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    6 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से कराए जाएंगे गांव में विकास कार्य मोनिका

    खरखौदा। (सच कहूँ न्यूज/हेमंत कुमार) जिला परिषद के अंतर्गत आवंटित अनुदान राशि 6 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से गांवों में विकास कार्य करवाये जायेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से16 मार्च। जिला परिषद के अंतर्गत आवंटित अनुदान राशि 6 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से गांवों में विकास कार्य करवाये जायेंगे, जिनमें प्रमुख रूप से गलियों, नालों, शमशानघाट के रास्तों और चौपालों की मरम्मत के कार्य शामिल रहेंगे। जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसमें जिला परिषद के सभी वार्डों को सम्मिलित किया गया है। हर वार्ड में प्राप्त अनुदान राशि से कोई न कोई विकास कार्य करवायेंगे, जिसमें संबंधित वार्ड पार्षद की सहमति को प्राथमिकता शामिल रहेगी।

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    जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में गुरूवार को जिला परिषद की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता चेयरपर्सन मोनिका दहिया कर रही थी। बैठक में विशेष रूप से गलियों, नालों, शमशानघाट के रास्तों और चौपालों की मरम्मत के लिए प्राप्त अनुदान राशि से करवाये जाने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की गई। पार्षदों से प्राप्त इन विकास कार्यों की मांग को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। चेयरपर्सन ने कहा कि इसमें जो पार्षद अपनी मांग प्रेषित नहीं कर सके वे दो दिन के भीतर मांग दे सकते हैं जिन्हें अवश्य शामिल किया जाएगा। जिला परिषद के तहत सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाने के प्रयासों को गति दी गई है।

    इस दौरान विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की जनहितकारी नीतियों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला पार्षदों का आह्वïान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें। विशेष रूप से कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिजली व पैंशन संबंधी, रोडवेज बस सेवा संबंधी, पंचायत विभाग, वन विभाग, शिक्षा एवं  स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी गई। इनसे संबंधित शिकायतों व समस्याओं की भी जानकारी मांगी गई ताकि समयबद्घता के साथ समाधान किया जा सके। जिला पार्षदों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें व मांगे मौके पर ही प्रस्तुत की, जिनके निवारण पर गंभीरता से मंथन करते हुए उचित दिशा-निर्देश दिए गए।

    जिला परिषद के सीईओ डा. सुशील मलिक ने इस मौके पर जिला को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए जिला पार्षदों से पूर्ण सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांवों में ठोस तथा तरल कचरा प्रबंधन आवश्यक है, जिसके लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करना होगा। ग्रामीणों का सहयोग भी विशेष रूप से अपेक्षित रहेगा, जिन्हें जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए जिला पार्षद अपने-अपने वार्डों में नियमित रूप से जागरूकता की अलख जगायें। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि गौशालाओं को सरकार सीधे तौर पर अनुदान राशि उपलब्ध करवायेगी, जिसके लिए उनका पंजीकरण जरूरी है। इस बारे भी पार्षदगण गौशाला संचालकों को जागरूक करने का प्रयास करें।

    सीईओ डा. सुशील मलिक ने इस दौरान भावांतर भरपाई योजना सहित किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी देते हुए पार्षदों का आह्वïान किया कि वे किसानों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करेंं। उन्होंने मनरेगा के तहत किये जाने वाले कार्यों की भी जानकारी दी। बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए टोलफ्री हैल्पलाईन नंबर-1912 की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने बैठक में गैर-हाजिर अधिकारियों के प्रति भी कड़ा संज्ञान लिया। इस मौके पर उन्होंने ब्लॉक समितियों के चेयरमैन एवं वाइस-चेयरमैन की अलग से बैठक लेते हुए विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

