हमसे जुड़े

Follow us

12.4 C
Chandigarh
Saturday, February 7, 2026
More
    Home राज्य हरियाणा हरियाणा में अ...

    हरियाणा में अब हिंदी भाषा में भी मिलेंगे न्यायालयों के आदेश

    एक अप्रैल 2023 से लागू होगी अधिसूचना, जनवरी में मिल चुकी हैं मंजूरी

    कुरुक्षेत्र। (सच कहूँ, देवीलाल बारना) हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों व अधिकरणों में हिंदी भाषा के उपयोग के संबंध में हरियाणा राजभाषा अधिनियम 1969 के संशोधन करने के प्रस्ताव के संबंध में हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा हरियाणा राजभाषा (संशोधन) अधिनियम 2020 (2020 का 13) की धारा 1 की उप-धारा (2) के अधीन प्रयोजनों के उपयोग के लिए जारी अधिसूचना को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अनुमोदित कर दिया है, जो एक अप्रैल 2023 से प्रभावी होगी।

    यह भी पढ़ें:– इस राज्य में मिलेगी शादी के बाद नौकरी, जानिए कब और कैसे

    सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डा. कुलदीप सैनी ने बताया कि सरकार ने जनमानस की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया है। दैनिक जीवन में लोग हिंदी भाषा का अधिकतम उपयोग करते हैं, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हिंदी भाषा को अधिकाधिक प्रचार प्रसार की आवश्यक है। लोकतंत्र में न्याय का उद्देश्य यह है कि वादी को अपनी भाषा में जल्दी न्याय मिलना चाहिए और कार्यवाही के दौरान वह अवाक न रहे।

    इसके लिए हरियाणा मंत्रिमंडल ने भी जनवरी में एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हरियाणा राज्य के आधिकारिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा हिंदी को अपनाने के लिए हरियाणा राजभाषा अधिनियम 1969 को राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किया गया था। हरियाणा राजभाषा अधिनियम 1969 के तहत हिंदी को हरियाणा राज्य की आधिकारिक भाषा बनाया गया। तब से, हिंदी भाषा का उपयोग ज्यादातर प्रशासन की भाषा के रूप में किया जा रहा है।

    धारा 3ए और 3बी जोड़ी गई

    पंजाब राजभाषा अधिनियम 1967 में 1969 के पंजाब अधिनियम संख्या 11 द्वारा संशोधन किया गया था, जिसमें धारा 3ए और 3बी जोड़े गए थे, कि सभी सिविल न्यायालयों और आपराधिक न्यायालयों में पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के अधीनस्थ थे और सभी राजस्व न्यायालय और अधिकरण, में काम पंजाबी में किए जाएंगे। इसी तरह के संशोधन को हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 में भी लाया गया है, जो कि सभी न्यायालयों में उस कार्य को प्रदान करने के लिए, उच्च न्यायालय के अधीनस्थ और राज्य सरकार द्वारा गठित सभी न्यायाधिकरणों द्वारा हिंदी में देवनागरी लिपि में काम किया जाएगा और हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 में धारा 3ए को जोड़ा गया है, जिसके तहत पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालय के अधीनस्थ सभी सिविल अदालतों और आपराधिक न्यायालयों में, सभी राजस्व अदालतें और रेंट ट्रिब्यूनलों या किसी अन्य अदालत या राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायाधिकरण, ऐसी अदालतों और न्यायाधिकरणों में कार्यवाही, कोई भी निर्णय, डिक्री या आदेश पारित, हिंदी में भी होगा।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here