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                <title>United Nations - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Earthquake: संयुक्त राष्ट्र में भयंकर भूंकप! हालात गंभीर, सरकार ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद!</title>
                                    <description><![CDATA[Earthquake in United Nations: संयुक्त राष्ट्र, (एजेंसी) । संयुक्त राष्ट्र के शहर वानुअतु में भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद वहां के हालात गंभीर रूप से चिंताजनक बने हुए हैं। सरकार ने मदद के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मीडिया को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/terrible-earthquake-in-the-united-nations-situation-is-serious-government-sought-international-help/article-65496"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-12/earthquake-united-state.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">Earthquake in United Nations: संयुक्त राष्ट्र, (एजेंसी) । संयुक्त राष्ट्र के शहर वानुअतु में भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद वहां के हालात गंभीर रूप से चिंताजनक बने हुए हैं। सरकार ने मदद के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्यों को पूरा करने हेतु सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है। Earthquake News</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार वानुअतु की सरकार ने गत मंगलवार को आए 7.3 तीव्रता के भूकंप के बाद 7 दिनों के लिए आपातकाल घोषित किया है और कम से कम 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, भूकंप से अस्पताल, घर, सार्वजनिक भवन, सड़कें, जलाशय और गैस पाइप सहित आदि व्यापक नुकसान हुआ है। इफेट के पास के गांवों में भी भूस्खलन हुआ है। कई इलाकों में संचार व्यवस्था भी ठप्प पड़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने बताया कि राजधानी शहर में पोर्ट विला इंटरनेशनल एयर पोर्ट पर आॅपरेशन में देरी हो रही है। हवाई अड्डा सभी कमर्शियल सर्विस के लिए बंद है। भूस्खलन के कारण बंदरगाह तक पहुंच भी बाधित है, जिससे जरूरी आपूर्ति और कर्मियों का परिवहन सीमित हो गया है। ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और सहयोगी मदद के लिए संसाधन जुटा रहे हैं और भूकंप प्रभावित क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र आपदा मूल्यांकन और समन्वय टीम सहित प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया जा रहा है। Earthquake News</p>
<p><a title="Greece Accident News: यूरोप में अवैध रूप से घुसते समय पाकिस्तानियों की नाव पलट गई, 40 की मौत!" href="http://10.0.0.122:1245/pakistanis-boat-capsized-while-trying-to-enter-europe-illegally-40-dead/">Greece Accident News: यूरोप में अवैध रूप से घुसते समय पाकिस्तानियों की नाव पलट गई, 40 की मौत!</a></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 19 Dec 2024 17:11:36 +0530</pubDate>
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                <title>तूफान बेरिल से कैरेबियन में दस लाख से अधिक लोग प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादियों ने शुक्रवार को कहा कि तूफान बेरिल से कैरेबियाई क्षेत्र में 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।  मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने वर्तमान अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में लगभग 40 हजार लोग, ग्रेनेडा में […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/hurricane-beryl-affects-more-than-one-million-people-in-the-caribbean/article-59459"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-07/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><div class="storyImg" style="text-align:justify;"><img src="http://www.uniindia.net/cms/gall_content/2024/7/2024_7$largeimg06_Jul_2024_094831857.jpg" alt="तूफान बेरिल से कैरेबियन में दस लाख से अधिक लोग प्रभावित"></img></div>
<p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादियों ने शुक्रवार को कहा कि तूफान बेरिल से कैरेबियाई क्षेत्र में 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।  मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने वर्तमान अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में लगभग 40 हजार लोग, ग्रेनेडा में 1लाख10 हजार से अधिक लोग और जमैका में 9 लाख 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।</p>
<p>श्रेणी 4 के तूफान के रूप में, जिसने अब तक कम से कम 11 लोगों की जान ले ली है, बेरिल ने सोमवार को ग्रेनेडा और सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस में विनाश का निशान छोड़ा, फिर बुधवार को जमैका को प्रभावित किया। तूफान इस समय बेलीज और मैक्सिको को प्रभावित कर रहा है।</p>
