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    निराश्रित गोवंश की भरमार, चपेट में आकर कई हो चुके चोटिल

    Hanumangarh News
    निराश्रित गोवंश की भरमार, चपेट में आकर कई हो चुके चोटिल

    नगर परिषद प्रशासन नहीं कर रहा सुनवाई, नाराज वार्डवासियों ने की नारेबाजी

    Destitute Cattle: हनुमानगढ़। जंक्शन के वार्ड नौ के वाशिंदे निराश्रित गोवंश की समस्या से परेशान हैं। दिनभर निराश्रित गोवंश व नंदी का वार्ड की गलियों में जमावड़ा रहता है। नंदी की आपसी जोर-आजमाइश के चलते विशेषकर बच्चों व महिलाओं का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे व महिलाएं इन नंदी की चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। वार्डवासियों की मानें तो नगर परिषद अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बावजूद समस्या जस की तस है। Hanumangarh News

    निराश्रित गोवंश की समस्या से परेशान वार्डवासियों ने शुक्रवार को वार्ड में एकत्रित होकर नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वार्डवासी आकाश ने बताया कि दो साल में पूर्व में कई बार शिकायतें की गईं। शिकायत करने के एक-दो दिन तक तो निराश्रित पशु वार्ड में नजर नहीं आते लेकिन कुछ दिन बाद फिर वही हाल हो जाता है। शिकायत करने पर नगर परिषद अधिकारियों की ओर से कहा जाता है कि आमजन वार्डांे में इन निराश्रित पशुओं को हरा चारा डालते हैं। लेकिन अगर पशु वार्ड में आएंगे तो आमजन उन्हें चारा डालेगा। अगर वार्ड में निराश्रित पशु नहीं होंगे तो किसी प्रकार की शिकायत नहीं होगी।

    शुक्रवार को निराश्रित गोवंश ने एक बच्चे को टक्कर मारकर घायल कर दिया

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    शुक्रवार को निराश्रित गोवंश ने एक बच्चे को टक्कर मारकर घायल कर दिया। इससे पहले एक गर्भवती महिला भी इन निराश्रित गोवंश की चपेट में आ चुकी है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अपने दुधारू पशुओं को दूध निकालने के बाद वार्ड में खुला छोड़ देते हैं। नंदीशाला के पंजीकृत पशु भी वार्ड में घूमते रहते हैं। वैसे तो हनुमानगढ़ शहर मिनी चंडीगढ़ बना हुआ है लेकिन उनका वार्ड 9 पिछड़े गांव से भी बदतर बना हुआ है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से मांग की कि पंजीकृत पशुओं को नंदीशाला में बंद किया जाए।

    साथ ही वार्ड में घूम रहे अन्य निराश्रित गोवंश को भी पकडक़र गोशाला में बंद करने की व्यवस्था की जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेणु ने बताया कि वार्ड की गलियों में निराश्रित पशुओं विशेषकर नंदी का जमावड़ा रहने से छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र लाने व घर छोडक़र आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। आंगनबाड़ी केन्द्र पर राशन प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिलाएं भी आती हैं। उन्हें भी निराश्रित गोवंश के कारण समस्या होती है। कई बार निराश्रित गोवंश आपस में लडऩे लगते हैं। उनकी चपेट में आने से कोई भी बच्चा, पुरुष या महिला चोटिल हो सकती है। स्कूल जाने-आने वाले बच्चे भी इस समस्या से परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि निराश्रित पशुओं को गोशाला में बंद किया जाए। दुधारू पशुओं को अपने घर में बांधकर रखने के लिए पशुपालकों को पाबंद किया जाए। Hanumangarh News

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