अंगूठा नहीं लगा तो नहीं बिकेगी फसल, ट्रैक्टर पर नम्बर प्लेट जरूरी
सुबह 6 से रात 8 बजे के बीच बिकेगी फसल
वहीं इस बार फसल लाने का समय भी निर्धारित किया गया है। किसान सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक ही अपनी उपज मंडियों में ला सकेंगे।इस समय के दौरान ही गेट पास जारी किया जाएगा। रात के समय, जैसे 12 बजे या 3 बजे, गेट पास जारी नहीं किया जा सकेगा। इसके बाद का समय केवल फसल के उठान (लिफ्टिंग) के लिए निर्धारित रहेगा, जिससे मंडियों में जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण नियम बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़ा है। किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और मंडी गेट पर आधार आधारित अंगूठा सत्यापन कराना होगा। इसमें थोड़ी राहत की बात यह है कि किसान अपने साथ तीन अन्य अधिकृत व्यक्तियों को भी पोर्टल पर जोड़ सकते हैं, इससे अगर किसान खुद मंडी में नहीं आ सकता, तो उसके द्वारा नामांकित तीनों व्यक्तियों में से कोई एक अपनी बायोमेट्रिक पहचान के साथ फसल बेचने आ सकता है। Farmers News
अंगूठा लगाने का नियम किसानों के लिए परेशानी: महाबीर चहल
चढ़ूनी संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष महाबीर चहल नरड़ ने कहा कि मंडियों में पहले से ही किसानों को कई प्रकार की औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है और अब अंगूठा लगाने का नियम लागू करने से किसानों को सीजन के अहम समय में लाइन में लगकर समय बर्बाद करना पड़ेगा। किसान खेत में मशीन देखेगा या लाइन में लगकर अंगूठा लगाएगा । वही गेंहू की कटाई जयादातर रात को ही होती है ऐसे में रात में फसल न बिकने का नियम भी गलत है।
मंडी सचिव नरेंद्र ढुल ने किसानों और आढ़तियों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा तय किए गए नए नियमों का पालन करें। पिछले वर्षों में फर्जी गेट पास के जरिए कुछ लोग दूसरों की फसल बेच देते थे, जिससे वास्तविक किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। नए नियमों के लागू होने से इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगेगी और खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो जाएगी। Farmers News















