प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: छछरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत वन्यजीव विहार कलसर में सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए वन रक्षक पर जानलेवा हमला करने और खैर की लकड़ी चोरी करने का गंभीर मामला सामने आया है। उप वन रेंज अधिकारी डारपुर ब्लॉक, वन्यजीव विहार कलसर यमुनानगर की शिकायत पर थाना छछरौली में नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता व वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायत में बताया गया कि उप वन रेंज अधिकारी मोविन खान 3 जनवरी 2026 की रात वन्यजीव विहार क्षेत्र में अपनी टीम के साथ गश्त पर तैनात थे। रात करीब साढ़े नौ बजे मुखबिर खास से सूचना मिली कि गांव रेड़ा, ईश्वरपुर के कुछ शातिर अपराधी जंगल में खैर की लकड़ी चोरी करने के उद्देश्य से प्रवेश करने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम को सतर्क किया गया और वन रक्षकों को अलग-अलग स्थानों पर गश्त व घेराबंदी के लिए तैनात किया गया।
रात करीब साढ़े दस बजे रखवाला रशीद अपनी ड्यूटी पर था, तभी उसे जंगल के भीतर पेड़ काटने की आवाज सुनाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखने पर ताशीम और मत्तलू नामक व्यक्ति अवैध रूप से काटी गई खैर की लकड़ी को कंधों पर उठाकर भागते हुए दिखाई दिए। रशीद ने कर्तव्य का पालन करते हुए उनका पीछा किया, तो आरोपियों ने खैर की लकड़ी अकबर के घर में डाल दी। Pratap Nagar News
आरोप है कि इसके बाद पूर्व नियोजित साजिश के तहत अकबर, ताशीम, मत्तलू और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने एकजुट होकर रशीद पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने रशीद को गली में घसीटते हुए अकबर के घर के अंदर ले जाकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में रशीद को कई स्थानों पर गंभीर चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक इंचार्ज मोविन खान और वन रक्षक संदीप सिंह अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घायल रशीद को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए पहले सिविल अस्पताल प्रताप नगर ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद यमुनानगर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जंगल में खैर के पांच ताजे कटे हुए पेड़ पाए गए, जिनके ठूंठ मौके पर मौजूद थे। कटाई की गई कीमती खैर की लकड़ी को आरोपी अपने घरों में छिपा ले गए या बेच दिया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नामजद आरोपी पूर्व में भी खैर की लकड़ी चोरी के मामलों में संलिप्त रहे हैं और आदतन अपराधी हैं।
वन रक्षक की मेडिकल रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है। मामले में मौके पर वन अपराध रिपोर्ट (FOR No. 009/1354) दर्ज की गई। पुलिस ने शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 303(2), 115(2), 351(2) सहित वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। Pratap Nagar News
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी तथा चोरी की गई खैर की लकड़ी की बरामदगी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
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