]]></content:encoded>
                
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                                            <category>देश</category>
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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 10:00:25 +0530</pubDate>
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                <title>Palestine : फिलिस्तीन को विश्वव्यापी समर्थन</title>
                                    <description><![CDATA[– Palestine UN Membership – Palestine को संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनाने के समर्थन में कुल 193 सदस्य देशों में से भारत सहित 143 देशों ने मतदान किया। इस प्रस्ताव के पास होने से फिलिस्तीन ने UN का सदस्य बनने के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यूएन महासभा फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्यता तो नहीं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/palestine-un-membership-vote/article-57396"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2024-05/united-nations1.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:center;"><strong>– Palestine UN Membership –</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">Palestine को संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनाने के समर्थन में कुल 193 सदस्य देशों में से भारत सहित 143 देशों ने मतदान किया। इस प्रस्ताव के पास होने से फिलिस्तीन ने UN का सदस्य बनने के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यूएन महासभा फिलिस्तीन को पूर्ण सदस्यता तो नहीं दिला सकती, हालांकि इससे फिलिस्तीन को कुछ विशेष अधिकार मिलने की संभावना है। इस समर्थन से हिंसा के खिलाफ और फिलीस्तीन के आम नागरिकों की सुरक्षा के पक्ष में एक सशक्त संदेश गया है, लेकिन इजराइल हठधर्मिता पर कायम है। संयुक्त राष्ट्र में इजरायली राजदूत ने गुस्से में चार्टर फाड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">भले ही इजरायल को पश्चिम देशों का समर्थन प्राप्त है, फिर भी उसे यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद और नागरिकों को एक साथ नहीं देखा जा सकता। अधिकतर देश इजरायल के हमलों में आम फिलिस्तीन नागरिकों के हुए नुक्सान के खिलाफ हैं। जहां तक ​​भारत के समर्थन की बात है तो भारत हमेशा ही आतंकी कार्रवाईयों के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। भले ही अमेरिका सुरक्षा परिषद् में इजरायल का समर्थन कर रहा है, लेकिन हाल की घटनाओं ने पश्चिमी देशों को संकेत दिया है कि अब उसे आम नागरिकों के नुक्सान को लेकर अपनी जिम्मेवारी का एहसास करना होगा। पश्चिमी देशों को अपने निर्णयों पर पुन:विचार करने की दिशा में काम करना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विचार</category>
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                <pubDate>Sun, 12 May 2024 10:02:54 +0530</pubDate>
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                <title>World Elder Abuse Awareness Day: भारत में कितने फीसदी बुजुर्गों के साथ होता है दुर्व्यवहार, सर्वे में खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। World Elder Abuse Awareness Day: हेल्पएज इंडिया (HelpAge India) ने बुधवार को ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस’ की पूर्व संध्या पर यहां अपनी राष्ट्रीय 2023 रिपोर्ट ‘वीमेन एंड एजिंग: इनविजिबल आॅर एम्पावर्ड?’ जारी की जिसमें वृद्ध महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार के संबंध में एक खतरनाक प्रवृत्ति का पता चला। रिपोर्ट […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/home-and-family/world-elder-abuse-awareness-day/article-48850"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-06/elder-abuse.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। </strong>World Elder Abuse Awareness Day: हेल्पएज इंडिया (HelpAge India) ने बुधवार को ‘विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरुकता दिवस’ की पूर्व संध्या पर यहां अपनी राष्ट्रीय 2023 रिपोर्ट ‘वीमेन एंड एजिंग: इनविजिबल आॅर एम्पावर्ड?’ जारी की जिसमें वृद्ध महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार के संबंध में एक खतरनाक प्रवृत्ति का पता चला। रिपोर्ट में बुजुर्ग महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार में 16 प्रतिशत की वृद्धि का खुलासा हुआ। दुर्व्यवहार में पहली बार सबसे अधिक शारीरिक हिंसा का पता चला और दुर्व्यवहार की शिकार 50 फीसदी महिलाओं ने इसका अनुभव किया। इसके बाद उनके प्रति अनादर (46 प्रतिशत) और भावनात्मक/मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार (40 फीसदी) रहा। