<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.sachkahoon.com/hissar/tag-9748" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Sach Kahoon Hindi RSS Feed Generator</generator>
                <title>Hissar - Sach Kahoon Hindi</title>
                <link>https://www.sachkahoon.com/tag/9748/rss</link>
                <description>Hissar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ब्राजील के सहयोग से हिसार में सुधारी जाएगी पशुओं की नस्ल</title>
                                    <description><![CDATA[उत्कृष्टता केंद्र का किया जाएगा निर्माण सच कहूँ/एमके शायना चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हिसार में पशुओं की नस्ल सुधार के लिए उत्कृष्टता केंद्र ब्राजील के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, पशुओं के आहार में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए कनाडा की कंपनी द्वारा एक सेंटर राज्य […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-breed-of-animals-will-be-improved-in-hisar-with-the-help-of-brazil/article-35675"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-07/relief-package-for-animal-d.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong>उत्कृष्टता केंद्र का किया जाएगा निर्माण</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>सच कहूँ/एमके शायना </strong><br />
<strong>चंडीगढ़।</strong> हरियाणा के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हिसार में पशुओं की नस्ल सुधार के लिए उत्कृष्टता केंद्र ब्राजील के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, पशुओं के आहार में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए कनाडा की कंपनी द्वारा एक सेंटर राज्य में खोला जाएगा, जिसके तहत इस कंपनी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही हरियाणा का दौरा करेगा और उसके पश्चात एक समझौता ज्ञापन होगा। यह जानकारी मंगलवार को यहां हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण और पशुपालन एवं डेयरिंग मंत्री जेपी दलाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। ब्राजील दौरे के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ब्राजील में वर्ष 1911 में भावनगर के राजा ने गिर नस्ल की गायों को दान के स्वरूप ब्राजील को दिया था और उसके बाद ब्राजील ने इन गायों की नस्ल सुधार में काम किया गया। उन्होंने कहा कि ब्राजील में गिर गाय की नस्ल में सुधार कर गिरलैंडो नस्ल को तैयार किया गया है जो औसतन 15 लीटर दूध देती हैं जिसमें 99 प्रतिशत जेनेटिक्स हमारे देश की गिर गाय के पाए जाते हैं। दलाल ने कहा कि गिर गाय की नस्ल सुधार की तर्ज पर देसी, हरयाणा, साहीवाल और राठी गाय की नस्लों में सुधार हो।उन्होंने कहा कि स्वदेशी नस्ल की गायों के विकास हेतु एम्ब्रापा, ब्राजील के सहयोग से हरियाणा में उत्कृष्ठता केन्द्र की स्थापना की जाएगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ब्राजीलियन एसोसिएशन आॅफ जेबू ब्रीडर्स से आयात किया जाएगा जर्म प्लाज्म</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कृषि मंत्री ने कहा कि ब्राजीलियन एसोसिएशन आॅफ जेबू ब्रीडर्स (एबीसीजेड) से गिर जर्म प्लाज्म का आयात किया जाएगा। इसके अलावा, ब्राजील की एक जीनोमिक्स कम्पनी एल्टा जैनेटिक्स को गुणवत्ता वाले मुर्राह जर्मप्लाज्म के निर्यात की संभावनाएं तलाशी जाएगी। उन्होंने बताया कि एम्ब्रापा से एम्ब्रयो ट्रांस्फर टैक्नोलोजी (ईटीटी) और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन(आईवीएफ) पर हरियाणा सरकार के मानव संसाधन का प्रशिक्षण भी होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में कृषि क्षेत्र में व्यापार के अवसर तलाशने हेतु इंडो ब्राजीलियन चैंबर आॅफ कामर्स के सदस्यों को निमंत्रण दिया गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सीमेक्स जेनेटिक्स से मिलेगा सहयोग</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">कनाडा दौरे के संबंध में मंत्री ने बताया कि राजकीय पशुधन फार्म, हिसार में स्वच्छ दूध उत्पादन हेतु आधुनिक प्रबन्धन डेयरी फार्म प्रथाओं सहित अत्याधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करना, स्वदेशी गायों और भैंसों के लिए हिसार में सैक्सड सोर्टिड सीमन संस्थान की स्थापना हेतु सीमेक्स जेनेटिक्स से सहयोग मिलेगा। इसके अलावा, अगले वर्ष मई माह में एम्ब्रयो ट्रांस्फर टैक्नोलोजी (ईटीटी) के प्रशिक्षण हेतु मानव संसाधन विनियम, जिसके लिए यह सहमति बनी है कि हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड द्वारा सास्काचेवान विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण हेतु विभाग के 2-3 अधिकारियों को नामांकित किया जाएगा।</p>
