अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी पात्र
B.Ed. Admissions Extended: श्रीगंगानगर। शिक्षक बनने का सपना देखने वाले हजारों युवाओं के लिए राहत भरी खबर आई है। बीएड में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली पीटीईटी-2026 परीक्षा की आवेदन तिथि बढ़ा दी गई है, जिससे उन अभ्यर्थियों को भी एक नया अवसर मिल गया है जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे। अब अभ्यर्थी 20 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। PTET-2026
यह फैसला खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उन छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है, जहां जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण कई बार छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पाते। अब उनके पास अपने सपनों को साकार करने का एक और मौका है। इसमें वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विज्ञान,सामाजिक विज्ञान या मानविकी वर्ग में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग,अति पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के नियमानुसार अंकों में छूट मिलेगी। इंजीनियरिंग या प्रौद्योगिकी में विज्ञान व गणित विषय के साथ स्नातक अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते प्रवेश के समय पात्रता पूरी कर लें।
यें सावधानियां बरतना जरूरी | PTET-2026
- ऑनलाइन आवेदन भरते समय नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और श्रेणी संबंधी अपडेट जानकारी दर्ज करें।
- फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित आकार और फॉर्मेट में अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क 500 रुपए ऑनलाइन जमा करने के बाद रसीद सुरक्षित रखें।
- फॉर्म भरने के बाद सभी प्रविष्टियों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें, क्योंकि बाद में संशोधन का सीमित अवसर मिलता है।
महत्त्वपूर्ण तिथियां | PTET-2026
अंतिम तिथि=20 अप्रेल,2026
परीक्षा तिथि= 14 जून,2026(संभावित)
आवेदन शुल्क=500
एक्सपर्ट
“पीटीईटी-2026 के लिए कुल 200 प्रश्नों का पेपर चार भागों में बंटा होगा। जिसे हल करने के लिए 180 मिनट मिलेंगे।अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम की गहन समझ के साथ मानसिक क्षमता, शिक्षण अभिरुचि और सामान्य ज्ञान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र भरते समय सभी विवरण 10वीं की अंकतालिका के अनुसार सावधानीपूर्वक दर्ज करें और अंतिम तिथि का इंतजार न करें। इस परीक्षा की योजनाबद्ध तैयारी, नियमित अभ्यास और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की कुंजी है।”
-भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक,परीक्षा प्रकोष्ठ, श्रीगंगानगर















