिए मालिक ने इन्सान को बनाया था, क्या मालिक द्वारा दिए गए कीमती स्वासों को मालिक को सौंपा है? तो इन सवालों का जवाब क्या आपके पास है?</h6>
<h6 style="text-align:justify;">पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि बहुत से पॉजिटिव सज्जनों का जवाब हां में होता है लेकिन ज्यादा लोगों के लिए बेपरवाह जी ने फरमाया कि आप सिर्फ मन-माया के चक्कर में उलझे रहे और मालिक से दूर होते चले गए। इसलिए आप वो कर्म करो जो मालिक से मिलाते हैं और वो कर्म छोड़ो जो मालिक से दूर करते हैं। जो जीव सुनकर अमल करते हैं, वो मालिक को पा जाते हैं। जो लोग अमल नहीं करते वो कर्मों के बोझ तले हमेशा दबे रहते हैं।</h6>
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                <pubDate>Mon, 01 Feb 2021 01:05:51 +0530</pubDate>
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