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                <title>Pakistan Army - Sach Kahoon Hindi</title>
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                <title>Pakistan Army News: पाकिस्तानी आर्मी को लेकर सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट!</title>
                                    <description><![CDATA[तेल अवीव। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में खुद को बिचौलिए के तौर पर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश जांच के दायरे में आ गई है। ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का दागदार इतिहास और उसके रणनीतिक विरोधाभासों को […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/shocking-report-emerges-regarding-the-pakistan-army/article-83119"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2026-04/pk-army.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तेल अवीव। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में खुद को बिचौलिए के तौर पर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश जांच के दायरे में आ गई है। ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का दागदार इतिहास और उसके रणनीतिक विरोधाभासों को उजागर किया गया है। लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल पैटर्न का जिक्र करते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की मिलिट्री का चरित्र संदिग्ध रहा है। अक्सर वैश्विक मामलों में दोहरा चेहरा दिख जाता है। Pakistan Army News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था लंबे समय से वैश्विक भू-राजनीति में दोहरी भूमिका निभाती रही है। पत्रकार हसन मुजतबा ने एक प्रचलित टिप्पणी का हवाला देते हुए लिखा कि “अधिकांश देशों के पास सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान में सेना के पास एक देश है”, जिससे यह संकेत मिलता है कि वहां की सैन्य संस्था अक्सर पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर काम करती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान परिदृश्य में पाकिस्तान खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्ष में “मध्यस्थ” के रूप में पेश कर रहा है, लेकिन उसका अतीत इस भूमिका को जटिल बनाता है। इसमें यह आरोप भी शामिल है कि मिर्जा असलम बेग के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान ने तेहरान को परमाणु तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई थी। रिपोर्ट कहती है,” पाकिस्तान एक ओर ईरान के शिया शासन के साथ कामकाजी संबंध बनाए रखता है, वहीं दूसरी ओर उसका प्रभाव सुन्नी समूहों पर भी देखे जाते हैं, खासकर ईरान के बलूचिस्तान क्षेत्र में। ये दोहरा संतुलन पाकिस्तान की रणनीतिक नीति का हिस्सा है।”</p>
<p style="text-align:justify;">आंतरिक स्तर पर भी विरोधाभासों की ओर इशारा करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में शिया संगठनों, जैसे इमामिया स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और जैनबियन, का नाम कई बार ईरान से जुड़े यूएस-इजरायल तनाव के जवाब में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। ऐसी अशांति ने कथित तौर पर आम लोगों और सुरक्षा कर्मियों, दोनों पर नकारात्मक असर डाला है। विरोध प्रदर्शनों ने कई बार हालात को तनावपूर्ण बनाया है। इसी संदर्भ में पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं को हिंसक प्रतिक्रिया से बचने की चेतावनी दी थी। Pakistan Army News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सेना में शिया समुदाय का प्रतिनिधित्व सीमित रहा है, जिससे असंतोष की स्थिति पैदा होती रही है। इसमें मूसा खान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि 1960 के दशक के बाद से इस स्तर पर प्रतिनिधित्व कम देखने को मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐतिहासिक संदर्भों का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कोरियन युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का हवाला दिया गया, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका और उससे जुड़े विवादों को रेखांकित किया गया। लेख में 1971 की घटनाओं को “मिनी-होलोकॉस्ट” बताते हुए कहा गया कि पाकिस्तान को अब भी बांग्लादेश से औपचारिक माफी मांगनी चाहिए। इसमें पाकिस्तान के ईरान और मोहम्मद रेजा पहलवी से पुराने रिश्तों का जिक्र किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">चीन के साथ पाकिस्तान के रिश्तों को भी रिपोर्ट में अहम बताया गया है। चीन के साथ उसके संबंधों को “हिमालय से ऊंचा और समुद्र से गहरा” बताते हुए दोनों देशों के बीच रक्षा और बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों में सहयोग का जिक्र किया गया। