हमसे जुड़े

Follow us

18.2 C
Chandigarh
Wednesday, March 25, 2026
More
    Home देश पेट्रोल-डीजल ...

    पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ी बिक्री

    Battery Charging Problem
    Battery Charging Problem of Electric Vehicles: इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ज्यादा समय में होने वाली बैटरी चार्जिंग एक बड़ी समस्या

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन मिलने, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और नए मॉडल के वाहनों की लॉन्चिंग से देश में वित्त वर्ष 2021-22 में इलेक्ट्रिक (Electric Vehicles) दोपहिया वाहन की बिक्री बढ़ी है। यह बात काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर-सेंटर फॉर एनर्जी फाइनेंस-सीईईडब्ल्यू-सीईएफ की गुरुवार को यहां जारी मार्केट हैंडबुक के नए संस्करण में सामने आई है।

    इसमें कहा गया है कि पेट्रोल-डीजल की बढोतरी तथा बेहतर नये मॉडलों के सामने आने के कारण विशेष रूप से दुपहिया वाहनों की बिक्री में उछाल आया है। हैंडबुक के अनुसार आलोच्य वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 230 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी के साथ 4.2 लाख यूनिट रही जो पिछले वित्त वर्ष में 1.2 लाख यूनिट थी। गत वित्त वर्ष में बिके कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2.6 प्रतिशत से ज्यादा रही जो पहले साल से एक प्रतिशत से भी कम थी।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढोतरी की वजह ई-वाहनों के विनिर्माण और चलन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजना- फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक एंड हाइब्रिड व्हीकल की दूसरी योजना के तहत सरकारी प्रोत्साहन के साथ-साथ पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी और नए मॉडल्स की पेशकश ने शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों और विशेष रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की बिक्री बढी है। केंद्रीय बजट 2022-23 में फेम-दूसरी योजना के लिए आवंटित धनराशि बढ़कर 2,908 करोड़ रुपये की गई जो वित्त वर्ष 2021-22 में 800 करोड़ रुपये थी

    क्या कहते हैं आंकड़े…

    बिजली उत्पादन को लेकर दिये गये आंकड़े में कहा गया है कि 2021-22 के दौरान कुल कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत घटी है। इस दौरान बिजली की पीक हवर डिमांड अभूतपूर्व रही। सीईईडब्ल्यू-सीईएफ ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मार्च 2022 में इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles)  कुल वाहन बिक्री में चार प्रतिशत की हिस्सेदारी को पार कर गए।

    ये आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की तरफ बहुत ही ज्यादा रहा है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की चार्जिंग के लिए ढांचागत व्यवस्था जो बदलाव हुए हैं उसमें छोटे कस्बों और शहरों की भागीदारी आने वाले समय में बढ़ जाएगी।

    अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here