पंजाब में चन्नी सरकार का विस्तार : 7 नये चेहरे शामिल, 8 की पुन: वापसी

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  • ब्रहम महिंदरा, मनप्रीत बादल , तृप्त राजिंदर बाजवा मंत्रि पद की शपथ ली
  • श्रीमती अरूणा चौधरी ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • सुखविंदर सिंह सरकारिया ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • रजिया सुल्ताना ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • विजय इंद्र सिंगला ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • भरत भूषण आशु ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ
  • रणदीप सिंह नाभा ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • राजकुमार वेरका ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • परगट सिंह ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • संगत सिंह गिलजियां, ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली
  • गुरकीरत कोटली ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली

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राणा गुरजीत के नाम को लेकर बढ़ा विवाद

चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुये आज इसमें 15 नये मंत्री शामिल किये। यहां राजभवन में आयोजित शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित 15 नये मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। शपथ ग्रहण करने वाले सभी 15 मंत्री कैबिनेट स्तर के हैं। कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले श्री मनप्रीत सिंह बादल, ब्रह्म मोहिंदरा, अरूणा चौधरी, तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, रजिया सुल्ताना, विजेंद्र सिंह सिंगला, भरत भूषण आशु पिछली कैप्टन सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। इनमे अलावा सात नये चेहरों में राणा गुरजीत सिंह, रणदीप सिंह नाभा, राज कुमार वेरका, संगत सिंह गिल्जियां, परगट सिंह, अमरिंदर सिंह राजा बडिंग और गुरकीरत सिंह कोटली ने कैबिनेट मंत्री के रूप में ग्रहण की।

इन नये मंत्रियाें के शामिल होने से मंत्रिमंडल की संख्या 18 हो गई है। इससे पूर्व गत 20 सितम्बर(सोमवार) को श्री चन्नी ने मुख्यमंत्री और श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और श्री ओम प्रकाश सोनी ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम संख्या 18 तक ही हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार चन्नी मंत्रिमंडल में 6 विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार मंत्री बनने जा रहे हैं। मंत्रियों की सूची फाइनल कर दी गई है। अंतिम सूची में जिन नामों पर सहमति बनी है, उनमें 8 कैप्टन सरकार में मंत्री थे। हालांकि कैप्टन के करीबी 6 मंत्रियों को मायूसी झेलनी पड़ी है।

राणा गुरजीत पर विवाद

चन्नी कैबिनेट में सबसे चौंकाने वाला नाम कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत का है। राणा 2017 में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में शामिल थे। रेत खनन में भूमिका के आरोप में उन्हें 10 माह बाद इस्तीफा देना पड़ा था। अब अकाली और आम आदमी पार्टी सहित विपक्ष इसको लेकर सवाल उठा रहा है कि जिस मंत्री को रेत खनन में घोटाले के आरोप में इस्तीफा देना पड़ा था, उसे मंत्रिमंडल में क्यों शामिल किया जा रहा है।

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