200 प्रतिभागियों ने 50 शोध पत्र प्रस्तुत किए
सरसा (सच कहूँ न्यूज)। शाह सतनाम जी गर्ल्स कॉलेज, सरसा में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड एनवायरनमेंटल एथिक्स:सिविलाइजेशनल विजडम, इकोलॉजिकल कॉन्शसनेस एंड सस्टेनेबल फ्यूचर्स रहा। यह आयोजन आईक्यूएसी के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सरसा के कुलगुरु प्रो. डॉ. विजय कुमार उपस्थित रहे। Sirsa News
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. विनोद कुमार गर्ग (डीन, पर्यावरण एवं भू-विज्ञान संकाय, केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंजाब) तथा प्रो. वंदना पुनिया (डीन एवं अध्यक्ष, शिक्षा संकाय, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार) और शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान की प्रबंधन समिति से चरणजीत सिंह इन्सां, रिटायर्ड कर्नल नरेंद्र पाल सिंह तूर, हिमानी तूर, रामकिशन बजाज, आर.के. चौहान, डॉ. शशी भूषण आनंद सहित अन्य ने दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रीडिंग डोमेन पुस्तक का विमोचन भी किया गया
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबंधन समिति, विशिष्ट अतिथिगण, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, फैकल्टी सदस्य एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। सहायक प्रवक्ता मैडम रिपना ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया, जबकि डॉ. मोनिका ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान ब्रीडिंग डोमेन पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
अंत में प्राचार्या डॉ. गीता मोंगा, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. रिशु तोमर एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जबकि कुलगुरु द्वारा अन्य अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीडीएलयू से डीन यूथ वेलफेयर डॉ. मंजू नेहरा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्राचार्य एवं गणमान्य व्यक्तियों जिनमें डॉ. भूषण मोंगा, डॉ. दिलावर सिंह, डॉ. रजनी बाला, डॉ. शत्रुजीत सिंह, डॉ. शीला पुनिया, डॉ. नवजोत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन का सफल समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।
भारतीय ज्ञान परंपरा ही पर्यावरण संकट का समाधान: कुलगुरु | Sirsa News
मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. डॉ. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस महाविद्यालय में आकर एक अलग तरह की ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण प्रेरणादायक है और यहां आकर एक विशेष अनुभूति होती है। भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कुलगुरु ने कहा कि पर्यावरणीय संकट का समाधान हमारी संस्कृति के मूल्यों, सह-अस्तित्व, संतुलन और संरक्षण में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को सतत विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित तकनीकी सत्रों में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 50 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में माता हरकीदेवी महिला शिक्षा महाविद्यालय ओढ़ा से प्राचार्य डॉ. कृष्ण कांत, शाह सतनाम जी कॉलेज आॅफ एजुकेशन सरसा की प्रशासिका डॉ. चरणप्रीत कौर, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सरसा से भोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अध्यक्षा डॉ. संजू बाला ढुल ने शोधार्थियों के प्रस्तुतिकरण पर अपने विचार साझा किए। Sirsa News















