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    प्रेरणास्रोत

    Anmol Vachan

    रूहानी सवाल-जवाब 

    जिज्ञासुओं के सवाल पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के जवाब:- प्रश्न : कोई आत्महत्या कर लेता है तो क्या यह उस इन्सान की प्रारब्ध है? यदि उसका अंत ही ऐसा है तो उसे आत्महत्या का दंड क्यों? उत्तर : एक-न-एक दिन हर किसी ने जाना है और कुदरती मृृत्यु क...
    Shah Satnam Singh Ji

    ‘‘पूर्ण सतगुरू अपने मुरीदों का साथ कभी नहीं छोड़ता’’

    यह बात 18 जुलाई 1970 की है। उस समय मेरा परिवार गांव किला निहाल सिंह वाली(बठिंडा) में रहता था। पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज वहां सत्संग फरमाने आए हुए थे। सत्संग का कार्यक्रम हमारे घर में ही था। कविराज भाई भजन बोल रहे थे। अचानक मेरे घर से रोने-च...
    Shah Satnam Ji Maharaj

    सच्चे सतगुरु जी ने शिष्य को बख्शी नई जिदंगी

    सन् 1988 की बात है। मेरी शादी के चार वर्ष उपरांत मेरे परिवार ने मुझे अलग कर दिया। मेरे सिर पर इतना कर्ज हो गया कि मैं अपनी सारी जायदाद बेचकर भी उसे उतार नहीं सकता था। एक दिन मैंने सोचा कि ऐसी जिंदगी से मरना ही बेहतर है। मैं अपने कमरे में जाकर आत्महत्...
    Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj

    ‘‘पूर्ण सतगुरू अपने मुरीदों का साथ कभी नहीं छोड़ता’’

    13 मई 1987 :- पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज गांव मोठमाजरा, जिला जींद में सत्संग फरमा रहे थे। एक शंकावादी व्यक्ति ने कहा कि जो व्यक्ति नाम लेकर नियमों को उल्लंघन करता है तो सतगुरू उसे कैसे लेकर जाएगा, क्योंकि उसने अपने सतगुरू का हुक्म तो मा...

    पाखंड से छुटकारा दिला सच्चे सतगुरू जी ने दिखाया सच्चा रास्ता

    प्रेमी कंवलजीत सिंह इन्सां सुपुत्र श्री कुलजीत सिंह इन्सां निवासी बंबीहा भाई ब्लॉक मल्ल के तहसील बाघा पुराना जिला मोगा और वर्तमान में जो कुवैत देश के जलीन नामक शहर/राज्य में रहता है। प्रेमी कंवलजीत लिखता है कि यह सन् 1992 की बात है। एक दिन मुझे स्कूल...
    Importance of Silence

    अपने आप को जानना सीखें

    लोग दुनिया को जानने की बात तो करते हैं, पर स्वयं को नहीं जानते। जानते ही नहीं, बल्कि जानना भी नहीं चाहते। खुद को जानना ही दुनिया की सबसे बड़ी नियामत है। जो खुद को नहीं जानता, वह भला दूसरों को कैसे जानेगा? दूसरों को भी जानने के लिए पहले खुद को जानना आव...
    Mastana Balochistani - Sach Kahoon

    सावण शाही मौज की बख्शिश: बागड़ तारने का आदेश

    पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने अपना सर्वस्व अपने सतगुरु बाबा सावन सिंह जी महाराज के चरणों में अर्पित कर दिया। बेपरवाह शाह मस्ताना जी का अपने मुर्शिद से इतना ज्यादा प्रेम था कि उनके प्यार, वैराग्य में हर समय आँखों से आँसू बहते रहते और जब दर्श...
    shah mastana ji sach kahoon

    प्यारे सतगुरू जी ने सीआईडी अधिकारियों के भ्रम को किया दूर

    वे बाहर के सीआईडी के लोग हैं, असीं हुए अंदर के सीआईडी।’’ वे लोग चकित रह गए कि इनको कैसे मालूम हुआ क्योंकि उनकी बात गोपनीय थी।
    shah mastana ji sach kahoon

    सच्चे सतगुुरू जी ने की भक्त की संभाल

    उत्तर प्रदेश के एक गांव गेजा से श्री मामराज ने जब पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज से नाम लिया तो उसका जीवन ही बदल गया। सतगुरू जी की याद और दर्शन पाने की तड़प उसे हर समय रहती थी। वह सभी मासिक सत्संगों पर डेरा सच्चा सौदा, सरसा पहुंचने को तैयार रहता। कई बार...