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के दोहरे मापदंड को रेखांकित किया गया है। उस पर अपने सुविधा के अनुसार भू-राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप है। चीन के उइगर मुसलमानों का जिक्र कर चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें एक उदाहरण के साथ पाकिस्तान की कलई खोली गई है। दावा किया गया है कि चीनी अधिकारियों ने शिनजियांग में उइगर समूहों से बातचीत करने में मदद के लिए काजी हुसैन अहमद से संपर्क किया था। Pakistan Army News</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद में पाए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे सैन्य प्रतिष्ठान की भूमिका को लेकर सवाल उठे। इसके अलावा परवेज मुशर्रफ के शासनकाल के दौरान “डबल गेम” खेलने के आरोपों और अमेरिका से मिली वित्तीय सहायता का भी जिक्र किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अंत में रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान की मध्यस्थ बनने की कोशिशें एक रणनीतिक छवि निर्माण का हिस्सा प्रतीत होती हैं और जब तक इस प्रक्रिया में इजरायल और ईरान जैसे प्रमुख पक्ष शामिल नहीं होते, तब तक इसे विश्वसनीय नहीं माना जा सकता। साथ ही चेतावनी दी गई कि ईरान में किसी बड़े भू-राजनीतिक बदलाव का असर पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान क्षेत्र पर पड़ सकता है, जहां पहले से ही विद्रोह की स्थिति बनी हुई है। Pakistan Army News</p>
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                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 16:50:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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                <title>Pakistan Army: पाकिस्तानी सेना जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद को फिर से भड़का सकती है, जानिये कैसे</title>
                                    <description><![CDATA[Pakistan Army:नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई की मदद से दो घातक आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा (एलईटी) और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के बीच एक नये गठबंधन को क्रियान्वित किया गया है। यह गठजोड़ अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के लोगों के लिए बढ़ रहे खतरे की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pakistani-army-may-rekindle-militancy-in-jammu-and-kashmir-find-out-how/article-76641"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2025-10/pakistan-army.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Pakistan Army:नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।</strong> पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कुख्यात जासूसी एजेंसी आईएसआई की मदद से दो घातक आतंकी संगठनों लश्कर ए तैयबा (एलईटी) और इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (आईएसकेपी) के बीच एक नये गठबंधन को क्रियान्वित किया गया है। यह गठजोड़ अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के लोगों के लिए बढ़ रहे खतरे की ओर इशारा कर रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि पाकिस्तानी सेना जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद को फिर से भड़काने का इरादा रखती है जिससे क्षेत्रीय शांति को भंग किया जा सके। आईएसकेपी की प्रचार पत्रिका “यलगार” के हालिया अंक में इस बदलाव का संकेत दिया गया है। इससे पता चलता है कि उनकी भारत के राज्य जम्मू- कश्मीर में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की मंशा है। इस गठजोड़ की आईएसआई पूरी तरह से मदद कर रही है। पत्रिका से जानकारी मिली है कि पाकिस्तान कथित तौर पर लश्कर ए तैयबा और आईएसकेपी के बीच सहयोग को सुगम बना रहा है और लश्कर के लॉजिस्टिक नेटवर्क का उपयोग आईएसकेपी की आतंकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।<br />
दरअसल पाकिस्तान सेना अपने क्षेत्रीय उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आतंकी समूहों का छद्म रूप से उपयोग करती रही है। सेना की लंबे समय से चली आ रही यह नीति अब भी बेरोकटोक जारी है, इस कड़ी में अब आईएसकेपी उसका नवीनतम हथियार बनकर उभरा है। पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान बलूच राष्ट्रवादियों और तालिबान शासन के उन तत्वों को निशाना बनाते हैं जो इस्लामाबाद को चुनौती देते हैं। इसके लिए दाइश (आईएसआईएस) और आईएसकेपी का इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">
हाल ही में सामने आयी एक तस्वीर में आईएसकेपी के बलूचिस्तान समन्वयक मीर शफीक मेंगल को लश्कर ए तैयबा के सीनियर कमांडर राना मोहम्मद अशफाक को एक पिस्तौल उपहार में देते हुए दिखाया गया है। यह तस्वीर खतरे की घंटी बजा रही है और आईएसआई के सीधे संरक्षण में पाकिस्तान के विस्तारित आतंकी गठजोड़ को उजागर कर रही है।<br />
