हमसे जुड़े

Follow us

21.9 C
Chandigarh
Tuesday, March 24, 2026
More
    Home राज्य दिल्ली/यूपी राज्यसभा का 7...

    राज्यसभा का 73 प्रतिशत, लोकसभा का 53 प्रतिशत समय हुआ बर्बाद

    53 percent of the time Lok Sabha wasted

    राज्यसभा में 30 दिन की अवधि में कुल 18 बैठकें हुईं

    नई दिल्ली (एजेंसी)। विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के हँगामे के कारण संसद (53-percent-of-the-time-lok-sabha-wasted) के गत 11 दिसंबर  को शुरू हुये शीतकालीन सत्र में राज्यसभा का 73 प्रतिशत और लोकसभा का 53 प्रतिशत समय बर्बाद हो गया। संसदीय कार्यमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज दोनों सदनों में हुई कार्यवाही का विवरण देते हुये आज यहाँ संवाददाताओं को बताया कि लोकसभा में 29 दिन की अवधि में कुल 17 बैठकें हुईं और राज्यसभा में 30 दिन की अवधि में कुल 18 बैठकें हुईं। इस दौरान लोकसभा में 46 घंटे से ज्यादा और राज्यसभा में 27 घंटे से ज्यादा काम हुआ। उन्होंने बताया कि निचले सदन की उत्पादकता 47 फीसदी और ऊपरी सदन की 27 फीसदी रही। लोकसभा की कार्यवाही 08 जनवरी को और राज्यसभा की 09 जनवरी को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी।

    तोमर ने बताया कि सत्र की विशेष उपलब्धि यह रही कि समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में 10 प्रतिशत तक आरक्षण का प्रावधान करने वाले संविधान के 124वें संशोधन विधेयक को दोनों सदनों ने पारित कर दिया। उन्होंने विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुये कहा कि देश के करोड़ों लोगों की लंबे समय से ऐसी इच्छा थी। यह सामान्य वर्ग के गरीबों को न्याय दिलाने वाला और उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने वाला साबित होगा। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि दोनों सदनों में अधिकांश सदस्यों ने विधेयक का समर्थन किया।

    लोकसभा से पारित हो चुका है और 14 दिन बाद राज्य सभा से स्वत: पारित माना जायेगा

    मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी अनुदान माँगों से जुड़े विनियोग विधेयक समेत लोकसभा में कुल 12 विधेयक पेश किये गये और 14 विधेयक पारित किये गये। राज्यसभा में पाँच विधेयक पेश किये गये और चार विधेयक पारित किये गये। चार विधेयक दोनों सदनों से पारित से किये गये। इनमें संविधान का 124वाँ संशोधन विधेयक, आॅटिज्म न्यास से संबंधित विधेयक, नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार से जुड़ा संशोधन विधेयक और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।

    इसके अलावा दूसरी अनुदान माँगों के विनियोग विधेयक धन विधेयक होने के कारण लोकसभा से पारित हो चुका है और 14 दिन बाद राज्य सभा से स्वत: पारित माना जायेगा। लोकसभा ने जिन अन्य महत्त्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया उनमें तीन तलाक विधेयक, आधार एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, कंपनी (संशोधन) विधेयक, उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग और अनुप्रयोग) विधेयक और नागरिकता संशोधन विधेयक शामिल हैं।

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।