<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/justice-ranjan-gogoi/tag-9670" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Justice Ranjan Gogoi - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/9670/rss</link>
                <description>Justice Ranjan Gogoi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शपथ लेने के बाद विस्तार से बताऊंगा कि मैंने राज्यसभा का प्रस्ताव क्यों स्वीकारा: गोगोई</title>
                                    <description><![CDATA[विरोध। गोगोई ने रामलला विराजमान के पक्ष में सुनाया था फैसला
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/political-ruckus-over-sending-ranjan-gogoi-to-rajya-sabha/article-13745"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2020-03/justice-ranjan-gogoi.jpg" alt=""></a><br /><h2 style="text-align:center;">विपक्ष ने उठाए सवाल (Political Ruckus)</h2>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा के लिए नामित किया। मंगलवार को जस्टिस गोगोई ने इस मामले पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ‘संभवत: कल मैं दिल्ली जाऊंगा। पहले मुझे शपथ ले लेने दीजिए। इसके बाद मैं मीडिया से विस्तार में बात करूंगा कि आखिर क्यों मैंने राज्यसभा जाने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। जस्टिस गोगोई 13 महीने चीफ जस्टिस रहे। 17 नवंबर 2019 को वे रिटायर हुए। उनके द्वारा सुनाए गए अहम फैसलों में अयोध्या और राफेल विवाद हैं। इससे पहले जस्टिस रंगनाथ मिश्रा भी कांग्रेस से जुड़कर संसद तक पहुंचे थे, जबकि पूर्व सीजेआई पी.सतशिवम को मोदी सरकार ने केरल का राज्यपाल बनाया था।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रंजन गोगोई को राज्यसभा भेजने पर सियासी बवाल</h4>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। गृह मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय की अधिसूचना जारी की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड तीन के तहत प्रदत्त अपने आधिकारों का प्रयोग कर न्यायमूर्ति गोगोई को मनोनीत किया है। इसी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला समेत कई नेताओं ने राष्ट्रपति के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं।</p>
<ul>
<li style="text-align:justify;">असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले को रंजन गोगोई के लिए इनाम बताया है।</li>
<li style="text-align:justify;">अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘क्या यह इनाम है?’ लोग न्यायाधीशों की स्वतंत्रता पर यकीन कैसे करेंगे? कई सवाल हैं।</li>
<li style="text-align:justify;">देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति गोगोई पिछले साल 17 नवंबर को पद से सेवानिवृत्त हुए थे।</li>
<li style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल करीब साढ़े 13 महीने का रहा।</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">उनकी अगुआई में गत वर्ष नौ नवंबर को पांच न्यायाधीशों की पीठ ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला दिया था। न्यायमूर्ति गोगोई ने वर्ष 2001 में गौहाटी उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के तौर पर करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद उन्हें 2010 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने लिखा, ‘मुझे आशा है कि रंजन गोगोई की समझ अच्छी है इसलिए वो इस आॅफर को ना कह देंगे। नहीं तो न्याय व्यवस्था को गहरा धक्का लगेगा।</p>
<p><strong>अन्य <a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a> हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</strong></p>
<div class="td-g-rec td-g-rec-id-content_bottom td_uid_2_5e707aa1836fb_rand td_block_template_1"></div>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/political-ruckus-over-sending-ranjan-gogoi-to-rajya-sabha/article-13745</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/political-ruckus-over-sending-ranjan-gogoi-to-rajya-sabha/article-13745</guid>
                <pubDate>Tue, 17 Mar 2020 18:23:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2020-03/justice-ranjan-gogoi.jpg"                         length="22701"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जस्टिस रंजन गोगोई को मिली क्लीन चिट</title>
                                    <description><![CDATA[सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन-उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही इन-हाउस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें क्लीनचिट दे दी है। उच्चतम न्यायालय के महासचिव ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi/article-8921"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2019-05/untitled-1-2.jpg" alt=""></a><br /><h1 style="text-align:justify;">सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला</h1>
<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन-उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही इन-हाउस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें क्लीनचिट दे दी है। उच्चतम न्यायालय के महासचिव ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय इन-हाउस कमेटी ने वरीयता क्रम में अपने बाद के दूसरे वरिष्ठ जज को कल (पांच मई को) रिपोर्ट सौंप दी। समिति में दो महिला न्यायाधीश- न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा- शामिल हैं।<br />
विज्ञप्ति के अनुसार समिति को शीर्ष अदालत की पूर्व अधिकारी एवं शिकायतकर्ता के आरोपों में कोई तथ्य नजर नहीं आया। विज्ञप्ति के अनुसार, इंदिरा जयसिंह बनाम उच्चतम न्यायालय मामले में 2003 के फैसले के अनुसार इन-हाउस जांच प्रक्रिया के तहत गठित समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत की एक पूर्व अधिकारी ने मुख्य न्यायाधीश पर यौन-शोषण का आरोप लगाया था।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगी</h2>
<p style="text-align:justify;">बयान में आगे बताया गया, ‘आंतरिक जांच समिति को सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व कर्मचारी द्वारा 19 अप्रैल 2019 को की गई शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई भी ठोस आधार नहीं मिला।’ प्रेस रिलीज में रउ ने साफ कहा है कि कमिटी की रिपोर्ट के कॉन्टेंट्स (जो इन-हाउस प्रसीजर का हिस्सा है) को इंदिरा जयसिंह केस में सुप्रीम कोर्ट के 2003 के फैसले के अनुसार सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो करें।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi/article-8921</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi/article-8921</guid>
                <pubDate>Mon, 06 May 2019 18:25:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2019-05/untitled-1-2.jpg"                         length="27505"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रंजन गोगोई आज लेंगे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma।  सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मुख्य जज रंजन गोगोई अाज देश के 46वें मुख्य जज के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनको सी.जी.आई. के तौर पर शपथ दिलाएंगे। गोगोई का कार्यकाल 13 महीने 12 दिन रहेगा। वह 17 नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 1954 में जन्मे […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi-today-sworn-in-as-chief-justice-of-the-supreme-court/article-6101"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/hc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ) Edited By Vijay Sharma। </strong> सुप्रीम कोर्ट के सीनियर मुख्य जज रंजन गोगोई अाज देश के 46वें मुख्य जज के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनको सी.जी.आई. के तौर पर शपथ दिलाएंगे। गोगोई का कार्यकाल 13 महीने 12 दिन रहेगा। वह 17 नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 1954 में जन्मे गोगोई वर्ष 1978 में बार काउंसिल में शामिल हुए थे। इसके बाद, 28 फरवरी, 2001 को उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया। फरवरी, 2011 में वह पंजाब व हरियाणा के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए। उन्हें पदोन्नति देकर अप्रैल, 2012 में सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया।</p>
<h2 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर लगाए थे सवालिया निशान</h2>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस रंजन गोगोई उस बैंच में शामिल रहे हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू को सौम्या मर्डर केस पर ब्लॉग लिखने के संबंध में निजी तौर पर अदालत में पेश होने के लिए कहा था। गौरतलब है कि रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। रंजन उन चार जजों में से एक हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवालिया निशान लगाए थे। इन लोगों ने कहा था कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में है और चीफ जस्टिस अपने पद का फायदा उठाकर रोस्टर के मामले में मनमानी कर रहे हैं।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>फटाफट न्यूज़</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi-today-sworn-in-as-chief-justice-of-the-supreme-court/article-6101</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/uttar-pradesh/justice-ranjan-gogoi-today-sworn-in-as-chief-justice-of-the-supreme-court/article-6101</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Oct 2018 09:14:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/hc.jpg"                         length="87021"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        