Volcano Islands Earthquake: जापान के वोल्केनो द्वीप समूह क्षेत्र में सोमवार प्रातः 03:55 जीएमटी पर रिक्टर पैमाने पर 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसकी जानकारी जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने दी। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार भूकंप का केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इससे पूर्व 21 जनवरी 2026 को यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इसी क्षेत्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया था, जिसकी गहराई 25.5 किलोमीटर थी। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने भी उस समय समान तीव्रता की पुष्टि की थी। Earthquake Today
भूकंप का केंद्र साइपन से लगभग 937 किमी उत्तर-पश्चिमोत्तर, टिनियन से 957 किमी उत्तर-पश्चिमोत्तर तथा गुआम (यिगो और डेडेडो) से लगभग 1,090 किमी उत्तर-पश्चिम-उत्तर दिशा में स्थित था। अधिकारियों के अनुसार इस भूकंप से सुनामी का कोई खतरा उत्पन्न नहीं हुआ। वोल्केनो द्वीप इज़ु-बोनिन-मैरियाना आर्क का भाग हैं, जो एक सक्रिय सबडक्शन ज़ोन है।
प्रशांत महासागरीय प्लेट, फिलीपीन सागर प्लेट के नीचे धंसती है
यहाँ प्रशांत महासागरीय प्लेट, फिलीपीन सागर प्लेट के नीचे धंसती है, जिससे मध्यम गहराई वाले भूकंप अक्सर उत्पन्न होते हैं। इस क्षेत्र में 6.0 से 6.5 तीव्रता के भूकंप सामान्य माने जाते हैं और प्रायः व्यापक सतही क्षति नहीं करते। जापान विश्व के अत्यंत सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ जटिल ज्वालामुखीय संरचनाएँ और गहरे समुद्री गर्त मौजूद हैं। देश में आने वाले लगभग 80 प्रतिशत भूकंप सबडक्शन बलों से संबंधित होते हैं। Earthquake Today
इसी बीच डोडा जिला में सोमवार तड़के 2.2 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस किया गया। भूकंप भारतीय समयानुसार प्रातः 01:02 बजे आया। इसका केंद्र 32.95° उत्तरी अक्षांश और 76.06° पूर्वी देशांतर पर 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति क्षति की सूचना नहीं है। इससे पहले 19 जनवरी को लेह क्षेत्र में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई लगभग 171 किलोमीटर थी। उसके झटके लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न भागों में महसूस किए गए थे।
8 अक्टूबर 2005 को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में 7.6 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसने व्यापक तबाही मचाई। उस आपदा के झटके अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान और शिनजियांग क्षेत्र तक महसूस किए गए थे। इसे इस क्षेत्र की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी और प्रशांत क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए सतत निगरानी और आपदा-तैयारी अत्यंत आवश्यक है। Earthquake Today















