5500 से अधिक परीक्षार्थियों ने ली भागीदारी
‘Ullas’ Literacy Examination: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। पढ़ने-लिखने की ललक उम्र की मोहताज नहीं होती। इसका उदाहरण रविवार को जिले में आयोजित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की परीक्षा में देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिला और पुरुष परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर साक्षर बनने की दिशा में कदम बढ़ाते नजर आए। नाथूसरी चौपटा ब्लॉक के गांव अली मोहम्मद की 96 वर्षीय हरदोई पत्नी चोखाराम भी परीक्षा देने पहुंचीं, जिनका उत्साह अन्य परीक्षार्थियों के लिए प्रेरणा बना। फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी असेसमेंट टेस्ट जिले के 140 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया गया। परीक्षार्थियों को अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय केंद्र पर पहुंचकर तीन घंटे में परीक्षा देने की व्यवस्था दी गई थी। समाचार लिखे जाने तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में 5500 से अधिक लोगों ने परीक्षा दी, जिनमें से 5436 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। Sirsa News
परीक्षा के दौरान खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पी.डी. बेनीवाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार सहित अन्य शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला उल्लास नोडल कोआॅर्डिनेटर डॉ. पी.डी. बेनीवाल ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम समाज के सामूहिक प्रयास से सफल हो रहा है। जिले में बड़ी संख्या में शिक्षित लोग वॉलंटियर टीचर बनकर निरक्षर वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखा रहे हैं, जिससे उन्हें साक्षर बनने का अवसर मिल रहा है। जिला उल्लास नोडल कोआॅर्डिनेटर डॉ. पीडी बेनीवाल ने बताया कि जिलेभर में उल्लास कार्यक्रम के तहत फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी असेसमेंट टेस्ट का आयोजन किया गया। जिसमें बुजुर्ग महिला और पुरुष परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और साक्षर बनने की दिशा में कदम बढ़ाए। Sirsa News