    बैठक में जिला परिषद की वाइस-चेयरपर्सन कल्पना, पार्षद रेनू, संजय बड़वासनिया, राकेश, कविता, नरेंद्र कुमार, संत, तकदीर नरवाल, सोनू, सतीश गुलिया, देवेंद्र, मंजीत भोला, सुरेश, राजेश, सुरेंद्र मलिक, सुशीला, राजबीर दहिया, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डा. अनिल सहरावत, एक्सईएन कुलबीर फोगाट, डिप्टी सिविल सर्जन डा. स्वराज चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी गीता गहलावत, देवेंद्र लांबा, एईओ रामबीर सरोहा, सुरेंद्र दुगगल आदि अधिकारीगण, पार्षद एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे गलियों, नालों, शमशानघाट के रास्तों और चौपालों की मरम्मत के कार्य शामिल रहेंगे। जिला परिषद की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसमें जिला परिषद के सभी वार्डों को सम्मिलित किया गया है। हर वार्ड में प्राप्त अनुदान राशि से कोई न कोई विकास कार्य करवायेंगे, जिसमें संबंधित वार्ड पार्षद की सहमति को प्राथमिकता शामिल रहेगी।

    जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के सभागार में गुरूवार को जिला परिषद की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता चेयरपर्सन मोनिका दहिया कर रही थी। बैठक में विशेष रूप से गलियों, नालों, शमशानघाट के रास्तों और चौपालों की मरम्मत के लिए प्राप्त अनुदान राशि से करवाये जाने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की गई। पार्षदों से प्राप्त इन विकास कार्यों की मांग को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। चेयरपर्सन ने कहा कि इसमें जो पार्षद अपनी मांग प्रेषित नहीं कर सके वे दो दिन के भीतर मांग दे सकते हैं जिन्हें अवश्य शामिल किया जाएगा। जिला परिषद के तहत सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाने के प्रयासों को गति दी गई है।

    इस दौरान विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की जनहितकारी नीतियों व योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला पार्षदों का आह्वïान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें। विशेष रूप से कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बिजली व पैंशन संबंधी, रोडवेज बस सेवा संबंधी, पंचायत विभाग, वन विभाग, शिक्षा एवं  स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं की जानकारी दी गई। इनसे संबंधित शिकायतों व समस्याओं की भी जानकारी मांगी गई ताकि समयबद्घता के साथ समाधान किया जा सके। जिला पार्षदों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें व मांगे मौके पर ही प्रस्तुत की, जिनके निवारण पर गंभीरता से मंथन करते हुए उचित दिशा-निर्देश दिए गए।

    जिला परिषद के सीईओ डा. सुशील मलिक ने इस मौके पर जिला को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए जिला पार्षदों से पूर्ण सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांवों में ठोस तथा तरल कचरा प्रबंधन आवश्यक है, जिसके लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा करना होगा। ग्रामीणों का सहयोग भी विशेष रूप से अपेक्षित रहेगा, जिन्हें जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए जिला पार्षद अपने-अपने वार्डों में नियमित रूप से जागरूकता की अलख जगायें। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि गौशालाओं को सरकार सीधे तौर पर अनुदान राशि उपलब्ध करवायेगी, जिसके लिए उनका पंजीकरण जरूरी है। इस बारे भी पार्षदगण गौशाला संचालकों को जागरूक करने का प्रयास करें।

    सीईओ डा. सुशील मलिक ने इस दौरान भावांतर भरपाई योजना सहित किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी देते हुए पार्षदों का आह्वïान किया कि वे किसानों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करेंं। उन्होंने मनरेगा के तहत किये जाने वाले कार्यों की भी जानकारी दी। बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए टोलफ्री हैल्पलाईन नंबर-1912 की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने बैठक में गैर-हाजिर अधिकारियों के प्रति भी कड़ा संज्ञान लिया। इस मौके पर उन्होंने ब्लॉक समितियों के चेयरमैन एवं वाइस-चेयरमैन की अलग से बैठक लेते हुए विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

    बैठक में जिला परिषद की वाइस-चेयरपर्सन कल्पना, पार्षद रेनू, संजय बड़वासनिया, राकेश, कविता, नरेंद्र कुमार, संत, तकदीर नरवाल, सोनू, सतीश गुलिया, देवेंद्र, मंजीत भोला, सुरेश, राजेश, सुरेंद्र मलिक, सुशीला, राजबीर दहिया, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डा. अनिल सहरावत, एक्सईएन कुलबीर फोगाट, डिप्टी सिविल सर्जन डा. स्वराज चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी गीता गहलावत, देवेंद्र लांबा, एईओ रामबीर सरोहा, सुरेंद्र दुगगल आदि अधिकारीगण, पार्षद एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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