10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना पर भाजपा ने उठाए सवाल, कर्ज में डूबा पंजाब पैसा कहाँ से लाएगा?

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Chandigarh News: प्रैस कॉन्फ्रैंस करते पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया व उनके साथ मौजूद भाजपा के प्रदेश मीडिया सलाहकार विनीत जोशी।

पंजाब सरकार करवाने जा रही सिर्फ 1 लाख का बीमा, बाकी 9 लाख का कॉर्पस करेगी तैयार

चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: पंजाब में 15 जनवरी से शुरू होने जा रही 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना पर भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं और इस पूरी योजना को शुरू होने से पहले ही विफल करार दे दिया है। भाजपा ने इस नई बीमा योजना को पंजाबियों के साथ सबसे बड़ा धोखा बताते हुए पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। Chandigarh News

पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जो सरकार पहले से ही लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी हुई है, वह 10 लाख रुपये की बीमा योजना को कैसे सफल बना पाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी केवल 1 लाख रुपये तक का ही बीमा दे रही है, जबकि बाकी 9 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च सरकार को अपनी जेब से उठाना होगा।

कालिया ने सवाल उठाया कि पंजाब के 3 करोड़ से अधिक लोगों का 10 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा करने के नाम पर यदि 9 लाख रुपये तक का खर्च सरकार को खुद उठाना है, तो पहले यह बताया जाए कि यह पैसा आएगा कहाँ से, जबकि सरकार का खजाना पहले ही खाली चल रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने मुफ्त बिजली के एवज में पावरकॉम को 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है और सरकार के पास कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। ऐसी स्थिति में सरकार 9 लाख रुपये तक का खर्च अपनी जेब से कैसे उठा पाएगी, इस बारे में सरकार खुद कोई स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है। Chandigarh News

कालिया ने कहा कि पंजाब सरकार दावा कर रही है कि वह 1200 करोड़ रुपये का कॉर्पस तैयार करेगी, लेकिन पहले यह स्पष्ट करे कि यह 1200 करोड़ रुपये कहाँ से आएंगे और क्या 3 करोड़ लोगों के लिए 1200 करोड़ रुपये पर्याप्त होंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार 1 लाख रुपये का बीमा करवा सकती थी, तो 10 लाख रुपये तक का पूरा बीमा भी करवा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे साफ होता है कि सरकार की मंशा ही पंजाब के लोगों के साथ धोखा करने की है।

तमिलनाडु मॉडल की की गई है नकल: कालिया

भाजपा नेता मनोरंजन कालिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में तमिलनाडु मॉडल की नकल की गई है। तमिलनाडु में इसी बीमा कंपनी द्वारा 5 लाख रुपये तक का कवर दिया जा रहा है, जबकि बाकी खर्च हाइब्रिड मॉडल के तहत सरकार अपनी जेब से उठाती है। लेकिन वहां यह लाभ केवल 1 लाख 20 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को ही दिया जाता है, जबकि पंजाब में यह लाभ पूरी जनता को देने की बात कही जा रही है। इस कारण पंजाब में इस योजना का खर्च कहीं अधिक होगा।

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