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    Home आध्यात्मिक अनमोल वचन

    अनमोल वचन

    Anmol Vachan | Saint Dr. MSG | Dera Sacha Sauda | Precious Words | sachkahoon | spiritual | पूज्य गुरु जी के अनमोल वचन ||

    Saint Dr. MSG Instagram

    Saint Dr. MSG on Instagram : आपका वो है जो सारी दुनिया का मालिक है : पूज्य गुरु जी

    बुरे समय से नहीं घबराइये , अच्छा समय भी आपके इंतजार में बरनावा (सोनू)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने वीरवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो के माध्यम से आमजन व युवा पीढ़ी को संदेश दिया। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि समय कभी एक जैसा नहीं ...
    Anmol Vachan

    मालिक से मालिक को मांगते रहें

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि गुरुमंत्र, नाम, कलमा, मैथड आॅफ मेडीटेशन एक ही रास्ते के अलग-अलग नाम हैं। जो इंसान इस रास्ते पे चलता है, गुरुमंत्र का जाप करता है, यकीनन भयानक से भयानक कर्म उसके पल में कट जाया...
    meditation of God sachkahoon

    प्रभु के सुमिरन से मिलती है, बुराइयों पर जीत

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि संत, पीर-फकीर एक ही संदेश देते हैं कि प्रभु, परमात्मा की भक्ति-इबादत करो। हर समय एक ही चर्चा फकीर करते हैं कि अच्छे-नेक कर्म करो, सुमिरन करो। सुमिरन करने से इन्सान अपने अंदर की बुर...
    Gods Word, Soul, Gurmeet Ram Rahim, Saint Dr MSG, Dera Sacha Sauda

    मन को सेवा व अच्छे विचारों से साफ करो

    सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इस कलियुग में जीव दिन-रात काम, वासना, क्रोध, मोह, लोभ, मन-माया में इस कदर फंस कर रह गया है कि उसे परमात्मा का नाम लेना फिजूल की बात लगती है। वह दिन-रात अपने मन के हिसाब से चलना चाह...
    Anmol Vachan

    सुमिरन को अपनी आदत बना लो: पूज्य गुरु जी

    सरसा (सकब)। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को जैसी आदत पड़ जाती है तो उसे छोड़ना बहुत बड़ी बात होती है। मन जैसी भी बात एक बार पकड़ लेता है तो इन्सान को उन्हीं ख्यालों में सारी उम्र लगाकर रखता है। परन्तु अपनी आ...

    किसी के कहने में ना आओ, सतगुरु पर रखो दृढ़ विश्वास: पूज्य गुरू जी

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि अगर आप मालिक की तमाम खुशियां चाहते हैं, मालिक के नजारे लूटना चाहते हैं तो यह बहुत जरूरी है कि लगातार सुमिरन करते रहें, वचनों पर पक्के रहें। यकीनन मालिक की दया मेहर रहमत के काबिल बन...
    anmol vachan

    आत्म-विश्वास बढ़ाने का एकमात्र उपाय सुमिरन

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान इस संसार में किसी और वजह से नहीं, बल्कि अपने कर्मों की वजह से दुखी, परेशान है। खुद के पाप-कर्म, खुद की बुराइयां बढ़ती जाती हैं तो इन्सान के दु:ख-परेशानियों में बढ़ोतरी हो...
    The love of Satguru is true in both the worlds

    दोनों जहानों में सतगुरु की प्रीत ही सच्ची है

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जब तक इन्सान मुर्शिदे-कामिल की शरण में नहीं आता, उसे यह मालूम नहीं होता कि सच्ची प्रीत किसकी है। इन्सान बहुत से यार, दोस्त, मित्र बनाता है, रिश्ते-नाते जोड़ता है लेकिन जब कोई म...
    Anmol Vachan

    हमेशा अच्छे लोगों का संग करें

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जो जीव सत्संग में चलकर आता है, उसके जन्मों-जन्मों के पार्प-कर्म खत्म हो जाया करते हैं। सच वो अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, रब्ब है और संग उसका मालिक की भक्ति-इबादत करके उस सच क...
    anmol vachan

    जन्मों-जन्मों के पापकर्मों को काटता है राम का नाम

    सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान अपने किये कर्मों का फल जरूर भोगता है। कई बार इन्सान सोचता है कि मैंने ऐसा कौन-सा कर्म किया है, जिसकी वजह से मैं दु:खी हूं! लोग मिलते हैं कि मैंने इस जीवन में कोई बुरा कर्म न...
    Guru Ji

    मन को सेवा-सुमिरन में लगाकर रखो

    सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम  रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को मालिक का प्यार बड़े नसीबों से मिलता है। इन्सान को जब संत, पीर-फकीर की सोहबत नसीब हो जाए तो वचनों पर अमल करना चाहिए। अमल के बिना इल्म (ज्ञान) किसी काम का नहीं होता। इल्म ज...
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    अनमोल वचन : सुमिरन से ही विचारों पर नियंत्रण संभव

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि दुनिया में राम-नाम ही ऐसा है, जो इन्सान के सारे दु:ख-दर्द, चिंता, परेशानियों को दूर करता है। राम-नाम लेने के लिए कोई काम-धन्धा, घर-परिवार, धर्म नहीं छोड़ना और न ही कोई रुपया-पैसा लग...
    Saint Dr. MSG

