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    पंजाब में मनाया गया पावन महापरोपकार माह का भंडारा

    Salabatpura
    सलाबतपुरा। पावन भंडारे के दौरान पूज्य गुरू संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन वचनों (रिकॉर्डिड) को श्रवण करती हुई साध-संगत। छाया: सुशील इन्सां

    सलाबतपुरा में भारी तादाद में उमड़ी साध-संगत, 33 परिवारों को बांटा राशन, सामाजिक बुराईयों के खात्मे के लिए की अरदास | Salabatpura

    सलाबतपुरा (सच कहूँ न्यूज)। डेरा सच्चा सौदा की पंजाब की साध-संगत द्वारा आज एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र शाह सतनाम जी रूहानी धाम राजगढ़ सलाबतपुरा (Salabatpura) में पवित्र महा परोपकार (गुरगद्दीनशीनी) माह का पवित्र भंडारा मनाया गया। भादो की उमस भरी गर्मी के बावजूद श्रद्धालु भारी तादाद में पहुँचे। इस अवसर पर मानवता भलाई कार्यों के तहत 33 जरूरतमंद परिवारों को फूड बैंक से राशन दिया गया।

    गौरतलब है कि 23 सितंबर 1990 को सच्चे रूहानी रहबर परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने मौजूदा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को पावन गुरगद्दी की बख्शिश की थी। इसी उपलक्ष्य में देश-विदेश की डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत इस महीने को महापरोपकार माह के रूप में मनाती है, जिसके तहत आज पंजाब की साध-संगत ने एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र शाह सतनाम जी रूहानी धाम राजगढ़ सलाबतपुरा में पावन भंडारा मनाया। पावन भंडारे के अवसर पर साध-संगत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा गाए गए ‘‘जागो दुनिया दे लोको’’ भजन पर झूम उठी। पंडाल में मौजूद बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी खुशी में नाचते नज़र आए।

    इसके अलावा नशों की गिरफ्त से निकल कर सभ्य जीवन जीने का संदेश देती ‘डेप्थ’ मुहिम की डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। इस अवसर पर बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पूज्य गुरु जी के पावन वचन भी सुनाए गए। इस अवसर पर मानवता भलाई कार्यों के तहत 33 जरूरतमंद परिवारों को राशन भी बांटा गया। इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा के सी. वाईस चेयरमैन जगजीत सिंह इन्सां ने समूह साध-संगत से अपील की कि उन्हें डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों में इसी तरह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहना है। वहीं 85 मैंबर पंजाब परमजीत सिंह इन्सां ने साध-संगत को संबोधित करते कहा कि साध-संगत मानवता भलाई के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले।

    Salabatpura

    उन्होंने कहा कि गुरुओं-पीरों की पवित्र धरती पंजाब में नशों का दरिया बह रहा है। पूज्य गुरु जी द्वारा करोड़ों लोगों का नशा छुड़वाया गया है और अन्य सामाजिक बुराईयों को खत्म करने का भी बीड़ा उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि जब हम अपने सतगुरु के बताए रास्तों पर पूरे दृढ़ विश्वास से आगे बढ़ेंगे तो पंजाब की धरती ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में से नशों का खात्मा हो जाएगा। इस मौके साध-संगत ने अरदास की कि ‘हे मालिक, तूं ऐसी रहमत बख्श कि इस दुनिया से बुराईयां व नफरतें खत्म हो जाएं व प्यार-मोहब्बत की गंगा बहने लगे।’ पावन भंडारे की समाप्ति पर भारी तादाद में पहुँची साध-संगत को कुछ ही मिनटों में प्रशाद व लंगर-भोजन खिलाया गया।

    बच्चों को समय देना जरूरी: पूज्य गुरु जी

    पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी ने फरमाया कि अगर गृहस्थ जीवन को सुखमय तरीके से जीना चाहते हो तो एक-दूसरे का सम्मान करें व घर-परिवार के लिए मिलकर विचार करें। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए तालमेल बैठा कर रखें। बच्चों के बिगड़ने का कारण माता-पिता द्वारा बच्चों को समय नहीं देना है। आप जी ने फरमाया कि बच्चों के बारे में स्कूल-कॉलेज में जाकर पता करें कि वह समय पर स्कूल-कॉलेज आ रहे हैं या नहीं।

    आप जी ने फरमाया कि पति-पत्नी एक-दूसरे का सम्मान करें। अगर पति चाहता है कि पत्नी मेरे माता-पिता का सम्मान करे तो पति भी पत्नी के माता-पिता का सम्मान करे। आप जी ने फरमाया कि बुुजुर्गों को चाहिए कि जब बच्चे कमाने लगें, खेतीबाड़ी करने लगें तो बच्चों को काम करने दें व खुद राम-नाम जपें और समाज सेवा करें। आप जी ने यह भी फरमाया कि जिन्दगी में तजुर्बा उम्र के साथ ही आता है, जो किसी किताब से नहीं आ सकता। घर के बड़े बुुजुर्ग तजुर्बाें का खजाना होते हैं, उनसे शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए।

    आप जी ने फरमाया कि कुछ बच्चों ने हमें बताया कि जब से आप जी ने मोबाईल फोन छोड़कर 2 घंटे परिवार के साथ समय बिताने के पावन वचन फरमाए हैं, तो उस दिन से उनकी जिंदगी में हैरानीजनक बदलाव आए हैं और जिन बातों का हल ढूंढने के लिए उनको बाहर जाना पड़ता था, उनका जवाब उनके माता-पिता व दादा-दादी से बातचीत कर निकलने लगा है। आप जी ने फरमाया कि हमें बुजुर्गों के तर्जुबों का लाभ उठाना चाहिए।

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