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    पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए साध संगत ने बांटे 200 सकोरे

    Earthen Pots sachkahoon

    संगरिया (सच कहूँ न्यूज)। गर्मी के मौसम में हर व्यक्ति की प्यास बढ़ जाती है। लोगों को हर थोड़ी देर में अपना गला तर करना पड़ता है। चूकि आमजन तो आसानी से अपनी प्यास बुझा लेते हैं। लेकिन उन बेजुबान पक्षियों के सामने गर्मी के दिनों में विकट समस्या खड़ी हो जाती है। जो नदी, तालाब आदि जलाश्यों के माध्यम से अपनी प्यास बुझाते हैं। लेकिन गर्मी में वहां भी पानी नहीं मिल पाता है। या यूं कहे की गर्मी के दौरान पक्षियों (Earthen Pots) को आसानी से पानी मिल जाए इसलिए सकोरो के माध्यम से उनकी प्यास बुझाई जा सकती है।

    इसी के चलते पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पाकर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग इकाई संगरिया के सेवादार आगे आए। उन्होंने बेजुबान पक्षियों के लिए न सिर्फ सकोरे वितरित किए, बल्कि आमजन को अपने अपने घरों में सकोरे लगाने के लिए प्रेरित करते हुए स्वयं भी सकोरो के माध्यम से पक्षियों की प्यास बुझाने का संकल्प लिया।

    Earthen Pots sachkahoonस्थानीय नाम चर्चा घर में आज नाम चर्चा के दौरान इस भीषण गर्मी को देखते हुए बेजुबान पक्षियों (Earthen Pots) की जीवन रक्षा के लिए शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों द्वारा संगत को लगभग 200 सकोरे वितरित किए गए इस अवसर पर ब्लाक भंगीदास कृष्ण सोनी इन्सां ने कहा कि मनुष्य तो मांग कर या स्वयं लेकर भी पानी पी सकता है। लेकिन मूक प्राणी पशु बोल नहीं पाते हैं।

    इसलिए मनुष्य उनकी जल सेवा अपने-अपने घरों की छतों पर सकोरे बांध कर भी कर सकते हैं। गर्मी के दौरान इन सकोरों में नियमित पानी भर कर व्यक्ति पक्षियों की प्यास आसानी से बुझा सकते हैं। इस पुनीत कार्य में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां, पवन सिंगला इन्सां, निंदी सोनी इन्सां, सुरेंद्र गर्ग इन्सां समीर इन्सां नरेंद्र इन्सां,मंदर इन्सां, विनोद हांडा इन्सां, सुरजीत खोसा इन्सां आदि ने सहयोग किया।

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