    अनमोल वचन : शुद्ध भावना से करें परमात्मा को याद

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का रहमो-कर्म हर उस जीव पर बरसता है, जिनके अंत:करण में मालिक के प्रति प्यार और जुबां पर सबका भला होता है, मालिक उन्हें अंदर-बाहर से खुशियों से नवाजते रहते हैं। जो लोग दोगली नी...
    Saint Dr. MSG

    सेवा-सुमिरन से मिलती हैं तमाम बरकतें

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का प्यार, उसकी मुहब्बत एक ऐसी लगन है जिसको ये लगन लग जाती है उसके जन्मो-जन्मों के पाप-कर्म कैसे कट जाते है, उसे खुद मालूम नहीं होता। अल्लाह, वाहेगुरू से जो सच्चा प्यार, मुहब्...
    anmol vachan

    राम-नाम का धन दोनों जहान में होता है मददगार

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मनुष्य का असली काम ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु, राम का नाम जपना है, बाकी जितने भी कार्य दुनिया में रहता हुआ यह इन्सान करता है, सबके सब जिस्म (शरीर) से संबंधित हैं। जब शरीर ही साथ नहीं ...
    Anmol Vachan

    मन से लड़ना ही सच्ची भक्ति

    मन की न सुनो। यह सेवा नहीं करने देता और मालिक की दयालुता को कमजोरी समझता है। उसकी प्यार-मोहब्बत को मान-बड़ाई और मक्खनबाजी समझता है। ऐसे लोग सुमिरन करेंगे तो मन काबू आएगा, वरना यह जीवन को नरक बना देता है।
    guruji

    अपने कर्तव्यों को सही निर्वाह करो

    सरसा। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने साध- संगत को रूहानी वचनों से निहाल करते हुए फरमाया कि इसांन इस दुनिया में मालिक का नाम लेने के लिए आया। इसका मतलब ये नहीं कि उसका कोई कर्तव्य नहीं। इस संसार में आकर इन्सान को अलग-अलग रिश्तों ...
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    नेकी-भलाई के रास्ते पर दृढ़ता से चलें

    सरसा (सकब)। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान इन्सानियत पर जब तक चलता नहीं, तो इन्सान को जो परमपिता परमात्मा ने वचन किये हैं, तोहफे बख्शे हैं वो नहीं मिलते। इन्सानियत का तकाजा कि आप रहम करें, दया करें, किसी क...
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    दूसरों को बुरा कहना बड़ा आसान, कभी अपने गिरेबां में भी तो देखो: पूज्य गुरू जी

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक को पाने के लिए इन्सान को अपने अंदर आत्मविश्वास जगाना चाहिए। जैसे-जैसे आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता जाएगा, भगवान मिलेगा। यह आत्मबल रुपए-पैसे, कपड़े-लत्ते से, किसी भी और तरीके से ...
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    जन्म-मरण के चक्कर से आज़ादी के लिए सुमिरन करो

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम सुखदायी है और हमेशा साथ देने वाला है। इसलिए अगर आप सुमिरन करते हैं तो आपके अंत:करण की मैल धुल जाती है और आप मालिक की दया-दृष्टि के काबिल बनते चले जाते हैं। पूज्य गुरु ...
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    सब परेशानियों से मुक्ति का आधार है राम-नाम

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि जीव पर मालिक की रहमत होती है तो जीव सत्संग में चलकर आता है। उस पर परमपिता परमात्मा का रहमो-करम बरसता है। जो जीव सुनकर अमल करता है, वो जीव पूरा फायदा उठा लेता है। पूज्य गुरु जी...
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    बुराइयों से रोकते हैं धर्म : पूज्य गुरु जी

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को अपनी हैसियत को हमेशा याद रखना चाहिए। किसी जीव को मारना, तड़पाना राक्षसों का काम है मनुष्य का नहीं। झूठ न बोलना, ठगी, बेइमानी न करना, भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी न करना और ...

    इंसान को भगवान से दूर करती हैं बुरी आदतें

    सरसा। पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान को जैसी आदत पड़ जाती है तो उसे छोड़ना बहुत बड़ी बात होती है। मन जैसी भी बात एक बार पकड़ लेता है तो इन्सान को उन्हीं ख्यालों में सारी उम्र लगाकर रखता है। परन्तु अपनी आदतों क...
    Anmol Vachan, True Saint

    सुमिरन से कटते हैं संचित कर्म

    सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान सच्चे दिल से सुमिरन, भक्ति-इबादत करे तो उसके जन्मों-जन्मों के संचित पाप-कर्म कट जाया करते हैं। संचित कर्मों का दायरा बड़ा जबरदस्त है। चौरासी लाख शरीरों को भोगते-भोगते आखिर मे...
    Precious words Devotion of God can purify inner conscious

    अनमोल वचन: ईश्वर की भक्ति-इबादत से साफ होता है अंत:करण

    सरसा । पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि मालिक का नाम इस जलते-बलते भट्ठ, इस कलियुग में आत्मा के लिए मृतसंजीवनी है। मर रही इन्सानियत, तड़प रही इन्सानियत को अगर कोई जिंदा रख सकता है तो वो है ओम, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु का नाम...