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    ऊर्जा संरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित

    Lok Sabha-Rajya Sabha adjourned sine die, 114 percent work done
    Lok Sabha लोकसभा में भारी हंगामे के बीच तीन विधेयक ध्वनिमत से पारित

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। लोकसभा ने बिजली वितरण क्षेत्र में बदलाव करने, नियामक तंत्र को मजबूत बनाने एवं बिजली व्यवस्था को सुसंगत बनाने तथा स्वच्छ पर्यावरण के लिए वैश्विक दायित्वों को पूरा करने वाले ‘ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक 2022’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए इसे भविष्य का विधेयक बताया और कहा कि इसमें विधेयक से आम लोगों के साथ ही किसानों के हितों के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। उनका कहना था कि इस विधेयक में वितरण को लेकर जो आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं वह निराधार है और इसमें वितरण से संबंधित सभी पुराने प्रावधान यथावत बने रहेंगे। उन्होंने इस विधेयक को भविष्य का विधेयक बताया और कहा कि विधेयक को राज्यों से विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। सब्सिडी खत्म होने की सदस्यों की आशंका का कोई मतलब नहीं है क्योंकि विधेयक के पारित होने के बाद भी इसमें यह व्यवस्था बनी रहेगी। केंद्रीय मंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियामें के अनुरूप ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रही है। उनका कहना था कि सरकार एक लाख 75 मेटावाट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रही है और संयुक्त राष्ट्र का ग्लोबल वार्मिंग को लेकर ऊर्जा क्षेत्र में कदम उठाने के दुनिया के देशों से जो आग्रह है भारत उसी दिशा में काम कर रहा है। सिंह ने कहा कि सुरक्षित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व करना है और यह विधेयक उस दिशा में भी बढाया गया एक और कदम है।

    राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    राज्यसभा की कार्यवाही मानसून सत्र की निर्धारित अवधि से चार दिन पहले सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन में केन्द्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 के पारित होते ही सभापति एम वेंकैया नायडू ने कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ था और यह 12 अगस्त को समाप्त होना था लेकिन चार दिन पहले ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र के दौरान ही राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति का चुनाव भी संपन्न कराया गया।
    मानसून सत्र के दौरान उच्च सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच महंगाई तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने को लेकर उत्पन्न गतिरोध के कारण दो सप्ताह से भी अधिक समय तक सुचारू ढंग से कामकाज नहीं हो सका। अंतत सरकार को महंगाई पर चर्चा करानी पड़ी। इसके अलावा कोविड के कारण उत्पन्न प्रभावों पर भी सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करायी गयी। सदन में इस बार एक ओर अप्रत्याशित बात हुई जिसमें हंगामा करने के लिए विपक्ष के 23 सदस्यों को सदन से निश्चित अवधि के लिए निलंबित किया गया। संभवत यह पहला मौका है जब एक ही सत्र में इतने सदस्यों को निलंबित किया गया था। इससे पहले सुबह नायडू का सभापति के रूप में कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनके सम्मान में सदन में सदस्यों ने विदायी भाषण दिये। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी नायडू को विदायी देते हुए कहा कि राज्यसभा उनकी विरासत को आगे बढ़ायेगी। नायडू का कार्यकाल बुधवार को समाप्त हो रहा है।

    लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

    लोकसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही का आज निर्धारित समय से चार दिन पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में ऊर्जा संरक्षण विधेयक एवं विद्युत संरक्षण विधेयक पारित होने के बाद करीब 5.37 बजे 17वीं लोकसभा के नौवें सत्र की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस सत्र में सदन की उत्पादकता 48 प्रतिशत रही जो 17वीं लोकसभा के नौ सत्रों में सबसे कम है। बिरला ने अपने संबोधन में 18 जुलाई को चार नये सदस्यों के शपथ ग्रहण करने तथा निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अवकाश ग्रहण करने एवं देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पदारूढ़ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

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