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    Gurugram News: जीत का लड्डू बन गया गले की फांस, जानिये क्या है मामला

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    जीत का लड्डू बन गया गले की फांस, जानिये क्या है मामला

    एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट भी गई पर कोई राहत नहीं मिली

    अब 11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

    सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा
    गुरुग्राम। 8वीं कक्षा की मार्कशीट के नाम पर फर्जीवाड़ा (forgery) करके सोहना नगर परिषद चेयरपर्सन का चुनाव जीतने वाली अंजू देवी ने तिरंगे के सामने खड़े होकर पद व गोपनीयता की शपथ तो ली, लेकिन उनकी कुर्सी खिसकते ज्यादा समय नहीं लगा। जीत का जो लड्डू उन्होंने खाया, वही उनके गले की फांस बन गया। उनकी सिर्फ कुर्सी ही नहीं गई, बल्कि उन्हें जेल तक जाना पड़ा। नगर परिषद् सोहना चुनाव के 7 महीने बाद विवादों के बीच अंजू देवी को चेयरपर्सन की शपथ सोहना के एसडीएम प्रदीप सिंह द्वारा दिलाई गई थी।

    चुनाव में अंजू देवी की ओर से पेश किए गए 8वीं कक्षा के शैक्षिक दस्तावेज को आम आदमी पार्टी की चेयरपर्सन प्रत्याशी ललिता ने फर्जी बताया था। यानी सोहना की चौधर लेने को फर्जी मार्कशीट पर भाजपा की चेयरपर्सन प्रत्याशी अंजू देवी ने चुनाव लड़ा था। आम आदमी पार्टी की चेयरपर्सन प्रत्याशी रहीं ललिता ने कहा था कि अंजू देवी ने फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ा है। पार्टी के बड़े नेताओं ने भी मीडिया में इस मामले को खूब उठाया था। इसकी शिकायत उन्होंने हर स्तर तक की। forgery

    अंजू देवी ने चुनाव लड़ने के लिए जो शैक्षिक दस्तावेज पेश किये, वे राजस्थान की तहसील राजगढ़ के गांव राजपुरा बड़ा के आदर्श पब्लिक स्कूल से 8वीं कक्षा पास करने की मार्कशीट थी। चुनाव के बाद उनकी इस मार्कशीट की जांच शुरू हुई। उक्त स्कूल संचालक भगवान उपाध्याय ने भी मार्कशीट को फर्जी बताया। 30 जून 2022 को अंजू देवी के खिलाफ राजपुरा के टहला पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज करवा दी। तभी से इस मामले में कार्रवाई जारी थी।

    तीसरी बार में हो पाई अंजू देवी की गिरफ्तारी | forgery

    अंजू देवी की गिरफ्तारी भी पुलिस इतनी आसानी से नहीं कर पाई। दो बार पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आखिरकार तीसरी बार में राजस्थान पुलिस ने उन्हें उनके सोहना में घर से ही गिरफ्तार कर लिया। सोहना नगर परिषद की चेयरपर्सन अंजू देवी ने अपने खिलाफ अलवर जिला के टहला थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करवाने और अग्रिम जमानत लेने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की थी। मंगलवार को उनकी अपील पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई। साथ ही अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 11 अगस्त 2023 की तारीख तय की। अब जमानत नहीं मिलने की सूरत में अंजू देवी का यह समय जयपुर जेल में कटेगा।

    30 जनवरी 2023 को ली थी अंजू देवी ने शपथ | forgery

    सोहना नगर परिषद की चेयरपर्सन का चुनाव जीतने के 7 महीने बाद अंजू देवी को 30 जनवरी 2023 के दिन सोहना के एसडीएम प्रदीप सिंह ने शपथ दिलाई थी और अंजू देवी कुर्सी पर विराजमान हो गई। इससे पहले परिषद की उप-चेयरपर्सन रीना देवी कार्यवाहक चेयरपर्सन थी। चेयरपर्सन की कुर्सी मिलने के साथ ही अंजू देवी उनके परिवार और प्रशंसकों ने खूब खुशियां मनार्इं। लेकिन यह खुशी उनके लिए लंबे समय तक नहीं रही और आखिरकार उन्हें फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के बदले जेल जाना पड़ा। विवाद के बीच चेयरपर्सन के रूप में अंजू देवी के शपथ दिलाने पर सोहना के एसडीएम प्रदीप सिंह ने भी कहा था कि उपायुक्त के आदेश पर अंजू देवी को शपथ दिलाई गई है। इसमें कानूनविदों से भी जानकारी ली गई है।

    ललिता ने सुप्रीम कोर्ट में भी दी चुनौती | forgery

    आम आदमी पार्टी की चेयरपर्सन प्रत्याशी रही ललिता को भले ही फर्जी मार्कशीट पर भाजपा की अंजू देवी ने 1864 वोटों से हराया हो, लेकिन ललिता ने अभी तक हार नहीं मानी है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की ओर से अंजू देवी को दिए गए स्टे को ललिता ने गलत ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। इसकी सुनवाई भी आगामी 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट करेगा।

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