कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के मोयना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सुदामपुर इलाके में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता का शव पांच दिन बाद एक तालाब से बरामद हुआ। मृतक की पहचान 33 वर्षीय सुब्रत अधिकारी के रूप में की गई है। परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित राजनीतिक हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। West Bengal News
मृतक की माता काजल देवी के अनुसार, उनका पुत्र 28 दिसंबर की संध्या पास के क्षेत्र में आयोजित बजरंगबली की पूजा में शामिल होने के लिए घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। कई दिनों तक तलाश के बाद उसका शव क्षेत्र के एक तालाब में मिला। उन्होंने आशंका जताई कि उनके बेटे की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को तालाब में डाला गया है और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शव की स्थिति देखकर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि घटना दुर्घटना नहीं
स्थानीय भाजपा नेता सुजीत बेरा ने बताया कि शव की स्थिति देखकर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि घटना दुर्घटना नहीं है। उनका कहना है कि सुब्रत अधिकारी पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता था और उसकी हत्या कहीं अन्य स्थान पर कर बाद में शव को तालाब में फेंका गया। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक का मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं हो सका है, जिससे संदेह और गहराता है। West Bengal News
भाजपा नेताओं का आरोप है कि पूर्व में भी सुब्रत अधिकारी के साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं और राजनीतिक दबाव के कारण वह लगातार निशाने पर था। आगामी चुनावों को देखते हुए क्षेत्र में भय का वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के जिला स्तर के नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताया है और किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इंकार किया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मोयना थाना पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। West Bengal News