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के अनुसार दुर्व्यवहार के मुख्य अपराधी महिलाओं के पुत्र (40 प्रतिशत) थे, उसके बाद अन्य रिश्तेदार (31 फीसदी) रहे, जिससे पता चलता है कि दुर्व्यवहार करने वालों में करीबी परिजनों के अलावा दूसरे भी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके बाद बहू की ओर की जाने वाली प्रताड़ना (27 फीसदी) रही। अपने साथ दुर्व्यवहार होने के बावजूद 18 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं ने ‘प्रतिशोध या आगे दुर्व्यवहार के डर’ के मुख्य कारण के चलते इसकी रिपोर्ट नहीं की, इसके बाद 16 फीसदी को ऐसा लगा कि उन्हें उपलब्ध संसाधनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है, जबकि 13 प्रतिशत को लगता है कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा 56 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं में दुर्व्यवहार के लिए उपलब्ध निवारण तंत्र के बारे में जागरुकता की कमी है, केवल 15 फीसदी माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम के बारे में जागरुक हैं और 78 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं को किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं है। बुजुर्ग महिलाओं की सामाजिक स्थिति ने उनके संकट को और बढ़ा दिया, 18 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं ने कहा कि उन्होंने लिंग भेदभाव का सामना किया है, 64 फीसदी ने अपनी वैवाहिक स्थिति यानी विधवा होने के कारण सामाजिक भेदभाव का सामना किया।</p>
<p style="text-align:justify;">आर्थिक मोर्चे पर 53 प्रतिशत वृद्ध महिलाएं आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। सुरक्षित महसूस करने वाले 47 फीसदी हैं उनमें से 79 प्रतिशत पैसे के लिए अपने बच्चों पर निर्भर हैं। भारत में 66 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं के पास कोई संपत्ति नहीं है और 75 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं के पास कोई बचत नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार जहां तक डिजिटल समावेशन का संबंध है, वृद्ध महिलाएं इसमें बहुत पीछे हैं, 60 फीसदी वृद्ध महिलाओं ने कभी भी डिजिटल उपकरणों का उपयोग नहीं किया है, 59 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं के पास स्मार्टफोन नहीं है। वृद्ध महिलाओं में से 13 प्रतिशत ने कहा कि वे कुछ कौशल विकास कार्यक्रम के लिए आॅनलाइन नामांकन करना चाहेंगी। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा 48 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं की कम से कम एक पुरानी स्थिति है, फिर भी 64 प्रतिशत वृद्ध महिलाओं ने कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं होने की सूचना दी है। इसके साथ ही 67 प्रतिशत वृद्ध महिलाएं अभी भी अपने परिवारों में देखभाल करने वाली भूमिकाएँ निभाती हैं, जबकि 36 प्रतिशत वृद्ध महिलाएँ देखभाल करने के बोझ का प्रबंधन करने में सक्षम नहीं हैं। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">हेल्पएज इंडिया की हेड (पॉलिसी एंड रिसर्च) अनुपमा दत्ता ने रिपोर्ट को लेकर कहा,‘महिलाओं को कम उम्र से ही सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक नुकसान होता है, यह उनके जीवन को अकल्पनीय तरीके से बुढ़ापे में प्रभावित करता है। वे शायद ही कभी अपने जीवन के बारे में चुनाव करते हैं और सभी अच्छे इरादों के बावजूद वे जीवन के लगभग सभी पहलुओं में गौण रहते हैं। इक्यावन प्रतिशत वृद्ध महिलाओं ने ‘कभी नहीं’ नियोजित होने की सूचना दी है, जबकि 32 प्रतिशत वृद्ध महिलाएँ यथासंभव लंबे समय तक काम करना चाहती हैं, लेकिन अवसर कहाँ हैं? इसका मतलब वृद्धावस्था में कम या कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं समझा जा सकता है। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">सुश्री दत्ता ने कहा कि उनके लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए बहुत कुछ नहीं किया गया है। लगभग 70 फीसदी वृद्ध महिलाओं ने पर्याप्त और सुलभ रोजगार के अवसरों की कमी की बात कही है। अगर तकनीक भविष्य है, तो आज की डिजिटल दुनिया में हम इन बेबस महिलाओं को कहां देखते हैं? 59 फीसदी वृद्ध महिलाओं के पास स्मार्टफोन भी नहीं है। हमें इस पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है कि हम इन महिलाओं को कैसे सक्षम और प्रोत्साहित कर सकते हैं कि वे आत्मनिर्भर हों, आखिरकार वे अपने उन भागीदारों को पछाड़ देंगी जो उनके लिए निर्णय लेते रहे हैं। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कामकाजी वृद्ध महिलाओं में से 47 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें घर का वातावरण काम के अनुकूल नहीं लगता, जबकि 36 प्रतिशत वृद्ध महिलाएँ जो काम कर रही हैं, अपने कार्यस्थल पर अपने वातावरण के लिए ऐसा ही कहती हैं। यह अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है जो केवल बुजुर्ग महिलाओं पर केंद्रित है, जहाँ अक्सर उनकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा जाता है और उनका कोई अधिकार नहीं रहता है। Elder abuse</p>
