MPSC Exam: पुणे। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों ने भर्ती विज्ञापनों में हुई विलंबित प्रक्रिया को लेकर आयु-सीमा में एक वर्ष की छूट की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। पुणे में बड़ी संख्या में छात्रों ने एकत्र होकर सरकार से शीघ्र राहत देने की अपील की। विशेष रूप से पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) पद के इच्छुक अभ्यर्थियों की मांग है कि आयु-सीमा निर्धारित करने की कट-ऑफ तिथि को 1 जनवरी तक आगे बढ़ाया जाए। MPSC Student Protest
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि पूर्व वर्षों में भर्ती विज्ञापन नियत समय पर जारी होते रहे हैं, किंतु इस बार लगभग छह माह की देरी हुई है। इस विलंब के कारण अनेक अभ्यर्थी आयु-सीमा से बाहर हो गए हैं, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। छात्रों का तर्क है कि जब देरी प्रशासनिक स्तर पर हुई है, तो इसका दुष्प्रभाव अभ्यर्थियों पर डालना न्यायसंगत नहीं है।
यह प्रयास पूरी तरह गैर-राजनीतिक है
आंदोलन में शामिल छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह प्रयास पूरी तरह गैर-राजनीतिक है। उनका कहना है कि इसमें किसी दल या संगठन की भूमिका नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं की साझा चिंता है, जिनकी तैयारी और परिश्रम इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। अभ्यर्थियों की एकमात्र मांग आयु-सीमा में एक वर्ष की छूट प्रदान किए जाने की है, ताकि किसी का अवसर केवल देरी के कारण न छिने। MPSC Student Protest
इस विषय को लेकर छात्रों का एक प्रतिनिधि समूह हाल ही में मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मिला। प्रतिनिधियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि इस प्रकरण में विभिन्न पक्षों के विचारों को संतुलित करना आवश्यक है। छात्रों को आशा है कि सरकार उनकी कठिनाइयों को समझते हुए न्यायोचित निर्णय लेगी।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग भारतीय संविधान के प्रावधानों के अंतर्गत गठित एक संवैधानिक निकाय है, जिसका दायित्व राज्य की लोकसेवाओं के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना है। आयोग का मुख्यालय मुंबई में स्थित है। वर्तमान में आंदोलनरत छात्रों की दृष्टि सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है। उनका कहना है कि समय पर समाधान न होने की स्थिति में अनेक मेहनती युवाओं के सपने अधूरे रह सकते हैं। MPSC Student Protest















