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Tuesday, March 24, 2026
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    Elephant: 84 वर्षीय हथनी की बीमारी के चलते मौत

    Chhachhrauli News
    Chhachhrauli News: 84 वर्षीय हथनी की बीमारी के चलते मौत

    छछरौली (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Chhachhrauli News: हरियाणा के यमुनानगर जिले स्थित बन संतूर हाथी पुनर्वास केंद्र में सोमवार सुबह एक 84 वर्षीय हथनी की बीमारी के चलते मौत हो गई। इस घटना से केंद्र के कर्मचारियों और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। वृद्धावस्था और लंबे समय से चल रही स्वास्थ्य समस्याओं को हथनी की मौत का मुख्य कारण बताया जा रहा है। Chhachhrauli News

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, हथनी पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी और उसकी देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। केंद्र के कर्मचारियों द्वारा उसकी नियमित देखभाल की जा रही थी, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण उसकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी। सोमवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही समय में उसने दम तोड़ दिया। Chhachhrauli News

    घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप मंडल अधिकारी डॉ. सतबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ केंद्र के मैनेजर आशीष और कलेसर वन्यजीव निरीक्षक नीलू राम भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा कराया। हथनी की मौत के बाद डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम किया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके। इस टीम में डॉ. राहुल, डॉ. अशोक कांसा और गऊ चलन डॉक्टर शामिल रहे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया केंद्र परिसर में ही पूरी की गई।

    डॉक्टरों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हथनी की मौत का कारण उम्र से जुड़ी बीमारियां प्रतीत हो रही हैं, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कारण स्पष्ट हो पाएगा। उन्होंने बताया कि इतनी अधिक उम्र में हाथियों में कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जिससे उनका शरीर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है।

    पोस्टमार्टम के बाद हथनी के शव को केंद्र के नियमों के अनुसार परिसर में ही दफनाया गया। इस दौरान सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और दिशानिर्देशों का पालन किया गया। केंद्र के कर्मचारियों ने नम आंखों से हथनी को अंतिम विदाई दी। Chhachhrauli News

    गौरतलब है कि बन संतूर हाथी पुनर्वास केंद्र में बीमार, घायल और वृद्ध हाथियों की देखभाल की जाती है। यहां उन्हें सुरक्षित वातावरण और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस हथनी ने भी अपने जीवन का लंबा समय इसी केंद्र में बिताया था।

    हथनी की मौत से केंद्र को एक बड़ी क्षति हुई है। कर्मचारी उसे परिवार के सदस्य की तरह मानते थे और उसकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ते थे। फिलहाल, केंद्र में मौजूद अन्य हाथियों की स्वास्थ्य जांच बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    वन विभाग और संबंधित अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि केंद्र में रह रहे सभी हाथियों की बेहतर देखभाल जारी रहेगी और उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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