अमेरिका में बेलगाम हिंसा

Violence in America

(Violence in America) अमेरिका की परडयू यूनिवर्सिटी में जो पीएचडी कर रहे एक भारतीय छात्र का शव बरामद होना चिंताजनक घटना है। पिछले एक माह में भारतीय छात्रों के खिलाफ हिंसा की यह छठी घटना है। इसी तरह शिकागो में एक भारतीय छात्र से मारपीट की गई। दरअसल, चिंता इस बात की है कि इन घटनाओं को लेकर अमेरिकी प्रशासन गंभीर नहीं नजर आ रहा। अमेरिका में पिछले दो दशकों से नस्लीय हिंसा की घटनाएं घटित हो रही हैं। यदि कोई घटना नस्लीय नफरत पर आधारित नहीं तब भी नस्लीय भेदभाव का मुद्दा अप्रत्यक्ष रूप में किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ है। दरअसल, भारतीय छात्र या प्रवासी भारतीय अमेरिका में अच्छी-खासी प्रगति कर रहे हैं।

अमेरिका का एक वर्ग प्रवासियों की उपस्थिति को पचा नहीं पा रहा है, जिसके कारण हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा हथियारों पर सख्ती न होने के कारण भी अमेरिका में हिंसक प्रवृत्ति अधिक है। भारत सरकार को यह मुद्दा अमेरिकी प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाना होगा। साथ ही अमेरिकी प्रशासन को नस्लीय हिंसा के विरुद्ध विशेष अभियान शुरु करना चाहिए। दरअसल, पूरी दुनिया का एक बड़ा हिस्सा प्रवासी है। किसी वक्त अमेरिकी लोग खुद भी प्रवासी के रूप में अमेरिका की धरती पर पहुंचे थे। पृथ्वी पर हम सबका सर्वसांझा अधिकार है और समानता की भावना ही अमेरिकी विचारधारा का मूल सिद्धांत है। अमेरिकियों को दूसरे देशों के लोगों के साथ मिलकर रहने को वास्तविकता मानना ​​चाहिए। सह अस्तित्व ही विश्व प्रगति का आधार बिंदु है।

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