मौड़ मण्डी/बठिण्डा/मैसूर/कर्नाटक (सच कहूँ न्यूज़)। Welfare Work: कहते हैं कि अगर सेवा का जज्बा और अटूट विश्वास हो, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। ऐसा ही कुछ करिश्मा कर दिखाया है मौड़ मण्डी के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने, जो पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा के बदौलत ही संभव हो पाया है। जिन्होंने 15 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े एक मंदबुद्धि व्यक्ति, सतीश को कर्नाटक में उसके घर पहुँचाकर खुशियाँ लौटा दीं।
लावारिस हालत में मिला था सतीश
कुछ समय पहले सतीश नामक यह व्यक्ति मौड़ मण्डी के रेलवे स्टेशन व नई दाना मंडी के पास लावारिस हालत में घूमता पाया गया था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्यों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे प्रेमपूर्वक खाना खिलाया। इसके उपरांत जानकारी पूछने पर उक्त मंदबुद्धि ने अपना नाम और पता लिखकर बताया।

रेस्क्यू और सेवा का सफर | Welfare Work
सेवादारों ने सतीश को तत्काल डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई केंद्र, मौड़ मण्डी पहुँचाया। वहाँ उसको स्नान करवाकर, नाखून काटकर उसे नए और साफ कपड़े पहनाए गए। इसके साथ ही समय पर भोजन और दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं।
लापता होने की सूचना: पुलिस को सूचित किया गया और डेरा सच्चा सौदा हेल्पलाइन सैल के जरिए उसके बताए पते पर संपर्क साधा गया।
60 घंटे का सफर और 3200 किलोमीटर की दूरी
डेरा सच्चा सौदा की हेल्पलाइन सैल के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब परिवार ने सतीश को देखा, तो उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े। परिवार ने बताया कि सतीश 15 साल पहले घर से लापता हो गया था और उन्होंने उसे मृत मान लिया था।
सतीश को उसके घर पहुँचाने के लिए सेवादार पत्रकार राकेश गर्ग इन्सां, मनी शंकर इन्सां और अन्य साथियों ने कुल 60 घंटे का कठिन सफर तय किया। वे उसे पंजाब से 3200 किलोमीटर दूर कर्नाटक के मैसूर जिले के हंसुर शहर लेकर पहुँचे।

फूलों की मालाओं से हुआ स्वागत
जब सतीश अपने गाँव थिप्पलापुरा में पहुँचा तो पूरे गाँव में जश्न का माहौल हो गया। खुशी के इस मौके पर समस्त परिजनों ने सतीश को फूलों की माला पहनाकर उसका स्वागत किया। सतीश की बहन जयलक्ष्मी, जीजा केम्पेगौड़ा, परिवार के अन्य सदस्यों सहित समस्त ग्रामीणों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और डेरा सच्चा सौदा के इन सेवादारों का तहदिल आभार व्यक्त किया। इस उल्लेखनीय सेवा के उपरांत उक्त सेवादार कुल 6400 किलोमीटर का सफ़र तय कर वापिस पंजाब मानवता की विशेष मिसाल लिए पहुंचे।
इन सेवादारों का रहा विशेष सहयोग: इस पुनीत कार्य में मौड़ मण्डी से प्रेमी सेवक सुनील इन्सां, पत्रकार राकेश गर्ग इन्सां, मनी शंकर इन्सां, मास्टर अशोक इन्सां, अवतार इन्सां, माहिया राम इन्सां, अमरीक इन्सां, अरुण इन्सां, नक्षत्र इन्सां, कृष्ण इन्सां और योगेश इन्सां आदि सेवादारों ने दिन-रात सेवा संभाल की। इनके साथ ही कर्नाटक के मांड्या से वीरेंद्र इन्सां, बेंगलुरु से मोहित इन्सां व सच्चे नम्र सेवादार ओमप्रकाश इन्सां, मैसूर से मास्टर टेकचन्द इन्सां और थिप्पलापुरा से प्रसाद टी आर और महेश ने भी इस मानवीय कार्य में सेवा की आहुति डाली। Welfare Work
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