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Saturday, February 7, 2026
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    Water Crisis: बूंद बूंद पानी को तरसेगा सरसा

    Hanumangarh News

    आज से फिर बंद हो जाएंगी नहरें, 20 दिन बाद आएगा पानी

    • पेयजल की किल्लत से लोग, सिंचाई न होने से किसान परेशान

    सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Water Crisis: जिले की सभी नहरें शुक्रवार शाम को बंद हो जाएगी और उसके 20 दिन बाद फिर नहरों में पानी आएगा जिससे जिले में एक बार फिर पेयजल संकट गहराएगा। उल्लेखनीय है कि इस बार नहरों में पानी बहुत कम आया है। इस कारण गांव या शहरों में जलघर ही नहीं भरे हैं। गांव में पेयजल सप्लाई भी आपूर्ति नहीं हो पाई है। अहम बात है कि किसानों के लिए सबसे अधिक परेशानी बनेगी। इस बार नहरों में पानी पहले ही कम आया है।

    दूसरा नहरबंदी का असर भी लंबा रहेगा। ऐसे में कपास फसल की बुवाई कर पाना मुश्किल हो रहा है। अगर नहरों में पानी देरी से आएगा तो फसल की बुवाई नहीं हो पाएगी। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भाखड़ा से आने वाला पानी 2 मई की शाम को ही बंद हो जाएगी। इसके साथ ही सरसा के चारों हेड पर पानी बंद हो जाएगा। इसके बाद नहरों में पानी का प्रवाह नहरों में रातभर तक चलेगा। अगले दिन 3 मई को वह पानी भी खत्म हो जाएगा।

    पेयजल की किल्लत से आमजन की बढ़ी परेशानी | Sirsa News

    इस समय सरसा में न खेतों की सिंचाई हो पाई है तो न ही जलघर भर पाए। 21 मई के बाद ही नहरों में पानी आएगा। ऐसे में पेयजल संकट बनेगा और आमजन को काफी परेशानी उठानी पडगी। नहरों में पानी छोड़े जाने के साथ ही लोगों ने टैंकरों के माध्यम से पानी एकत्र करना शुरू कर दिया, जिससे नहर के किनारे ट्रैक्टर-टैंकरों की लंबी कतारें लग गई।

    इन नहरों व माइनर से होती है जलापूर्ति

    सरसा में रोड़ी ब्रांच, कालूवालां डिस्ट्रीब्यूटर, ममड़ नहर, मिठड़ी डिस्ट्रीब्यूटर, डबवाली डिस्ट्रीब्यूटर, मोजगढ़ माइनर, चौटाला माइनर, केएलसी माइनर के जरिए सिंचाई एवं पेयजल की आपूर्ति होती है। अभी इन नहरों में 1800 क्यूसेक पानी मिल रहा है। जबकि 2800 क्यूसेक मिलना चाहिए। एक हजार क्यूसेक पानी पंजाब से कम हो गया है।

    लोग पानी के टैंकर मंगवाने को मजबूर

    जिले के गांव तीन से चार दिन में पानी सप्लाई होती है। शहर में एक दिन छोड़कर सप्लाई आती है। लोग टैंकर मंगवाकर अपना काम चला रहे हैं। जिसके लिए उन्हें 700 से 800 रूपए प्रति टैंकर कीमत चुकानी पड़ रही है। सबसे अधिक मुश्किल है कि टैंकरों द्वारा स्पलाई किया जा रहा जल भी खारा होता है जिसका प्रयोग पेयजल के लिए करना स्वास्थ्य की दृष्टि के ाघातक हो सकता है। कुछ गांव में जलघर खाली पड़े हैं। वहां ज्यादा दिक्कत है। सरसा में करीब 149 नहरें है, जिनमें से 119 नहर या माइनर में भाखड़ा का पानी आता है। Sirsa News

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