लश्कर-ए-तय्यबा का वर्तमान नाजिम-ए-आला (वरिष्ठ संचालक) राना मोहम्मद अशफाक पाकिस्तान में समूह के विस्तार की देखरेख करता हैं। वह नए मर्कज (प्रशिक्षण और विचारधारा केंद्र) स्थापित कर रहा हैं और विभिन्न संप्रदायों के अन्य आतंकी समूहों के साथ परिचालन (आॅपरेशनल लिंक) संबंध बना रहा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मीर शफीक मेंगल बलूचिस्तान के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री नसीर मेंगल का बेटा हैं और लंबे समय से आईएसआई के एक प्रमुख व्यक्ति रहा हैं। एक दशक से अधिक समय से वह बलूच राष्ट्रवादियों को निशाना बनाने वाली एक निजी डेथ स्क्वॉड का नेतृत्व कर रहा हैं। 2015 से मेंगल बलूचिस्तान में आईएसकेपी के प्रमुख सहयोगी के रूप में कार्य कर रहा हैं। वह आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने, धन, और हथियारों की आपूर्ति की व्यवस्था करता रहा हैं। उसकी भूमिका का 2015 के एक संयुक्त जांच दल (जेआईटी) की रिपोर्ट में भी उल्लेख किया गया था, जो पाकिस्तान की अपनी जांच एजेंसियों द्वारा जारी की गई थी। अब यह माना जा रहा है कि लश्कर-ए-तय्यबा बलूच विद्रोहियों के खिलाफ अभियानों में आईएसकेपी के साथ अपने लड़ाकों को तैनात करना शुरू कर सकता है, जैसा उसने अफगान जिहाद के दौरान अल-कायदा के साथ पहले सहयोग किया था। आईएसआई की देखरेख में एलईटी-आईएसकेपी का यह एकीकरण पाकिस्तान के आतंकी तंत्र में एक खतरनाक परिवर्तन का संकेत देता है, जहां वैचारिक रूप से भिन्न आतंकी समूह इस्लामाबाद के भू-राजनीतिक और सांप्रदायिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए एक जगह मिल रहे हैं। यह गठजोड़ न केवल बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के लिए, बल्कि दक्षिण एशिया में व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा पेश करता है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:44:21 +0530</pubDate>
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                <title>Lahore: पाकिस्तान में हिंसा के मद्देनजर फेसबुक, ट्वीटर और यूट्यूब पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[Lahore (एजेंसी)। पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने गृहमंत्रालय की सिफारिश पर देश भर में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब सहित लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/ban-on-social-media-in-pak/article-47426"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2023-05/lahore.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>Lahore (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने गृहमंत्रालय की सिफारिश पर देश भर में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब सहित लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की आज सुबह हुई गिरफ्तारी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इमरान खान की गिरफ्तारी ने पूरे देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये है कानून व्यवस्था को बनाये रखने को लेकर गृह मंत्रालय चिंतित है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि भड़काऊ संदेशों, अफवाहों और आगजनी को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बंद करने का निर्णय लिया गया है। सोशल मीडिया संदेश तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ा सकते है। अधिकारियों को उम्मीद है कि फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर अस्थायी रोक से गलत सूचना के प्रसार नहीं हो सकेगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">चार-पांच दिन एनएबी की हिरासत में रह सकते है Imran Khan</h3>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan के चार से पांच दिनों तक राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की हिरासत में रहने की संभावना है। खान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। डॉन समाचार पत्र ने एनएबी के एक सूत्र के हवाले से बताया कि खान को आज (बुधवार) जवाबदेही अदालत में पेश किया जाएगा। सूत्र ने कहा, ‘हम उन्हें कम से कम चार से पांच दिनों तक हिरासत में रखने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं पाक पूर्व इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान सुलग उठा है। पाकिस्तान में हिंसा की खबरें सामने आ रही है। इमरान खान के समर्थक आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;">क्या है मामला</h3>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश, 1999 में नए संशोधनों के तहत, किसी भी अदालत द्वारा दी गई भौतिक हिरासत की अवधि 90 दिन से घटाकर 14 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘हम अदालत से 14 दिनों की अधिकतम अवधि का भौतिक रिमांड मांगेंगे, उन्होंने कहा कि अदालत से कम से कम चार से पांच दिनों की रिमांड देने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाली इस संस्था ने रेंजर्स के माध्यम से पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (पीटीआई) अध्यक्ष की गिरफ्तारी को न्यायाचित ठहराया। पीटीआई प्रमुख की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर, सूत्र ने कहा कि खान को एनएबी के रावलपिंडी/इस्लामाबाद क्षेत्रीय मुख्यालय में ‘आरामदायक माहौल’ में हिरासत में लिया गया था। खान के साथ ‘कठोर व्यवहार’ नहीं किया जाएगा, बल्कि उनसे केवल मामले में उनकी कथित संलिप्तता और मौद्रिक लाभ मांगने के बारे में पूछताछ की जाएगी। एक आधिकारिक बयान में एनएबी ने खान के खिलाफ मामले के बारे में विवरण भी दिया है।</p>
