Heart Disease: सर्दी के मौसम में ह्दृय रोगों से बचाव के लिए इंडियन मैडिकल एसोसिएशन ने जारी की एडवाईजरी

Heart Disease
Heart Disease सर्दी के मौसम में ह्दृय रोगों से बचाव के लिए इंडियन मैडिकल एसोसिएशन ने जारी की एडवाईजरी

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। Heart Disease: सर्दियों का मौसम जहां अपने साथ खुशनुमा अहसास लाता है, वहीं यह हृदय रोगियों के लिए चुनौतियों भरा भी हो सकता है। ऐसे में इंडियन मैडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सर्दियों में दिल की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस वर्ष के विश्व हृदय दिवस की थीम धडकऩ को न छोड़ें पर जोर देते हुए लोगों को अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने का आह्वान किया।

आईएमए हरियाणा के संरक्ष फिजीशियन डा. करन पूनिया ने बताया कि ठंड के मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त सर्दियों में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कमजोर दिल वाले मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है। Heart Disease

डा. करन पूनिया ने ाव के सुझाव बताते हुए कहा कि अत्यधिक ठंड और कोहरे में सुबह जल्दी सैर पर जाने से बचें। जब धूप निकल आए या तापमान थोड़ा बढ़ जाए, तभी बाहर निकलें। शरीर को गरम रखने के लिए एक मोटे कपड़े की जगह कई पतली परत वाले कपड़े पहनें, इससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकलती। सर्दियों में तले-भुने और अधिक नमक वाले भोजन से बचें, संतुलित आहार लें जिसमें साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां शामिल हों। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग ठंड से बचने के लिए शराब का सहारा लेते हैं, लेकिन यह रक्तचाप बढ़ाकर दिल के दौरे का खतरा पैदा करती है। उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीज नियमित रूप से अपनी जांच कराते रहें और दवाओं में कोई लापरवाही न बरतें।

उन्होंने आगामी विश्व हृदय दिवस की थीम धडकऩ को ना छोड़ें पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह थीम हमें याद दिलाती है कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूकता और सक्रिय देखभाल अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि हृदय रोग से होने वाली 17.9 मिलियन वार्षिक मौतों में से अधिकांश को केवल जीवनशैली में सुधार और समय पर पहचान के जरिए रोका जा सकता है। हमें चेतावनी के संकेतों जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक पसीने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Heart Disease

इसके साथ ही डा. करण पुनिया ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सीने में भारीपन या तीव्र दर्द, सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई, हृदय गति का अचानक बहुत तेज या अनियमित होना, अचानक चक्कर आना या बेहोशी छाना आदि लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोकथाम ही उपचार से बेहतर है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि और तनाव मुक्त जीवन हृदय को लंबी उम्र प्रदान कर सकता है।

यह भी पढ़ें:– Haryana Punjab Weather: बफीर्ली ठंड से कांपा हरियाणा-पंजाब, सरसा का तापमान जानकर आप भी हो जाओगे हैरान