हमसे जुड़े

Follow us

17.9 C
Chandigarh
Sunday, February 22, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा जानलेवा ठंड म...

    जानलेवा ठंड में बेसहाराओं की ढाल बन रहे रैन बसेरे

    यात्री, राहगीर, रिक्शा चालक व छत विहीन लोग रोजाना पहुंच रहे

    भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। मनुष्य की मूलभूूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान माना जाता है। इन दिनों कड़ाके की ठंड में यदि किसी के पास छत ना हो तो उन लोगों के लिए भिवानी जिला परिषद् ने रैन बसेरे का इंतजाम किया हुआ है। जहां एक ही समय 40 से 50 राहगीर आश्रय पाकर अपने को ठंड से बचाते हुए रात गुजार सकते है। इन दिनों जब रात का तापमान 4 डिग्री तक पहुंच जाता है, तब हाड़ कंपा देने वाली ठंड जानलेवा साबित हो जाती है।

    यह भी पढ़ें:– आगरा में कैश कंपनी का कर्मचारी 1.37 करोड़ की नगदी लेकर फरार

    इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा सभी जिलों में जिला परिषद, नगर पालिका व नगर निगमों के माध्यम से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई हैं, जहां वे राहगीर लोग जो किसी कारण अपने घर नहीं पहुंच पाएं, वे इस ठिठुरती शीतलहर से बचकर इन रैन बसेरों में आश्रय ले सकते हैं। जहां इन रैन बसेरों में राहगीरों को चारपाई के साथ गर्म रजाई दी जाती है। वहीं ग्रामीण स्तर पर पंचायतों को रैन बसेरे उपलब्ध करवाए जाने के निर्देश प्रशासन द्वारा दिए गए हैं।

    भिवानी नगर परिषद द्वारा स्थापित रेलवे स्टेशन के पास स्थित रैन बसेरा यात्रियों, राहगीरों, रिक्शा चालकों व छत विहीन लोगों के लिए उनकी सर्द रात को बिताने का बेहतर माध्यम साबित हो रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रैन बसेरा स्थापित किए जाने की सूचना भी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाई है, ताकि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व मुख्य मार्गो पर घूमने वाले बेसहारा लोग सर्द रात में इन रैन बसेरों में ठिकाना पाकर कपकपा देने वाली ठंड से बच सकेंं।

    भिवानी नगर परिषद के वाईस चेयरमैन सतेंद्र मोर व पार्षद शिवकुमार गोठवाल ने बताया कि भिवानी नगर परिषद द्वारा स्थापित रैन बसेरा में 40 से 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की हुई है। यह रैन बसेरा रेलवे स्टेशन के नजदीक बनाया गया है, क्योंकि इसी क्षेत्र में अधिकत्तर यात्री, साधु व घर विहीन लोग अपना समय व्यतीत करते है। ऐसे में राहगीरों को कोई परेशानी ना होने, सुविधाजनक बैड, बिस्तर व रजाई उपलब्ध करवाई गई है तथा कोई राहगीर अस्वस्थ होता है तो उसे दवाई भी उन्हे इन रैन बसेरों में उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

    वही रैन बसेरे में आश्रय लिए हुए यात्री जयवीर व ओमवीर सिंह ने बताया कि उन्हे सफर करने के लिए देर रात्रि को उनके गांव का वाहन नहीं मिला, इसीलिए उन्होंने आज रैन बसेरे में आश्रय लिया हुआ है। प्रशासन की तरफ से यहां रजाई, कंबल व चारपाई की बेहतर व्यवस्था की हुई हैं। जिसके कारण वे ठंड लगने से बच गए हैं। इसके लिए उन्होंने स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद भी किया। वही इन लोगों की यह भी डिमांड है कि रैन बसेरों में भोजन की व्यवस्था करवाई जाए, ताकि सोने पर सुहागा होगा।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here