    साध-संगत की अर्ज सुनी सतगुरू ने

    पंजाब में अनेकों सत्संग फरमाने के बाद जब पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज डेरा सच्चा सौदा सिरसा लौट रहे थे, तब गांव पन्नीवाला के कुछ सत्संगी सेवादारों ने पूजनीय परम पिता जी के चरणों में अरदास की पिता जी! हमारे घरों में भी अपने पवित्र चरण टिका...
    Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj

    सच्चे सतगुरू जी ने शिष्य को बख्शी नई जिंदगी

    मैं लगभग 13-14 साल का था। हमने अभी नया घर बनाया था। घर बनाने के 5 दिन बाद मैं मकान की छत पर पानी से तराई कर रहा था कि अचानक मेरा पैर फिसल गया और मैं छत से 12 फुट की ऊंचाई से पीठ के बल गिर गया। मुझे ऐसा लगा जैसे पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महारा...

    ‘गुरू के नूरी स्वरूप में करोड़ों सूरजों का प्रकाश हैं’

    सतगुरू जी के रूहानी नजारे प्रेमी रामफल इन्सां सुपुत्र श्री भगत राम आनंद पुरी कॉलोनी, नूरवाना रोड, लुधियाना (पंजाब)। प्रेमी जी अपने सुमिरन अभ्यास के दौरान सतगुरू के प्रत्यक्ष नूरानी दीदार तथा अन्य रूहानी नजारों के बारे में बताते हैं। प्रेमी जी लिखित ...
    Shah Satnam Singh Ji Maharaj

    शहनशाही रहमत : ‘‘नहीं, तू सीधा उनके घर जाना। तू डर मत, हम तेरे साथ हैं। ऐसा कुछ नहीं होगा।’’

    गांव लालेआणा(भटिंडा) में एक ऐसा परिवार था जिसका वहां के एक परिवार से काफी मनमुटाव था। इस परिवार का मुखिया हमेशा अपने पास हथियार रखता था। उसने पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम दान लिया हुआ था। एक दिन वह पूजनीय परम पिता जी से मिला। उसे देखकर ...
    Saint Dr. MSG (Gurmeet Ram Rahim Singh Ji) taught the lesson of humanity - Sach Kahoon

    सतगुरु जी की रहमत से भयानक बीमारी हुई ठीक

    बहन दविंदर कौर इन्सां पत्नी प्रेमी जसवीर सिंह इन्सां पुत्र प्रेमी जीवन राम इन्सां, निवासी गाँव बनूड़, तहसील राजपुरा, जिला पटियाला (पंजाब) ने स्वयं पर हुए पूज्य हजूर पिता संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन रहमो-करम को इस प्रकार बयान करती है...
    Shah-Satnam-Singh-Ji-Mahara

    सतगुरू के प्रेम में गांव-गांव नाचता रहा असली रांझा

    प्रेमी रांझा राम लिखते हैं कि उसकी पत्नि ने बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज से नाम शब्द प्राप्त किया हुआ था। शुरू-शुरू में वह उसे सत्संग में जाने नहीं देता था। वह छिप-छिप कर सत्संग में जाती थी।एक दिन उसने बेपरवाह जी के सामने उसकी शिकायत करते हुए उपरोक्...
    Saha-Mastana-Ji-Maharaj

    प्यारे सतगुरू जी के महान परोपकार

    सेवा का फल प्रेमी जंगीर सिंह निवासी लोहाखेड़ा, फतेहाबाद सतगुरु की साक्षात रहमत को इस प्रकार बयां करते हैं। ये बात 10 अक्तूबर, 1988 की है। मैं बिजली बोर्ड में लाइनमैन के पद पर नियुक्त था। मुझे मासिक सत्संग पर आश्रम में जाना था, परंतु छुट्टी न मिलने के...
    Precious words by Saint Dr. MSG

    पूज्य गुरु जी ने स्वयं प्रकट होकर प्रेमी को भारी मुसीबत से बचाया

    प्रेमी गुरचरण सिंह पुत्र कृपाल सिंह गांव काट दुन्ना जिला संगरूर (पंजाब) से सतगुरु की उस पर हुई दया-मेहर का एक करिश्मा इस प्रकार वर्णन करता है:- 27 फरवरी 1995 की सुबह को वह अपने घर में अर्द्ध निंदा की अवस्था में सोया हुआ था। उसे स्वप्न आया कि उसका स्...
    Mastana Balochistani - Sach Kahoon