<p style="text-align:justify;">इस रिपोर्ट में बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार और भेदभाव, वित्तीय संसाधनों तक वृद्ध महिलाओं की पहुंच और स्वामित्व, रोजगार और रोजगार, स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक और डिजिटल समावेशन, सुरक्षा और संरक्षा, जागरूकता और निवारण तंत्र और अन्य के उपयोग के पहलुओं की पड़ताल की गयी है। इस रिपोर्ट में देश के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों को समेटते हुए भारत के 20 राज्यों, दो केंद्रशासित प्रदेशों और पांच महानगरों को शामिल किया गया है। इसमें 7911 उत्तरदाताओं की प्रतिक्रियाओं को खंड बी, सी और डी श्रेणियों में प्रस्तुत किया गया है। Elder abuse</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>घर परिवार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Jun 2023 17:38:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए क्षेत्रीय संगठन महत्वपूर्ण</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से देखें तो भारत के लिए जी-20 का बाली शिखर सम्मेलन काफी अहम रहा। प्रधानमंत्री के साथ-साथ समूह देशवासियों ने उस वक्त गर्व महसूस किया, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने समापन समारोह में भारत को जी-20 की अध्यक्षता सौंपने का ऐलान किया। राष्ट्रपति जोको विडोडो बधाई के पात्र हैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/regional-organization-important-to-strengthen-the-united-nations/article-40248"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-11/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से देखें तो भारत के लिए जी-20 का बाली शिखर सम्मेलन काफी अहम रहा। प्रधानमंत्री के साथ-साथ समूह देशवासियों ने उस वक्त गर्व महसूस किया, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने समापन समारोह में भारत को जी-20 की अध्यक्षता सौंपने का ऐलान किया। राष्ट्रपति जोको विडोडो बधाई के पात्र हैं कि उनकी अध्यक्षता में जी-20 शिखर सम्मेलन का समापन सफलतापूर्वक हुआ। भारत आगामी एक दिसंबर से अपना कार्यभार संभाल लेगा और अगले एक वर्ष में वैश्विक समस्याओं के समाधान में अपनी विशेषज्ञता वह विश्व से साझा कर सकेगा। बाली शिखर सम्मेलन की सबसे बड़ी सफलता यूक्रेन युद्ध के खिलाफ आम सहमति बनना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका अर्थ है कि बतौर सदस्य राष्ट्र रूस भी इस तथ्य से सहमत है। इससे परिस्थिति काफी दिलचस्प बन गई है। विश्व को युद्ध से बचाना काफी जरूरी है। यही कारण है कि शिखर सम्मेलन में मौजूद सभी नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि युद्ध का विश्व-व्यवस्था में कोई स्थान नहीं। हालांकि जब प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संबंध में जोरदार तरीके से यह बात कही कि ‘आज का युग युद्ध का नहीं है’, उसके बाद विश्व भर में माहौल तनाव रहित होता गया। सुखद है कि जी-20 के घोषणापत्र में लगभग सभी प्रमुख वैश्विक मसलों का जिक्र किया गया है, इसलिए इसमें जो वैश्विक सहमति दिखाई दे रही है, वह नई विश्व-व्यवस्था को लेकर उम्मीद जगाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत को इसके आधार पर आगे बढ़ना चाहिए और कुछ नई पहल के साथ इसका नेतृत्व संभालना चाहिए। जाहिर है, अगले एक साल के लिए नई दिल्ली को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक तरफ, जी-20 के भीतर ही सदस्य देशों में बढ़ रहे तनाव व नई विश्व-व्यवस्था को लेकर कुछ सदस्यों की विस्तारवादी सोच से भारत को जूझना होगा, तो दूसरी तरफ, वैश्विक तनाव, बिगड़ती अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव, बहुपक्षवाद की वकालत करने वाली वैश्विक संस्थाओं की निष्क्रियता, महामारी जैसी समस्याओं से भी उसे पार पाना होगा। स्पष्ट है, जी-20 की अध्यक्षता के दौरान भारत से बड़ी अपेक्षा रहेगी। संयुक्त राष्ट्र को सशक्त बनाने में जी-20 जैसे समूहों का सहयोग निहायत जरूरी है।</p>
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                <pubDate>Sun, 27 Nov 2022 10:31:04 +0530</pubDate>
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                <title>संयुक्त राष्ट्र की भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[भारत सहित कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार नहीं होने पर असंतुष्टि प्रकट की है। इस अंतर्राष्टÑीय संस्था में सुधारों को तत्काल आवश्यकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस संगठन की स्थापना की गई थी, उसे संपूर्ण करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। यह भी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/role-of-the-united-nations/article-38237"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-09/united-nations1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत सहित कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार नहीं होने पर असंतुष्टि प्रकट की है। इस अंतर्राष्टÑीय