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Saturday, February 7, 2026
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    संगरियां के सेवादारों को सलाम, इलाज के बाद बुजुर्ग को खुद घर छोड़कर आए

    26 मार्च को बीमार हालत में रेलवे स्टेशन पर मिला था बुजुर्ग

    • सेवादारों ने रतनपुरा नामचर्चा घर में नहलाया, नए कपड़े पहनाए व कटिंग-शेव भी की

    संगरिया। (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा) जिन्हें सीने से लगाकर पाल-पोसकर जीने के काबिल बनाया हो, वही जिगर के टुकड़े आपके जीवन के संध्याकाल में आपको अपने दिल से निकाल दें तो इससे बड़ा दर्द कुछ और नहीं हो सकता। जब सुबह-शाम आंसूओं की धार और अपनों का इंजतार ही जीवन का हिस्सा बन जाए और दुनिया के सारे रंग पराए हो जाए तब डेरा सच्चा सौदा के करोड़ों प्रहरी जो पीड़ित मानवता की सेवा में दिन-रात लगे हुए हैं फरिश्ता बनकर पहुंच जाते हैं, सहारा देने के लिए। कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है संगरिया ब्लॉक के सेवादार भाइयों ने।

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    डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई इंसानियत मुहिम के तहत संगरिया ब्लॉक के सेवादारों ने लगभग 78 वर्षीय लाचार और बीमार बुजुर्ग की संभाल और उपचार करवाने के बाद दिल्ली में उसके घर तक छोड़ने गए। जानकारी के अनुसार संगरिया के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों को विगत 26 मार्च 2023 को संगरिया रेलवे स्टेशन पर बैठे एक 78 साल के बीमार व बेसहारा बजुर्ग व्यक्ति की सूचना मिली। सेवादार भाई लालचंद इन्सां ने मौके पर जाकर देखा तो वह व्यक्ति अपने बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ था। शरीर इतना कमजोर था कि उससे उठा भी नहीं जा रहा था। ऐसा लग रहा था कई दिनों से उसने कुछ खाया-पिया नहीं। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी थे।

    ऐसे में सेवादार भाई उसे वहां पर मौजूद समाजसेवियों के सहयोग से संगरिया के सरकारी चिकित्सालय में लेकर गए और वहां भर्ती करवाकर उसका इलाज करवाया। हालत में कुछ सुधार आने के बाद बुजुर्ग व्यक्ति को संगरिया थाना ले जाकर उसकी सूचना दी गई। उसके बाद रतनपुरा नामचर्चा घर में लाकर सेवादारों ने उसे नहलाया। नए कपड़े पहनाए। कटिंग शेव की और खाने-पीने का प्रबंध किया।

    बुजुर्ग व्यक्ति की जेब से मिले आधार कार्ड के अनुसार उसकी पहचान परवेश उप्पल पुत्र मोहनलाल उप्पल निवासी बेस्ट पटेल नगर दिल्ली के रूप में हुई जिसके आधार पर बुजुर्ग व्यक्ति के परिजनों से संपर्क किया गया। उनके बेटे गौतम उप्पल ने बताया कि मेरे पिता परवेश उप्पल काफी समय से हमारे से अलग अपने फ्लैट में रह रहे थे। हमें नहीं पता कि वह संगरिया कैसे पहुंच गए। हम लेने नहीं आ सकते। जब ठीक हो जाएंगे अपने आप आ जाएंगे। मर रही इंसानियत को फिर से जिंदा रखते हुए संगरिया के सेवादारों ने बुजुर्ग व्यक्ति को उसके घर तक छोड़ने का फैसला किया और शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां और महेश गोयल इन्सां बुजुर्ग व्यक्ति को अपने साथ दिल्ली लेकर गए और वहां दिल्ली के सर्व धर्म कल्याण एकता न्याय मंच के अध्यक्ष समाजसेवी विकास चलाना इन्सां के सहयोग से वेस्ट पटेल नगर में रह रहे बुजुर्ग व्यक्ति के भतीजे मनोज उप्पल को सौंप दिया।

    परवेश उप्पल अपने घर पहुंच कर बड़े खुश नजर आ रहे थे और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व सेवादारों का बार-बार शुक्राना कर रहे थे। इस सेवा कार्य में मुख्य रूप से शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, ट्विंकल इन्सां, निंदी इन्सां, विनोद कुमार इन्सां, विनोद हांडा इन्सां, अमराराम इन्सां, जगजीत सिंह इन्सां, पवन इन्सां, बनारसी दास इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक ओम प्रकाश बुडानिया इन्सां, अनिल भार्गव, सुरेन्द्र जग्गा इन्सां आदि का सहयोग रहा।

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