    ‘‘मस्ताना पैसों का भूखा नहीं है, मस्ताना प्यार का भूखा है’’

    जब लगी तरबूज की बोली मोती राम जिन्हें पूजनीय शाह मस्ताना जी महाराज प्यार से प्रह्लाद कहकर पुकारते, वाल्मीकि चौक सरसा का रहने वाला पुराना सत्संगी कविराज है। उसकी इच्छा थी कि हमारे इलाके के लोग शराब एवं मांस आदि का सेवन करते हैं यह सब बुराईयां दूर होन...
    Incarnation Day, shah Mastana Ji Maharaj, Dera Sacha Sauda, Gurmeet Ram Rahim

    सतगुरू ने बख्शी नजर

    सन् 1975 की बात है। एक बार पूजनीय परम पिता जी शाम की मजलिस समाप्त करके पानी वाली डिग्गी की तरफ इशारा करके सेवादारों को कहने लगे, ‘‘पानी की डिग्गी के पास र्इंट के टुकड़े पड़े हैं, उनको उठाकर काल-बुत के पास वाली जगह पर रख दो।’’ पूजनीय परम पिता जी के हुक्...
    Mastana Balochistani - Sach Kahoon

    सच्चे सतगुरु जी ने सेवादार को सांप से बचाया

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    ‘‘हमनें तो पहले ही कहा था कि भक्त को कहीं सांप न खा जाए। इसलिए तेरे पास आए हैं, तेरा सतगुरू साथ है।’’ एक बार खेतों में दो सेवादारों के साथ पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज जी पैदल दूर तक निकल गए। एक सेवादार ने बाबा जी से कहा कि सांई जी, हम काफी ...
    Anmol Vachan

    पूज्य गुरू जी ने जीव को बख्शी नई जिंदगी

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    प्रेमी बलविन्द्र सिंह इन्सां सुपुत्र श्री गुरनाम सिंह निवासी सफीपुर खुर्द ब्लॉक दिड़बा जिला संगरूर(पंजाब)। प्रेमी अपने प्यारे सतगुरू संत डॉ. एमएसजी (पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां) की अपार रहमत का एक जबरदस्त करिश्मा इस प्रकार वर्णन ...
    Spirituality

    रूहानी करिशमा : 15 मिनट का रहस्य

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    हमारे गांव का एक सत्संगी था, जिसे नाम लिए थोड़ा ही समय हुआ था। कुछ दिनों के बाद ही बुरी संगत में पड़कर उसने वचन यानि परहेज तोड़ दिए और मन के झांसे में आकर उसने अपने सतगुरू की निंदा करनी शुरू कर दी। वह एक दिन अपने साथी को कहने लगा कि मुझे रात को सच्चे सौ...
    Shah-Satnam-Singh-Ji-Mahara

    सच्चे सतगुरू जी ने नाम देकर छुड़वाया नशा

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    गांव धन्न सिंह खाना में अवतार सिंह नामक व्यक्ति था। वह शराब व मांस का अत्यधिक सेवन करता था और गलियों में गिरा रहता था। किसी सत्संगी ने उसे नाम लेने के लिए कहा कि तू नाम ले ले, तेरी चौरासी कट जाएगी और शराब और मांस आदि चीजों से बच जाएगा। उसने सत्संगी स...
    terrorist-attack-in-uri

    उरी में आतंकी हमला

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    पांच साल पहले आज ही के दिन 18 सितंबर 2016 को उरी में हमला हुआ था। सुबह साढ़े पांच बजे जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर्स पर हमला किया था। हमले में 19 जवान शहीद हुए। कई घायल हुए। सेना ने 6 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में चारों ...
    Param Pita Shah Satnam Ji Maharaj

    ‘‘बेटा, धरती को बुरा नहीं कहते। देखना, कुछ समय लगेगा यह जमीन एक दिन तुम्हें हीरे-मोती देगी’’

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    सन् 1985 की बात है। उस समय पंजाब में आतंकवाद का बोलबाला था। हम पूजनीय परम पिता जी के पास आए और अपने काम-धन्धे के बारे में बताया। पूजनीय परम पिता जी फरमाने लगे, ‘‘बेटा, पंजाब के हालात अभी ठीक नहीं है। हम एक सलाह देते हैं कि अपने आभूषण आदि सब बेचकर जमी...