संस्था में सुधारों को तत्काल आवश्यकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस संगठन की स्थापना की गई थी, उसे संपूर्ण करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। यह भी कहा जा सकता है कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में कुछ शक्तिशाली देशों का दबदबा है। कई दशकों से चल रहा यह संगठन विभिन्न देशों के बीच चल रहे युद्धों को रोकने में नाकाम रहा है। यही कारण है कि विश्व स्तरीय आतंक से निपटने में देरी हो रही है। आतंकवाद संबंधी एक परिभाषा, नीति व मापदंड तय नहीं होने के चलते सही समय पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। एक देश के आतंकवादी को दूसरा देश भगौड़ा घोषित कर रहा है। जिस देश को आतंकवाद से निपटने के लिए वित्तीय मदद मिल रही है, वही देश आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन परिस्थितियों में आतंकवाद के खिलाफ तय किए जाने वाले कार्यक्रम व निर्णय कोई सही परिणाम नहीं देते। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की काऊंसिल समिति का सदस्य चीन भारत को कई आतंकियों को विश्व आतंकी घोषित करने में अड़चन पैदा करता रहा है। आतंकी हमलों की धमकियां देने वाले आतंकी सरगना सरेआम घूम रहे हैं। यदि अमन-शांति को कायम रखने वाली संस्था का सदस्य देश ही आतंकियों का बचाव करेगा तब अमन-शांति की उम्मीद करना बेतुकी बात है। जो देश आतंकवाद का खुलकर समर्र्थन करते हैं उनकी मंशा पर भी विचार होना चाहिए। आतंकवाद को समाप्त करने के मुद्दे पर एकजुटता हर हाल में आवश्यक है। सुरक्षा काऊंसिल में कुछ देशों का दबदबा व मनमानी नहीं चलनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">विश्व की बदल रही परिस्थितियों के अनुसार इसमें भी बदलाव होना चाहिए। भारत विश्व का उभरता देश है व देश की अर्थव्यवस्था विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। भारी अपनी मजबूती, अंतराष्टÑीय स्थिति व परिस्थितियों के मद्देनजर सुरक्षा काऊंसिल की स्थायी सदस्यता का हकदार है। इसके बावजूद भारत को दरकिनार किया जा रहा है। विश्व में आतंकवाद व देशों के आपिसी टकराव को रोकने के लिए भारत संयुक्त राष्टÑ के स्थायी सदस्य के रूप में बेहतर भूमिका निभा सकता है। संयुक्त राष्टÑ में बदलाव व सुधार आवश्यक है, इसमें देरी विश्व का नुक्सान कर रही है।</p>
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                                                            <category>विचार</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Sep 2022 09:33:21 +0530</pubDate>
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                <title>तीन साल के लिए संरा ईसीओएसओसी के सदस्य चुने गए 17 देश</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र। सत्रह देशों को संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के लिए चुना गया है। शुक्रवार को चुने गए इन देशों का कार्यकाल तीन साल होगा। ईसीओएसओसी संरा एजेंसियों के आर्थिक और सामाजिक कार्यों तथा फंड्स समन्वयक निकाय है। इन देशों को संरा महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्य देशों […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/17-countries-elected-members-of-the-united-nations-ecosoc-for-three-years/article-34400"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/ecosoc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र।</strong> सत्रह देशों को संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के लिए चुना गया है। शुक्रवार को चुने गए इन देशों का कार्यकाल तीन साल होगा। ईसीओएसओसी संरा एजेंसियों के आर्थिक और सामाजिक कार्यों तथा फंड्स समन्वयक निकाय है। इन देशों को संरा महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्य देशों के दो-तिहाई बहुमत के साथ गुप्त मतदान द्वारा चुनाव किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जिन देशों को ईसीओएसओसी के लिए चुना गया है, उनमें अफ्रीकी देशों से बोत्सवाना, केप वर्डे, कैमरून, इक्वेटोरियल गिनी, एशिया-प्रशांत देशों से चीन, लाओस, कतर, दक्षिण कोरिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों से ब्राजील, कोलंबिया, कोस्टा रिका, पश्चिमी यूरोपीय और अन्य देशों से डेनमार्क, यूनान, न्यूजीलैंड, स्वीडन, पूर्वी यूरोपीय देशों से स्लोवाकिया और स्लोवेनिया शामिल हैं। इन देशों का कार्यकाल 01 जनवरी, 2023 से शुरू होगा और तीन साल तर रहेगा।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 10:29:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>तुर्की दौरे से पहले मार्टिन ग्रिफिथ्स हुए कोरोना संक्रमित</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र l संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव मार्टिन ग्रिफ़िथ्स (Martin Griffiths) इस सप्ताह के अंत में यूक्रेन की स्थिति पर तुर्की में होने वाली बैठक से पहले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्विटर पर कहा “मुझे यह कहते हुए खेद है कि मैं आज कोविड संक्रमित पाया गया हूं। मैं […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/martin-griffiths-got-corona-infected-before-turkey-tour/article-32505"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-04/martin-griffiths.