
प्रताप नगर (सच कहूँ/राजेंद्र कुमार)। Pratap Nagar News: कन्यावाला पंचायत की लगभग 100 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जों के मामले में गांव के सरपंच ने खुद सीएम विंडो पर शिकायत दे दी है। नवनिर्वाचित सरपंच द्वारा अपने कार्यकाल की शुरुआत होने के बाद से लगातार ब्लाक कार्यालय को पंचायती जमीन की निशानदेही के प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद पैमाइश न कराए जाने पर अब थक हार की सीएम विंडो व डीसी को शिकायत दी गई है। जिसमें कुछ अवैध कब्जाधारियों के नाम भी दिए गए हैं। वहीं ब्लाक कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि जब भी पंचायत से जमीन की पैमाइश का प्रस्ताव आया उसको निशानदेही के लिए तहसील कार्यालय को लिख दिया गया, मगर तहसील कार्यालय द्वारा जमीन की पैमाइश को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
कन्यावाला पंचायत के अंतर्गत आने वाले एरिया बेलगढ़ व मुजैहदवाला में अवैध खनन पर सरपंच को बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद सरपंच ने न केवल अधिकारियों को अपना जवाब दिया, बल्कि सीएम विंडो के माध्यम से कहा है कि पंचायत का कार्य लिखित में बीडीपीओ कार्यालय को प्रस्ताव देना है, आगे निशानदेही का काम अधिकारियों का है। उनके द्वारा बार-बार लिखे जाने के बावजूद अगर निशानदेही नहीं करवाई जाती है तो उसकी जवाबदेही सरपंच या पंचायत की नहीं हो सकती।
अवैध खनन के मामले में सरपंच को दिया गया था नोटिस | Pratap Nagar News
कन्यावाला पंचायत के अंतर्गत आने वाले बेलगढ़ व मुजैहदवाला में पंचायती व निजी जमीन में अवैध खनन के मामले में सरपंच को बीडीपीओ व डीसी कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि आपके नियंत्रण में मौजूद भूमि में अवैध खनन का कार्य किया जा रहा है ओर आप अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से नहीं निभा पा रहे हैं। इससे ग्राम पंचायत को वितिय हानी होती है। इसी कड़ी में एक नोटिस ग्राम सचिव को भी दिया गया। सरपंच ने इस संबंध में अपना जवाब भी दिया।
वहीं प्रतापनगर बीडीपीओ कार्यालय द्वारा पंचायत से मिले इस प्रस्ताव के बाद पत्र क्रमांक 26 दिसंबर 24 को प्रतापनगर के नायब तहसीलदार को पत्र क्रमांक 6663 में लिखा कि पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार ग्राम पंचायत कन्यावाला व उसके अंतर्गत आने वाले बेलगढ़ व मजैहदवाला में निशानदेही करवाई जानी है। इसके खसरा नंबर प्रस्ताव में लिखे हुए हैं। इन तीनों गांवों की निशानदेही करवाना अति आवश्यक है क्योंकि ग्राम पंचायत की पंचायती भूमि पर माइनिंग हो रही है। इसलिए इनकी निशानदेही करवा कर निशानदेही की प्रति उनके कार्यालय को भिजवाएं।
आज तक नही हुई निशानदेही
ग्राम पंचायत कन्यावाला की सैकड़ों एकड़ जमीन दशकों से अवैध कब्जे में है जिसको मुक्त कराने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा गंभीरता न दिखाए जाने की वजह से हर साल राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। अगर एक एकड़ जमीन की पटटा राशि 40 हजार भी लगाई जाए तो 100 एकड़ पर प्रति वर्ष 40 लाख का नुकसान हो रहा है। यानी दस वर्ष का अनुमान ही लगाया जाए तो करोड़ों का चूना पंचायत को लग चुका है।
जवाबदेही ब्लाक कार्यालय की या तहसील कार्यालय
सच कहूं ने प्रमुखता से अवैध कब्जा और अवैध खनन का मुद्दा उठाया । अवैध खनन का मामला उठने के बाद अब अवैध कब्जों की बात भी सामने आई है। इससे पहले विभाग या पंचायत के अलावा किसी को जानकारी नहीं थी कि सैकड़ों एकड़ पंचायती जमीन अवैध कब्जे में है। पंचायत ने तो इस संबंध में प्रस्ताव डालकर खंड कार्यालय को भेज दिया। मगर अब 2024 के पत्र के बाद भी अगर निशानदेही नहीं होती है तो इसकी जिम्मेदारी या तो खंड कार्यालय की बनती है या फिर तहसील कार्यालय की। Pratap Nagar News
इस बारे में जब बीडीपीओ अभिषेक से बात करने का प्रयास किया गया । बीडीपीओ कार्यालय की ओर से 4से 5 बार तहसील कार्यालय को निशान देही के लिए लिखा जा चुका है। पता नहीं क्यों निशान देही कर रहे हैं। निशान देही का काम तहसील कार्यालय की है।
जब इस बारे डीडीपीओ नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में चेक करके बता सकते हैं कि आखिर किस स्तर पर लापरवाही हुई है।
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