हिमाचल का ‘तालिबानी सेस’ नहीं करेंगे बर्दाश्त, सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी पंजाब सरकार

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Chandigarh News: हिमाचल का ‘तालिबानी सेस’ नहीं करेंगे बर्दाश्त, सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी पंजाब सरकार

जल संसाधन विभाग के मंत्री बरिन्द्र गोयल का ऐलान, पंजाब से नहीं देंगे एक भी पैसा

  • हिमाचल प्रदेश को यह सेस लगाने का अधिकार नहीं, इस तरह बिगड़ जाएगा अंतरराज्यीय सिस्टम: गोयल

चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाइड्रो प्रॉजैक्टों पर भू-मालिया सेस लगाने के बाद पंजाब सरकार ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इस भू-मालिया सेस को ‘तालिबानी सैस’ करार देते हुए इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया है। जल संसाधन विभाग के कैबिनेट मंत्री बरिन्द्र गोयल ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीबीएमबी के हाइड्रो प्रॉजैक्टों पर हिमाचल प्रदेश सरकार को इस तरह का सेस लगाने का कोई अधिकार नहीं है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भले ही यह मामला बीबीएमबी से जुड़ा हुआ है और इसे आगे बढ़ाकर बीबीएमबी को ही उठाना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद पंजाब सरकार अपने स्तर पर भी हर जरूरी कार्रवाई करते हुए इस सेस को लागू नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से लिखित रूप में बीबीएमबी को अपना विरोध भेजते हुए तुरंत इस भू-मालिया सेस के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है, जहां हिमाचल प्रदेश द्वारा लगाए गए इस सेस को रद्द करवाया जाएगा। Chandigarh News

गोयल ने कहा कि बीबीएमबी के हाइड्रो प्रॉजेक्टों पर लगाए गए इस सेस से लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसमें से करीब 200 करोड़ रुपये पंजाब सरकार को अपनी जेब से देने पड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस तरह के सेस के लिए एक भी नया पैसा नहीं देगी और न ही इस सेस को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराज्यीय मुद्दा है और पंजाब व राजस्थान के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ भी इससे प्रभावित होंगे। इसलिए इन सभी राज्यों को भी हिमाचल प्रदेश के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

कांग्रेस हमेशा से रही है पंजाब विरोधी | Chandigarh News

गोयल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पंजाबियों के प्रति काफी नफरत रखते हैं। इसी कारण पहले भाजपा पंजाब और पंजाब के लोगों के खिलाफ फैसले लेने में लगी रही और अब हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार लगातार पंजाबियों के खिलाफ फैसले लेती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि पहले जल सेस लगाया गया था, जिसे देश की सर्वोच्च अदालत ने गलत ठहराते हुए रद्द कर दिया था। अब हिमाचल की कांग्रेस सरकार नया भू-मालिया सेस लेकर आ गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस भी पंजाब के लोगों के खिलाफ ही काम कर रही है।

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