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र l</strong> संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर महासचिव मार्टिन ग्रिफ़िथ्स (Martin Griffiths) इस सप्ताह के अंत में यूक्रेन की स्थिति पर तुर्की में होने वाली बैठक से पहले कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने ट्विटर पर कहा “मुझे यह कहते हुए खेद है कि मैं आज कोविड संक्रमित पाया गया हूं। मैं स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन कर रहा हूं, यात्रा रद्द कर रहा हूं और घर पर सबसे अलग हूं।”</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में ग्रिफिथ्स (Martin Griffiths) ने कोविड-19 वैक्सीन प्राप्त करने के लिए आभार व्यक्त किया। इससे पहले सोमवार को, ग्रिफिथ्स ने इस सप्ताह के अंत में तुर्की की यात्रा की घोषणा की थी जहां उन्हें अंकारा द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद करने के संभावित प्रयासों पर चर्चा करनी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मॉस्को और कीव में हाल की बैठकों के दौरान ग्रिफ़िथ्स ने दोनों सरकारों से एक ऐसी व्यवस्था पर सहमत होने का आग्रह किया था जिसमें दोनों पक्ष विशेष रूप से मानवीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिल सकें। उन्होंने तुर्की की यात्रा के बाद यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा के एक और दौर के लिए मॉस्को जाने में भी रुचि व्यक्त की थी।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Apr 2022 10:10:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>रूस-यूक्रेन से तनाव को कम करे संयुक्त राष्ट्र: भारत</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र/नई दिल्ली (एजेंसी)। यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूस के विशेष सैन्य कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा के बाद भारत ने वीरवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और यूक्रेन से तत्काल युद्ध की तीव्रता को कम करने और ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील की है जिससे स्थिति बद्तर हो […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/united-nations-should-reduce-tensions-with-russia-ukraine/article-31068"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-02/security-council.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र/नई दिल्ली (एजेंसी)।</strong> यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूस के विशेष सैन्य कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा के बाद भारत ने वीरवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और यूक्रेन से तत्काल युद्ध की तीव्रता को कम करने और ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील की है जिससे स्थिति बद्तर हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक को संबोधित करते हुए रूस और यूक्रेन में घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि यदि स्थिति को संभाला न गया तो क्षेत्र की शांति और सुरक्षा नष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब दो दिन पहले सुरक्षा परिषद की बैठक हुई थी, तब भारत ने तनाव को तत्काल कम करने का आह्वान किया था और स्थिति से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिए निरंतर और केंद्रित कूटनीति पर जोर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">तिरुमूर्ति ने कहा कि हम खेद के साथ कहना चाहते हैं कि तनाव को कम करने के लिए सभी पक्षों द्वारा की गई हालिया पहलों को समय देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के आह्वान पर ध्यान नहीं दिया गया। भारत ने सभी पक्षों से अलग-अलग हितों को पाटने के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने का भी आह्वान किया। सभी पक्षों के वैध सुरक्षा हितों को पूरी तरह से ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून और संबंधित पक्षों द्वारा किए गए समझौतों के अनुसार विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों सहित 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक सीमावर्ती क्षेत्रों सहित यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में स्थित हैं। भारत आवश्यकतानुसार भारतीय छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों की वापसी की सुविधा प्रदान कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">तिरुमूर्ति ने कहा कि समाधान संबंधित पक्षों के बीच निरंतर राजनयिक बातचीत से ही संभव है। उन्होंने कहा कि हम अत्यधिक संयम बरतते हुए सभी पक्षों के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर देते हैं। यूएनएससी की दूसरी आपात बैठक तब हुई जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस पूर्वी यूक्रेन में एक सैन्य अभियान शुरू करेगा। टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में श्री पुतिन ने कहा कि यह कार्रवाई यूक्रेन से आने वाली धमकियों के जवाब में की गई है। उन्होंने अन्य देशों को चेतावनी दी कि रूसी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने के किसी भी प्रयास के परिणाम उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे।</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Thu, 24 Feb 2022 12:34:07 +0530</pubDate>
