Haryana: 28 साल बाद हरियाणा का ये कस्बा बनेगा जिला!, उठी आवाज

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Haryana: 28 साल बाद हरियाणा का ये कस्बा बनेगा जिला!, उठी आवाज

Haryana:  जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा हाल ही में हांसी को जिला बनाए जाने की घोषणा के बाद अब नहरों की नगरी टोहाना को भी जिला बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। लगभग 28 वर्षों बाद उठी इस मांग को लेकर क्षेत्र में सामाजिक, किसान संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं व राजनीतिक प्रतिनिधियों की सक्रियता तेज हो गई है। किसान संघर्ष समिति पगड़ी संभाल जट्टा हरियाणा की ब्लॉक इकाई की ओर से जाखल प्रधान लाभ सिंह उदयपुर, सचिव हरविंद्र बेनीपाल सहित अन्य किसानों ने नायब तहसीलदार रसविंदर दुहन के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपकर टोहाना को जिला बनाने की मांग रखी।

वहीं टोहाना व जाखल क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने सोशल मीडिया पर मिशन धर्मनगरी टोहाना बने जिला और जिला कैसे बने टोहाना जैसे नामों से ग्रुप बनाकर जन समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। इन ग्रुपों से सैकड़ों लोग जुड़ चुके हैं और सुझावों व रणनीतियों पर लगातार चर्चा की जा रही है। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने भी टोहाना को जिला बनाए जाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे स्वयं चाहते हैं कि टोहाना जिला बने, हालांकि अंतिम निर्णय गठित समिति द्वारा तय मापदंडों के आधार पर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त नगर परिषद चेयरमैन नरेश बंसल ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टोहाना को जिला बनाए जाने की मांग की है।

इन क्षेत्रों को किया जा सकता है शामिल | Haryana

प्रस्तावित टोहाना जिला में जींद जिले के धमतान साहिब, गढ़ी, नरवाना, दनौदा, हिसार जिले के बिठमड़ा व उकलाना तथा फतेहाबाद जिले के कुलां व जाखल क्षेत्र को शामिल किया जा सकता है। नियमानुसार टोहाना फतेहाबाद, हिसार व जींद जिला मुख्यालयों से 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। टोहाना व्यापारिक दृष्टि से बड़ा केंद्र है। क्षेत्र में कुल 7 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें उत्तर भारत का प्रमुख जाखल जंक्शन भी शामिल है। दिल्ली के लिए सीधी रेल लाइन, बड़ा बस स्टैंड, मिनी सचिवालय, अनेक सरकारी व निजी बैंक, नहरों का जाल तथा प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।

1997 से चली आ रही है मांग

टोहाना के विधायक सरदार परमवीर सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान टोहाना को जिला बनाए जाने की मांग को पुरजोर ढंग से उठाया, जिससे इस मुद्दे को राजनीतिक मजबूती भी मिली है।स्थानीय लोगों का कहना है कि टोहाना को जिला बनाए जाने की मांग वर्ष 1997 से भी पहले की है। उस समय टोहाना को जिला बनाए जाने की संभावनाएं प्रबल थीं, लेकिन राजनीतिक कमजोरी के चलते फतेहाबाद को जिला बना दिया गया। अब जब हांसी जैसे शहर को जिला बनाया जा सकता है, तो टोहाना को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। इस मांग को लेकर पत्रकार नवल सिंह, कर्मवीर दहिया, मानवाधिकार परिषद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. शिव सचदेवा, सतपाल नन्हेड़ी, किसान नेता रमेश डांगरा, भाकियू चढ़ूनी ग्रुप से अवतार सिंह सिंधु, हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ से रणधीर पूनिया, व्यापार मंडल नेताओं राजेंद्र ठकराल व मनु सिंगला सहित अनेक सामाजिक व व्यापारी संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।