<p><a href="http://10.0.0.122:1245/pakistan-imran-khan-arrest-news-update/">इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद सुलग रहा पाकिस्तान, गवर्नर हाउस-सेना दफ्तर पर कब्जा, आगजनी</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
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                <link>https://www.sachkahoon.com/national/ban-on-social-media-in-pak/article-47426</link>
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                <pubDate>Wed, 10 May 2023 12:03:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sach Kahoon Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अफगानिस्तान सीमा पर बाड़ दिसंबर 2019 तक : पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने पाकिस्तान सेना के हवाले से यह जानकारी दी | Afghanistan Border कराची (एजेंसी)। पाकिस्तान की सेना ()ने कहा है कि अफगानिस्तान की सीमा (Afghanistan Border)पर बाड़ लगाने का काम दिसंबर 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने रविवार को पाकिस्तान सेना के हवाले से यह जानकारी […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/international/fencing-afghanistan-border-till-december-2019-pakistan/article-6995"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-12/afghanistan-border.jpg" alt=""></a><br /><h2>समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने पाकिस्तान सेना के हवाले से यह जानकारी दी | Afghanistan Border</h2>
<p><strong>कराची (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तान की सेना ()ने कहा है कि अफगानिस्तान की सीमा (<strong>Afghanistan Border</strong>)पर बाड़ लगाने का काम दिसंबर 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। पाकिस्तान के समाचार पत्र ‘द डॉन’ ने रविवार को पाकिस्तान सेना के हवाले से यह जानकारी दी। पाकिस्तान का मानना है कि अफगानिस्तान की सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा होने पर सीमा पार अफगानिस्तान से होने वाली आतंकवादियों की गतिविधियों पर रोक लगायी जा सकेगी।</p>
<p>इससे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और ब्लूचिस्तान के कबायली इलाकों में सीमा पार आतंकवाद को रोकने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान सेना की अंतर सेवा जन संपर्क (आईएसपीआर) शाखा के महानिदेशक ने बाड़ परियोजना के विवरण को जारी करते हुए ट्वीट किया, ‘पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा पर बाड़ लगाने का काम जारी है।</p>
<p>इसकी लंबाई 2611 किलोमीटर है। इस काम को दिसंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शांतिप्रिय लोग लाभांवित होंगे और आतंकवादियों को रोकने में मदद मिलेगी। मई में पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा ने ब्लूचिस्तान के पंचपई में अफगानिस्तान की सीमा पर बाड़ लगाने के कार्य का उद्घाटन किया था।</p>
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                <pubDate>Sun, 16 Dec 2018 16:22:18 +0530</pubDate>
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                <title>पाकिस्तानी सेना ने संघर्ष विराम का किया उल्लंघन</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू (एजेंसी)। पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army)ने एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए रविवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गोलीबारी की। आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे रविवार को सुबह पुंछ जिले के दिग्वार सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.sachkahoon.com/national/pakistan-army-violates-ceasefire/article-6252"><img src="https://www.sachkahoon.com/media/400/2018-10/pakistan-army.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जम्मू (एजेंसी)।</strong> पाकिस्तानी सेना (<strong>Pakistan Army</strong>)ने एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए रविवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गोलीबारी की। आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे रविवार को सुबह पुंछ जिले के दिग्वार सेक्टर में भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलीबारी में जानमाल की क्षति की फिलहाल कोई सूचना नहीं है। इससे पहले, 11 अक्टूबर को इस जिले में नियंत्रण रेखा पर हुई गोलीबारी में एक जवान घायल हो गया था।</p>
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                <pubDate>Sun, 14 Oct 2018 16:23:37 +0530</pubDate>
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