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                <title>टकराव के कगार पर खड़ी है दुनियाः एंटोनियो गुटेरेस</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र l संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस(Antonio Guterres) ने कहा है कि दुनिया एक नए प्रकार के नरम टकराव के कगार पर खड़ी है, जो शीत युद्ध से भी बदतर है। गुटेरेस ने संरा महासभा में 2022 के लिए प्राथमिकताएं प्रस्तुत करते हुए दुनिया की वर्तमान स्थिति के बारे में पांच मुद्दे उठाए। उनकी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/the-world-is-on-the-verge-of-a-collision-antonio-guterres/article-30188"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-01/antonio-guterres.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र l</strong> संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस(Antonio Guterres) ने कहा है कि दुनिया एक नए प्रकार के नरम टकराव के कगार पर खड़ी है, जो शीत युद्ध से भी बदतर है। गुटेरेस ने संरा महासभा में 2022 के लिए प्राथमिकताएं प्रस्तुत करते हुए दुनिया की वर्तमान स्थिति के बारे में पांच मुद्दे उठाए। उनकी प्रस्तुति के बाद प्रेस वार्ता में जब उनसे पूछा गया कि क्या दुनिया “द्वितीय शीत युद्ध” के कगार पर खड़ी है, तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि दुनिया द्वितीय शीत युद्ध के कगार पर नहीं है, बल्कि उससे भी बुरी स्थिति है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा(Antonio Guterres), “कगार (द्वितीय शीत युद्ध ) पर नहीं, लेकिन हम एक नया रूप देख रहे हैं। मैं इसे शीत युद्ध नहीं कहूंगा। मैं इसे गर्म युद्ध नहीं कहूंगा। मैं इसे शायद टकराव का नया रूप कहूंगा।” उन्होंने कहा कि शीत युद्ध के कुछ निश्चित नियम थे। यह दो समूहों के बीच था। दोनों समूहों में से प्रत्येक का अपना सैन्य गठबंधन था और संघर्ष की रोकथाम के स्पष्ट तंत्र था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “जिस तरह से शीत युद्ध अस्तित्व में था, उसके बारे में एक निश्चित स्तर की भविष्यवाणी थी। अब हम बहुत अधिक अराजक है, बहुत कम अनुमान है। हमारे पास संकट से निपटने के लिए कोई उपकरण नहीं है। वास्तव में, हम एक खतरनाक स्थिति में रहते हैं। “</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jan 2022 10:25:53 +0530</pubDate>
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                <title>संयुक्त राष्ट्र में दुनिया की तस्वीर पेश करेगी भारत की बेटी पुपुल</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। संयुक्त राष्ट्र महासभा में सोमवार को भारत की एक ऐसी बेटी की आवाज गूंजेगी जो अपनी विशिष्ट शैली में कहानी के रूप में भविष्य की दुनिया का खाका पेश करेगी और वह भी भारतीय नजरिये से। जी हां , भारत की 29 वर्षीय भविष्यवेत्ता पुपुल बिष्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा के […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/indias-daughter-pupul-will-present-the-picture-of-the-world-in-the-united-nations/article-26985"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-09/united-nations.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा में सोमवार को भारत की एक ऐसी बेटी की आवाज गूंजेगी जो अपनी विशिष्ट शैली में कहानी के रूप में भविष्य की दुनिया का खाका पेश करेगी और वह भी भारतीय नजरिये से। जी हां , भारत की 29 वर्षीय भविष्यवेत्ता पुपुल बिष्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76 वें सत्र में सतत विकास के लक्षयों के तहत ‘न्याय, समानता और विश्वास के लिए प्रभावशाली तथा समावेशी संस्थान’ विषय पर पैनल चर्चा में हिस्सा लेंगी। इस चर्चा में वह अतीत की कथाओं के जरिये भारतीय दृष्टिकोण से भविष्य की दुनिया का खाका खींचने की कोशिश करेंगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा बुलाये गये इस विशेष सत्र में हिस्सा लेने के लिए उत्साहित सुश्री बिष्ट ने बताया, ‘इस महत्वपूर्ण चर्चा में हिस्सा लेना उनके लिए गौरव की बात है ।