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                <title>Robot - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>अब रोबोट करेंगे इंडियन आयल के टेंकों की सफाई हुआ समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)। इंडियन आयल कॉपोर्रेशन ने रिफाइनरी में आंतरिक टैंक की सफाई और निरीक्षण के लिए रोबोट विकसित करने को लेकर जेनरोबोटिक्स के साथ समझौता किया है। आईओसी ने रोबोट विकसित करने के लिए जेनरोबोटिक्स के साथ करार किया है जिससे रिफाइनरी में किसी भी व्यक्ति का 100 प्रतिशत तक प्रवेश नहीं करना सुनिश्चित करना […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/business/indian-oil-signs-agreement-to-develop-robots-for-cleaning-oil-tanks/article-34868"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/robot-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम (एजेंसी)।</strong> इंडियन आयल कॉपोर्रेशन ने रिफाइनरी में आंतरिक टैंक की सफाई और निरीक्षण के लिए रोबोट विकसित करने को लेकर जेनरोबोटिक्स के साथ समझौता किया है। आईओसी ने रोबोट विकसित करने के लिए जेनरोबोटिक्स के साथ करार किया है जिससे रिफाइनरी में किसी भी व्यक्ति का 100 प्रतिशत तक प्रवेश नहीं करना सुनिश्चित करना है। पेट्रोलियम टैकों की साफ-सफाई और रखरखाव काफी समय लेने वाला और असुरक्षित कार्य है। बयान में कहा गया कि आईओसी का भारत में सबसे बड़ा रिफाइनरी नेटवर्क है और यह देश की कुल 23 रिफाइनरियों में 11 का संचालन करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जेनरोबोटिक्स एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता स्टार्ट-अप है, जो ऐसी तकनीकों का विकास कर रहा है जो रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके अत्यधिक और असुरक्षित वातावरण में काम करने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित तरीके प्रदान करती हैं। जेनरोबोटिक्स के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विमल गोविंद एमके ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य है कि अत्यधिक और असुरक्षित वातावरण में काम करने वाले लोगों को रोबोटिक्स और एआई की मदद से उनकी सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा,‘पेट्रोलियम भारत के प्रमुख उद्योगों में से एक है जो अर्थव्यवस्था में सकल घरेलू उत्पाद का उचित हिस्सा प्रदान करता है और हमारा मानना ??है कि हमारे रोबोटिक समाधान इस उद्योग में न केवल अधिक सुरक्षा बल्कि उत्पादकता को भी संबोधित कर सकते हैं।</p>
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                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 17:16:56 +0530</pubDate>
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                <title>इंसानों के स्कीन जैसी रोबोटिक फिंगर बनाई, चोट खुद होगी ठीक</title>
                                    <description><![CDATA[टोक्यो। सभी जगह पर साइंस की दुनिया तेजी प्रगति कर रही है। इसके साथ ही रोजाना रोबोट्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी में भी अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी रोबोटिक फिंगर बनाई है जिसकी स्किन इंसानों जैसी होगी। सिर्फ इतना ही नहीं, इसमें खास बात यह है […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/science-invented-robotic-finger-like-human-in/article-34390"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2022-06/robot.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>टोक्यो।</strong> सभी जगह पर साइंस की दुनिया तेजी प्रगति कर रही है। इसके साथ ही रोजाना रोबोट्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी में भी अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसी रोबोटिक फिंगर बनाई है जिसकी स्किन इंसानों जैसी होगी। सिर्फ इतना ही नहीं, इसमें खास बात यह है कि बीमार होने के बाद रोबोट की यह स्किन खुद को ठीक कर सकेगी। आपको बता दें कि यह रोबोटिक फिंगर टोक्यो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने बनाई है, जिसकी स्किन लिविंग टिश्यू से ढकी होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>रोबोटिक्स व लिविंग टिश्यू का मेल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह रोबोटिक्स व लिविंग टिश्यू का पहला और अनोखा मेल है। इस रोबोटिक फिंगर में लगे सेल्स और ऑर्गेनिक मैटेरियल इसको आकार व मजबूती देने वाले होंगे। इसे बनाने वाली टीम का कहना है कि यह स्किन खुद को ठीक कर सकेगी। इसका प्रयोग टच-कंट्रोल और सेंसिटिव अप्लीकेशंस में इस्तेमाल होगा। जॉर्नल मैटर में प्रकाशित पेपर में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके मुताबिक इस रोबोट को बनाने में बायोहाइब्रिड अप्रोच के जरिए टिश्यू इंजीनियर्ड स्किन का इस्तेमाल किया गया है।</p>
