पुलिस निष्क्रियता से नाराज कर्मचारी, पेन डाउन हड़ताल की चेतावनी
Hanumangarh Electricity Employees Protests: हनुमानगढ़। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (Jodhpur Vidyut Vitran Nigam Limited) के इंजीनियरिंग सुपरवाइजर के साथ बंधक बनाकर मारपीट, सरकारी उपकरण छीनने और राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर मामले में आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से विद्युत कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। जंक्शन पुलिस थाना में मामला दर्ज होने के बावजूद सात दिन बीत जाने पर भी गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारियों में भय और असंतोष का माहौल बन गया है। इस घटना के विरोध में विद्युत कर्मचारी सोमवार से पेन डाउन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। Hanumangarh News
कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। गौरतलब है कि 24 जनवरी को विद्युत विभाग के इंजीनियरिंग सुपरवाइजर राजेश कुमार (44) पुत्र आदराम सोनी निवासी हाउसिंग बोर्ड, जंक्शन ने पुलिस थाना में लिखित रिपोर्ट पेश कर बताया कि कार्यालय से प्राप्त लिखित आदेशों की पालना में वह 24 जनवरी को निगम के राजस्व हित में बकाया राशि की वसूली के लिए फील्ड ड्यूटी पर नियुक्त था। वह दोपहर 12.20 बजे बाइपास रोड स्थित गुरुद्वारा अमर शहीद के नाम से संचालित विद्युत उपभोक्ता, जिसकी बकाया राशि 52801 रुपए थी, का विद्युत संबंध निगम नियमों के अनुसार विच्छेद करने के लिए मौके पर पहुंचा।
बाइक भी जबरन अंदर ले गए तथा उसे वहां बंधक बना लिया।
जैसे ही विद्युत संबंध विच्छेद की कार्रवाई प्रारंभ की, तभी परिसर के अंदर से तीन-चार व्यक्ति बाहर आए और अभद्र भाषा में बात करने लगे तथा सरकारी कार्य करने से रोकने का प्रयास किया। जब उसने उन्हें अपना परिचय दिया एवं बताया कि वह निगम के आदेशानुसार शासकीय कार्य कर रहा है, तब भी उक्त व्यक्तियों ने उग्र होकर उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। इसके पश्चात उक्त व्यक्ति उसे जबरदस्ती पकड़कर परिसर के अंदर ले गए। उसकी बाइक भी जबरन अंदर ले गए तथा उसे वहां बंधक बना लिया। रस्सी से दोनों हाथ बांध दिए तथा लाठी-डंडों से निर्ममता पूर्वक मारपीट की। इससे उसे शारीरिक चोटें आईं।
मारपीट के दौरान उससे उपकरण (प्लास) एवं मोबाइल फोन भी छीन लिया। बाद में कनिष्ठ अभियंता एवं सहायक अभियंता की ओर से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन की सहायता ली गई। इसके उपरांत पुलिस की मदद से उसे वहां से सुरक्षित छुड़वाया गया तथा छीना गया सामान भी बरामद कराया गया। यदि समय रहते पुलिस सहायता नहीं मिलती तो उसके साथ कोई भी गंभीर अप्रिय घटना घटित हो सकती थी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तफ्तीश एसआई गुरदेव सिंह के सुपुर्द की। हालांकि, घटना के एक सप्ताह बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से विद्युत कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है। Hanumangarh News