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2020 का दशक 2030 के सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तुरंत तथा प्रभावशाली ढंग से इन पर काम करना होगा। हमें यह बात माननी चाहिए कि सभी के भविष्य की कल्पना व्यवस्था में बैठे कुछ लोगों द्वारा नहीं की जा सकती । यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिस पैमाने पर बदलाव हो रहे हैं उनसे कोई पीछे न छूट जाये। यह सीमाओं से आगे जाकर मिलकर और तालमेल से काम करने का मौका है जिससे कि हम अपनी मौजूदा तथा भविष्य की पीढियों के लिए समावेशी दुनिया का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि वह अतीत की गहराइयों में जाकर भविष्य की तस्वीर को उकेरने की कोशिश करती हैं क्योंकि हमारी लोककथाओं में असीमित खजाना है जिसे दुनिया तक पहुंचाने की जरूरत है और वह अपनी कहानी की विधा से यही प्रयास करने में जुटी हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;">सामाजिक नेताओं के साथ अपने विचार साझा करेंगी पुपुल</h4>
<p style="text-align:justify;">इस विशेष सत्र में वह 30 सदस्य देशों के विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सामाजिक नेताओं के साथ अपने विचार साझा करेंगी। सत्र में विभिन्न निजी और अंतर्राष्ट्रीय साझीदार भी हिस्सा ले रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के प्रारंभिक वक्तव्य के बाद यह सत्र शुरू होगा और इसमें बिल गेट्स फाउंडेशन की मिलिंदा गेट्स, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक , नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई , अफ्रीका के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक आयोग के कार्यकारी सचिव डा वेरा सोंगवे , संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रशासक अचीम स्टेनर और तीस से चालीस देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा लेंगे।</p>
<h4 style="text-align:justify;">कनाडा से स्ट्रेटेजिक फोरसाइट एंड इनोवेशन में स्नातकोत्तर की शिक्षा ली</h4>
<p style="text-align:justify;">सुश्री बिष्ट ने पिछले वर्षों में कड़ी मेहनत और शोध के बल पर भविष्यवेत्ता के रूप में अपनी पहचान बनायी है। वह राजस्थान की कावड़ कथा के आधार पर अतीत का विश्वलेषण कर भारतीय नजरिये से भविष्य की दुनिया की तस्वीर पेश करती हैं। समाज के हाशिये पर रहने वाले लोगों को केन्द्र में रखकर अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ‘डिकोलोनाइजिंग फ्यूचर्स इनिशिएटिव’ की स्थापना की। उन्हें प्रतिष्टित नेक्सट जनरेशन फोरसाइट प्रेक्टिशनर्स अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने भारत में स्नातक की शिक्षा के बाद कनाडा से स्ट्रेटेजिक फोरसाइट एंड इनोवेशन में स्नातकोत्तर की शिक्षा ली है।</p>
<p> </p>
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                                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Sep 2021 12:27:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दक्षिणी अफगानिस्तान में 10 हजार लोगों के फंसे होने की आशंका: संरा</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिणी अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है और आशंका जतायी है कि यहां संघर्ष के बीच 10 हजार लोग फंसे हुए हैं। संरा मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद और कंधार में संघर्ष […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/news-brief/10000-people-feared-trapped-in-southern-afghanistan-un/article-25757"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2021-08/un.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>संयुक्त राष्ट्र (एजेंसी)।</strong> संयुक्त राष्ट्र ने दक्षिणी अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है और आशंका जतायी है कि यहां संघर्ष के बीच 10 हजार लोग फंसे हुए हैं। संरा मानवाधिकार आयोग ने कहा कि अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद और कंधार में संघर्ष के बीच इन दोनों प्रांतों की राजधानियों लश्कर गाह और कंधार तथा पड़ोसी जिलों में रहने वाले लोगों को शांत क्षेत्रों में ले जाया गया। आयोग ने कहा, “नागरिकों के हताहत होने, रिहायशी घरों और अस्पतालों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान या क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं।”</p>
<h4 style="text-align:justify;">50 लाख लोग विस्थापित</h4>
<p style="text-align:justify;">आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संरा और उसके मानवीय सहयोगी जरूरतों का आकलन कर रहे हैं और लोगों तक सहायता पहुंचा रहे हैं। आयोग ने कहा कि कंधार में रविवार को 2000 से अधिक लोगों तक भोजन, पानी, स्वच्छता और नकद सहायता पहुंचायी गई। संरा के मुताबिक अफगानिस्तान में इस वर्ष की शुरूआत से अब तक लगभग 360,000 लोगों को संघर्ष के कारण विस्थापित होना पड़ा है। वहीं वर्ष 2012 से अब तक लगभग 50 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।</p>
<p> </p>
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                <pubDate>Thu, 05 Aug 2021 09:57:49 +0530</pubDate>
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