<p>Edit By M.L</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>न्यूज़ ब्रीफ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 18:27:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>हैदराबाद में ग्राहकों को रोबोट परोसता है खाना</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली (एजेंसी)।   हैदराबाद में ऐसा पहला रेस्त्रां खोला गया है जहां ग्राहकों को खाना रोबोट परोसता है। रोबो किचेन नाम के रेस्त्रां में फिलहाल चार रोबोट हैं. रोबोट किचेन से सीधे खाना लेकर ग्राहकों को टेबल पर पहुंचा देते हैं. इस रेस्त्रां को ग्राहकों का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। रोबो किचेन के पार्टनर […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली (एजेंसी)। </strong>  हैदराबाद में ऐसा पहला रेस्त्रां खोला गया है जहां ग्राहकों को खाना रोबोट परोसता है। रोबो किचेन नाम के रेस्त्रां में फिलहाल चार रोबोट हैं. रोबोट किचेन से सीधे खाना लेकर ग्राहकों को टेबल पर पहुंचा देते हैं. इस रेस्त्रां को ग्राहकों का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है। रोबो किचेन के पार्टनर मनिकंठ ने कहा कि ग्राहक जैसे ही रेस्त्रां में आते हैं, उन्हें टैबलेट दिया जाता है. ग्राहक टैबलेट से सीधे खाना ऑर्डर करते हैं और इसके बाद रोबोट उन तक खाना पहुंचा देता है।खाना पहुंचाने वाले रोबोट को ब्यूटी सर्विंग रोबोट नाम दिया गया है।पूरे दिन रोबोट के काम करने के लिए इन्हें करीब 3 घंटे चार्ज करना होता है।आपको बता दें कि ऐसा ही रेस्त्रां चेन्नई में भी खुल चुका है।</p>
<h2 style="text-align:justify;">दुनियाभर में हो रहे हैं ऐसे प्रयोग</h2>
<p style="text-align:justify;">हाल ही में बुडापेस्ट में एक कैफे खोला गया जहां रोबोट खाना सर्व करते हैं, कस्टमर से बातें करते हैं और उनके साथ डांस भी करते हैं। बुडापेस्ट के कैफे में रोबोट तय रास्तों से अपने हाथों में खाना लेकर कस्टमर तक पहुंचते हैं।लोगों को रोबोट के रास्ते से अलग रहने को कहा जाता है। वहीं कुछ रोबोट रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करते हैं। करीब 12 घंटे तक इन रोबोट के काम करने के लिए कई टेक्नेशियन को भी यहां नौकरी पर रखा गया।</p>
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                                                            <category>रंगमंच</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Feb 2019 16:13:32 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब देश के परमाणु संयंत्र साफ करेंगे रोबोट</title>
                                    <description><![CDATA[सफाई के लिए नई पीढ़ी के रोबोट तैनात | Country’s Nuclear Plant लखनऊ(एजेंसी)। आने वाले समय में देश के परमाणु संयंत्रों (Country’s Nuclear Plant) में इंसान नहीं रोबोट सफाई का जिम्मा संभालेंगे। सफाई के लिए नई पीढ़ी के रोबोट तैनात किए जाएंगे। आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर आधारित रोबोट्स खुद समझ कर एक्शन लेने में समक्ष होंगे। […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/robot-will-clean-the-countrys-nuclear-plant/article-6185"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/nuclear.jpg" alt=""></a><br /><h2>सफाई के लिए नई पीढ़ी के रोबोट तैनात | Country’s Nuclear Plant</h2>
<p><strong>लखनऊ(एजेंसी)।</strong> आने वाले समय में देश के परमाणु संयंत्रों <strong>(Country’s Nuclear Plant)</strong> में इंसान नहीं रोबोट सफाई का जिम्मा संभालेंगे। सफाई के लिए नई पीढ़ी के रोबोट तैनात किए जाएंगे। आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर आधारित रोबोट्स खुद समझ कर एक्शन लेने में समक्ष होंगे। लिहाजा, काम के लिए इन्हें बार-बार कमांड देने की आवश्यकता नही होगी। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस पर काम कर रहे वैज्ञानिकों ने दीं।</p>
<p>आइआइटी खडगपुर के प्रो.पीके विश्वास व आइएसआइ कोलकता के प्रो.आशीष घोष के मुताबिक देश में नई पीढ़ी का रोबोट विकसित करने पर काम चल रहा है। ये रोबोट सामान्य से हटकर होंगे। मसलन, हार्डवेयर के बजाए इनमें सॉफ्टवेयर बेस पर काम अधिक होगा। वहीं रोबोट का संचालन रिमोट कंट्रोल, ह्यूमेन बेस्ड प्रोसेसिंग के बजाए आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस के आधार पर होगा। इसके लिए ब्रेन पावर की कॉपी पर सॉफ्टवेयर तैयार हो रहा है। इस सॉफ्टवेयर की विभिन्न एप्लीकेशन में रोबोट द्वारा इंफॉर्मेशन कलेक्ट करना, उसे एनालाइज करना और फिर स्वत: एक्शन के लिए प्रेरित करना होगा। यानी कि रोबोट खुद सोच-समझकर कार्य करेगा।</p>
<h2>टै्रफिक भी संभाल सकेगा नया रोबोट</h2>
<p>प्रो.पीके विश्वास ने बताया कि खडगपुर आइआइटी में इसके लिए सेंटर फॉर आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस रिसर्च का गठन किया गया है। इसमें नई पीढ़ी के रोबोट पर 40 फीसद काम हो चुका है। यह रोबोट सबसे पहले परमाणु संयंत्रों की सफाई में तैनात किए जाएंगे। कारण, इससे कर्मचारियों को रेडिएशन (विकिरण) के खतरे से बचाया जा सकेगा। वहीं संयंत्रों के चप्पे-चप्पे पर सफाई भी संभव हो सकेगी। इंटेलीजेंस रोबोट ट्रैफिक संचालन का भी काम कर सकेंगे। यह ट्रैफिक का आॅटोमैटिक नहीं बल्कि मौजूदा स्थिति के अनुसार संचालन कर सकते हैं। यानी कि वाहनों की भीड़ के हिसाब से रूट को ओपन व क्लोज करने का निर्णय ले सकेंगे।</p>
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                <pubDate>Mon, 08 Oct 2018 16:33:04 +0530</pubDate>
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