हरियाणा सरकार के खातों से उड़ाई गई रकम
- चंडीगढ़ शाखा के कर्मचारियों ने किया गोलमाल
नई दिल्ली (एजेंसी)। IDFC First Bank Scam: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। यह घोटाला बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हुआ और इसमें हरियाणा सरकार के खाते शामिल हैं। बैंक के अनुसार, इस मामले में चार संदिग्ध कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और जांच जारी है। New Delhi
बैंक ने शेयर बाजार को बताया है कि वह इस धोखाधड़ी में शामिल कर्मचारियों और बाहरी लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक, दीवानी और आपराधिक कार्रवाई करेगा। बैंक के अनुसार, बैंक ने इसको लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है और जांच में सहयोग का भरोसा दिलाया। बैंक ने कुछ लाभार्थी बैंकों से उन खातों में जमा रकम को फ्रीज करने का अनुरोध भी किया है, जिनमें संदिग्ध लेनदेन हुआ है। इसके अलावा, बैंक एक स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से मामले की फॉरेंसिक जांच भी करवा रहा है। दरअसल ये पूरा मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार ने बैंक से अपना खाता बंद करने और पैसे किसी दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान, बैंक को खातों में बताई गई राशि और असल जमा राशि के बीच कुछ गड़बड़ी दिखी।
दरअसल, 18 फरवरी 2026 से हरियाणा सरकार के कुछ विभागों ने बैंक से अपने खातों के बारे में संपर्क करना शुरू किया था। इसी दौरान, बैंक के खातों में जमा राशि और सरकार द्वारा बताई गई राशि के बीच अंतर पाया गया। बैंक ने साफ किया कि यह धोखाधड़ी सिर्फ चंडीगढ़ ब्रांच में हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खास खातों तक ही सीमित है। इसका असर बैंक के दूसरे ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। बैंक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बैंक इस मामले की गहराई से जांच करवा रहा है ताकि असली दोषियों का पता लगाया जा सके और सरकारी पैसों की रिकवरी की जा सके। New Delhi
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