<p><b>अन्य </b><strong><a href="http://10.0.0.122:1245/">अपडेट</a></strong><b> हासिल करने के लिए हमें </b><strong><a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a></strong><b> और </b><strong><a href="https://twitter.com/SACHKAHOON">Twitter</a></strong><b>, <a href="https://www.instagram.com/sachkahoon/">Instagram</a>, <a href="https://www.linkedin.com/company/sachkahoon">LinkedIn</a> , <a href="https://www.youtube.com/channel/UCOcEoUWkETVpZIzmQPVlpfg">YouTube</a>  पर फॉलो करें।</b></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-breed-of-animals-will-be-improved-in-hisar-with-the-help-of-brazil/article-35675</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/the-breed-of-animals-will-be-improved-in-hisar-with-the-help-of-brazil/article-35675</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Jul 2022 18:29:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2022-07/relief-package-for-animal-d.jpg"                         length="40614"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरियाणा की देसी नस्ल की गाय ने 20.6 लीटर दूध देकर बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[हिसार(सच कहूँ न्यूज)। आमतौर पर जिस देसी गाय को कम दूध उत्पादन के कारण लोगों ने रखना छोड़ दिया है। वो गाय अब अपने आप को साबित कर रही है। बशर्ते गाय का पालन-पोषण सही तरीके से हो। लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के पशु अनुवांशिक एवं प्रजनन विभाग की हरियाणा […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryanas-native-cow-created-national-record-by-giving-20-6-liter-milk/article-6160"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/national-record.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हिसार(सच कहूँ न्यूज)।</strong> आमतौर पर जिस देसी गाय को कम दूध उत्पादन के कारण लोगों ने रखना छोड़ दिया है। वो गाय अब अपने आप को साबित कर रही है। बशर्ते गाय का पालन-पोषण सही तरीके से हो। लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के पशु अनुवांशिक एवं प्रजनन विभाग की हरियाणा नस्ल की गाय ने 20.6 किलोग्राम दूध देकर  राष्ट्रीय रिकार्ड (<strong>National Record</strong> ) बनाया है। बता दें कि अधिकतर हरियाणा नस्ल की गाय अधिकतम 10 से 12 किलोग्राम ही दूध दे पाती हैं।विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं उनकी टीम को पशुओं के बेहतर रखरखाव के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति ने उन्हें बधाई दी। बता दें कि पिछले वर्ष लुवास के इस पशु प्रजनन एवं अनुवांशिक विज्ञान विभाग को भारत सरकार ने देसी नस्ल की गायों मे सुधार के लिए उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राष्ट्रीय कामधेनू पुरस्कार दिया गया।</p>
<h2>लगातार पांच दिन दिया 19.8 लीटर से ज्यादा दूध</h2>
<p>लुवास के कुलपति डॉ. गुरदियाल सिंह ने बताया कि इस देसी नस्ल की हरियाणा गाय ने अपने चौथे ब्यांत में लगातार पांच दिन 19.8 किलोग्राम से ज्यादा दूध देकर अपनी श्रेणी में नया राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया है। इस गाय ने अपने पिछले ब्यांत में 17.2 किलोग्राम अधिकतम दूध देकर कुल ब्यांत काल में 3281.4 किलोग्राम दूध दिया था। इस गाय ने 25 दिन पहले बछड़े को जन्म दिया था। शनिवार को इसने 20 किलो 600 ग्राम दूध देकर राष्ट्रीय रिकार्ड बना दिया। इससे पहले महेंद्रगढ़ जिले में हरियाणा नस्ल की एक गाय ने 18.5 किलोग्राम और कैथल में एक किसान की इसी नस्ल की गाय ने 19 किलो दूध देकर राष्ट्रीय रिकार्ड बनाया था।</p>
<h2>बढ़ाई जाएगी इस तरह के पशुओं की संख्या</h2>
<p>अनुसंधान निदेशक डा. प्रवीन गोयल, पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. दिवाकर शर्मा ने ‘हरियाणा नस्ल देसी गाय नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत चल रहे अनुसंधान की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह अच्छा दूध देने वाले देसी नस्ल के हरियाणा में ओर अधिक पशु तैयार किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के किसान देसी नस्ल के पशुओं से अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकें।</p>
<p>ज्ञात हो कि इस गाय की पहली ब्यांत पर आयु 1014 दिन (लगभग 33.8 महीने) है और प्रजनन संबंधी गुण जैसे कि औसत ब्यांत काल 355 दिन तथा गभार्धान हेतु सेवा की अवधि 70 दिन है। हरियाणा नस्ल कि इस विशेष गाय ने अपने पिछले ब्यांत काल में 3281.0 किलोग्राम दूध देकर अपनी श्रेणी के पशु में अपने सर्वोतम स्थान बनाया था। इस गाय के दो बछड़े तथा दो बछडि?ां हैं। इस गाय की मां भी 3001 किलोग्राम दूध दूसरे बयांत में देकर लगभग 8 ब्यांतकाल पूरे कर चुकी है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/">Hindi News </a>से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें <a href="https://www.facebook.com/SachKahoonOfficial">Facebook</a> और <a href="https://x.com/SACHKAHOON">Twitter</a> पर फॉलो<strong>।</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>हरियाणा</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryanas-native-cow-created-national-record-by-giving-20-6-liter-milk/article-6160</link>
                <guid>https://www.sachkahoon.com/state/haryana/haryanas-native-cow-created-national-record-by-giving-20-6-liter-milk/article-6160</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Oct 2018 15:59:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.sachkahoon.com/media/2018-10/national-record.jpg"                         length="61161"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        