हमसे जुड़े

Follow us

17.3 C
Chandigarh
Monday, January 19, 2026
More
    Home देश स्कूल सुरक्षा...

    स्कूल सुरक्षा अधिनियम लागू करो, जगबीर पानू को दो शहीद का दर्जा : शिक्षक समाज

    Narwana
    Narwana स्कूल सुरक्षा अधिनियम लागू करो, जगबीर पानू को दो शहीद का दर्जा : शिक्षक समाज

    नरवाना (राहुल)। हरियाणा में स्कूलों में बढ़ती हिंसक घटनाओं को लेकर शिक्षक समाज ने राज्य सरकार से स्कूल सुरक्षा अधिनियम लागू करने की जोरदार मांग की है। शिक्षक जगबीर पानू की छात्र द्वारा की गई नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश के शिक्षकों को झकझोर दिया है। शिक्षक समाज ने मुख्यमंत्री से जगबीर पानू को शहीद का दर्जा, उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।

    फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

    नरवाना में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न प्राइवेट स्कूल संचालकों ने आज एसडीएम जगदीश चंद्र को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रधान सतीश ने बताया कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों में चाकू और बंदूक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शिक्षक अब भय के माहौल में पढ़ाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में शिक्षक छात्रों में न अनुशासन विकसित कर पा रहे हैं और न ही नैतिक शिक्षा दे पा रहे हैं। प्रधान सतीश ने कहा कि हाल ही में हिसार जिले के गांव में शिक्षक जगबीर पानू की छात्र द्वारा की गई हत्या ने पूरे शिक्षक समाज को हिलाकर रख दिया है। उन्होंने मांग की कि इस मामले को देखते हुए जगबीर पानू को “शहीद” का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाए।

    नाबालिगों पर सख्त कार्रवाई की मांग

    ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अधिकतर छात्र 18 वर्ष से कम आयु के होते हैं, और उनमें यह धारणा बन गई है कि नाबालिग होने के कारण उन्हें गंभीर अपराध पर भी कठोर दंड नहीं मिलेगा। यह प्रवृत्ति उन्हें आपराधिक जीवन की ओर धकेल रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि नाबालिगों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों को “जघन्य अपराध” की श्रेणी में शामिल कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

    मुख्य मांगें

    स्कूल सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए।
    शिक्षक जगबीर पानू को शहीद का दर्जा मिले।
    उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
    नाबालिग छात्रों द्वारा जघन्य अपराध पर सख्त दंड का प्रावधान किया जाए।